पांच साल पहले नींव भरते समय मिनि पंजाब होटल संचालक को थामाया था नोटिस, नहीं माने तो करोड़ों का होटल ध्वस्त

टाउन कंट्री प्लानिग विभाग की बड़ी कार्रवाई साउथ बाईपास पर होटल गोदाम सहित 12 अवैध निर्माण ढहाए।

JagranWed, 22 Sep 2021 07:35 AM (IST)
पांच साल पहले नींव भरते समय मिनि पंजाब होटल संचालक को थामाया था नोटिस, नहीं माने तो करोड़ों का होटल ध्वस्त

- टाउन कंट्री प्लानिग विभाग की बड़ी कार्रवाई साउथ बाईपास पर होटल, गोदाम सहित 12 अवैध निर्माणों को तोड़ा

- दो वर्ष पहले टाउन कंट्री प्लानिग विभाग ने दिया था नोटिस मगर अवैध निर्माण करने वालों ने हर नोटिस को किया दरकिनार

- दो-दो मंजिला बना रखा था निर्माण फोटो- 15, 16, 17, 19, 20, 23, 25

जागरण संवाददाता, हिसार।

टाउन कंट्री प्लानिग विभाग ने मंगलवार को शहर के साउथ बाईपास पर बड़ी कार्रवाई की है। जिला टाउन कंट्री प्लानिग अधिकारी यानि डीटीपी ने भारी पुलिस बल के साथ साउथ बाईपास पर करोड़ों रुपयों से खड़ा किया होटल मिनी पंजाब सहित 12 अवैध निर्माणों को धवस्त करा दिया। जो निर्माण धवस्त कराए गए उसमें एक मिनी पंजाब होटल, एक ढाबा, चार प्रोपर्टी डीलरों के कार्यालय व छह ओद्यौगिक रूप में प्रयोग किए जाने वाले गोदाम शामिल रहे। खास बात यह है कि इस बड़ी कार्रवाई में सबसे बड़ा नुकसान होटल मिनी पंजाब का हुआ है। साउथ बाईपास पर यह सबसे महंगी प्रोपर्टी थी। विभाग की मानें तो जिस समय होटल की नींव रखी जा रही थी यानि 2017 में तभी संचालकों को टाउन कंट्री प्लानिग विभाग ने पहला नोटिस देकर निर्माण रोकने को कहा था मगर इसके बावजूद निर्माण का कार्य चलता रहा। अब मंगलवार को पांच साल बाद इस मामले में धवस्तीकरण कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही बीच में जितने भी डीटीपी रहे उनकी तरफ से इस प्रोपर्टी की तरफ नजर भी नहीं डाली गई। अब यह रसूख का ही असर था कि कोई भी डीटीपी इस होटल पर कार्रवाई नहीं कर पाया।

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पांच घंटे लगे पूरा होटल ढहाने में

टाउन कंट्री प्लानिग के कार्यक्रम में साउथ बाईपास पर कई अवैध निर्माण थे। मगर सबसे बड़ी प्रोपर्टी मिनी पंजाब ढाबा ही थी। यहां सुबह 11 बजे से जेसीबी चलनी शुरू हुई तो पांच घंटे तक तोड़ फोड़ ही चलती रही। यह होटल सातरोड निवासी मनोज पूनिया है। इस होटल मे कई कपरे थे यहां इस रास्ते से गुजरने वाले लोग ठहराव के रूप में प्रयोग करते थे। वहीं अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस होटल में खाने पीने आदि की सुविधाएं थी। इस साल अवैध निर्माणों में की गई कार्रवाई में यह सबसे बड़ी कार्रवाई की है।

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मिनी पंजाब होटल का पांच वर्ष में यह चला पूरा केस

- 2017 में डीटीपी ने डीपीसी भरते समय ही नोटिस थमाया

- इस नोटिस के खिलाफ स्टे के लिए होटल संचालक ने निचली अदालत में केस किया।

- होटल संचालक ने पहली बार सीएलयू के लिए आवेदन किया मगर रेस्टोरेंट ओर होटल के लिए साउथ बाईपास पर अनुपति नहीं है इसलिए रिजेक्ट हो गया।

- इसके बाद होटल संचालक ने दूसरे बाद सीएलयू के लिए आवेदन किया तो वह भी नियम पूरे न होने पर रिजेक्ट हो गई।

- वर्ष 2018 में टाउन कंट्री प्लानिग विभाग ने थाना सदर में एफआईआर करा दी।

- निचली अदालत ने स्टे आर्डर के लिए लगाई याचिका को खारिज कर दिया।

- इसके बाद होटल संचालक ने सेशन कोर्ड में स्टे के लिए याचिका दायर की जो अभी भी न्यायालय में लंबित है।

- इस पूरे प्रोसेस में पांच वर्ष का समय लग गया। प्रोपर्टी डीलरों ने भी तैयार किया अवैध निर्माण

साउथ बाईपास पर चार प्रोपर्टी डीलर, जिसमें महाकाल प्रोपर्टीज, राइजिग एस्टेट, सहारण प्रोपर्टीज आदि ने अपने दफ्तर बना रखे थे। इन अत्याधुनिक कार्यालयों को तोड़ने में टाउन कंट्री प्लानिग विभाग ने एक घंटे से अधिक का समय नहीं लगाया । खास बात यह है कि इन प्रोपर्टी डीलरों को जानकारी थी कि यहां निर्माण करना अवैध है फिर भी यहां निर्माण किया गया। प्रोपर्टी डीलरों को आशा थी कि उनके कार्यालय नहीं टूटेंगे मगर एक-एक कर डीटीपी ने सभी को तुड़वा दिया। इस कार्रवाई के दौरान डीटीपी जेपी खासा खुद मौके पर पूरी कार्रवाई को देखते रहे।

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जब ढाबे पर गरजा महाबली

साउथ बाईपास पर ही होटल मिनी पंजाब के आगे एक ढ़ाबा बना रखा था। यहां हरियाली से ढाबे को सजाया हुआ था तो पीछे की तरफ पूरा निर्माण था। यहां डीटीपी का महाबली चला तो ढ़ाबे का निर्माण पूरा गिर गया। इस दौरान ढाबा संचालक भी मौजूद रहे। हालांकि यहां पर अपना सामान पहले ही निकाल लिया गाय था। इस कारण से माल के रूप में निर्माण का ही नुकसान हुआ।

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छह गोदामों में चल रहा था काम

टाउन कंट्री प्लानिग के बार-बार समाने के बावजूद उद्योग के रूप में प्रयोग किए जाने वाले छह गोदामों के संचालकों ने इसके लिए सीएलयू नहीं ली। ऐसे में डीटीपी ने पहले ही नोटिस दे दिया कि आपने निर्माण नहीं हटाया तो तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी जाएगी। ऐसे में मंगलवार को जेसीबी ने छह फैक्ट्री गोदामों को एकएक कर तोड़ने की कार्रवाई की। इन 12 अवैध निर्माण को तोड़ने में सात घंटे का कुल समय लगा। इन गोदामों की रजिस्ट्री है मगर यह अवैध कालोनियों के प्लाटों पर स्थित हैं। इसमें से एक गोदाम संचालक ने सीएलयू के लिए आवेदन किया मगर उसका नतीजा भी सिफर रहा।

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क्या कारण था जो अवैध निर्माणों को तोड़ना पड़ा

टाउन कंट्री प्लानिग विभाग के अनुसार हिसार कंट्रोल एरिया नोटिफाई क्षेत्र है। ऐसे में यहां किसी भी निर्माण के लिए टाउन कंट्री प्लानिग विभाग से सीएलयू यानि चेंज आफ लैंड यूज लेना पड़ता है। सीएलयू के लिए आवेदन प्रक्रिया भी सामान्य है।

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अब आगे क्या

टाउन कंट्री प्लानिग विभाग की मानें तो तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अब जो नई कालोनियां कोलोनाइजर काट रहे हैं वहां कार्रवाई की जा सकती है। खासकर उन स्थानों पर जहां कार्ड सिस्टम के तहत प्लाट बेचे जा रहे हैं। इसके साथ ही कामर्शियल अवैध निर्माणों पर विभागों की विशेष नजर बनी हुई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अभी भी कई कोलोनाइजर अवैध कालोनियां धड़ल्ले से काट रहे हैं। ऐसी कालोनियों की विभाग लिस्ट भी तैयार कर रहा है। लोगों के लिए सलाह

कार्रवाई के दौरान लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को बताया गया कि बिना जानकारी के कहीं भी प्लाट न खरीदें। प्लाट खरीददते समय टाउन कंट्री प्लानिग विभाग में आकर एक बार जरूर जानकारी लें। ताकि आगे चलकर उनका नुकसान न हो। वर्जन----------

हिसार कंट्राल एरिया में शामिल है। यहां टाउन कंट्री प्लानिग की एनओसी के बिना निर्माण नहीं किया जा सकता है। हम लोगों को समझा रहे हैं फिर भी अवैध निर्माण लोग कर रहे हैं ऐसे में विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ।--------जेपी खासा, डीटीपी

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