Hisar News: स्वच्छ भारत मिशन पर लगा दाग, अग्निशमन यंत्रों की निकली तारीख, शौचालय को बनाया स्टोर रूम, हालत जर्जर

हिसार लघु सचिवालय में माक ड्रिल के माध्यम से आग लगने पर बचाव के तरीकों की प्रैक्टिस की गई थी। जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग का सहयोग लिया है। मगर यह तो एक प्रक्रिया थी जिसे पूरा कर अपना नाम दिखाना था।

Naveen DalalThu, 16 Sep 2021 06:45 AM (IST)
हिसार लघु सचिवालय में शौचालय को बनाया स्टोर रूम।

हिसार, जागरण संवाददाता। हिसार लघु सचिवालय में प्रथम तल से लेकर चौथे माले तक आप नजर घुमाएंगे तो कमियां ही कमियां मिल जाएंगी। जिन्हें देखने वाला तक कोई नहीं है। यहां अगर आग लग जाए तो अग्निशमन यंत्र सफल होंगे या नहीं इस पर भी सवाल है तो अगर आपको शौच जाना हो तो उसके लिए भी साफ स्थान खोजना होगा। आम जनता तो काम चला भी ले मगर कर्मचारियों का हाल बुरा है। वह तो अपनी बात भी नहीं उठा सकते हैं।

दरअसल हिसार लघु सचिवालय में सब ठीक चल रहा है, व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं लोगो को सुविधाएं मिल रही हैं। अक्सर ऐसे ही वाक्यों से अफसरान लघु सचिवालय की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के समक्ष रखते हैं। मगर स्थिति यह नहीं बल्कि इसके विपरीत है। अफसरों ने अपने लिए तो व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर रखी हैं मगर जनता के साथ वैसा ही व्यवहार हो रहा है जैसा कि परायों के साथ होता है।

इन तीन केस से समझिए लघु सचिवालय प्रशासन किस प्रकार सो रहा है।

अग्निशमन यंत्र हुए एक्सपायर

कुछ समय पहले ही लघु सचिवालय में माक ड्रिल के माध्यम से आग लगने पर बचाव के तरीकों की प्रैक्टिस की गई थी। जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग का सहयोग लिया है। मगर यह तो एक प्रक्रिया थी जिसे पूरा कर अपना नाम दिखाना था। आज हालत यह है कि कई अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो गए हैं। अगर आप लघु सचिवालय के चौथे माले पर जाएंगे तो यहां उद्योग विभाग से लेकर कई अन्य विभागों का नाम लिखा है। वहां जो अग्निशमन यंत्र लगे हैं वह इस साल फरवरी माह में ही एक्सपायर हो चुके हैं। यहां एक दो यंत्र एक्सपायर नहीं बल्कि कई समय बीत चुके यंत्र लगे हैं। अगर इस माले पर आग लग जाए तो यह चलेंगे या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है।

प्रथम तल के शौचालय को बनाया स्टोर

लघु सचिवालय के प्रथम तल पर शौचालय मौजूद है। जिसका प्रयोग मुख्यत: कर्मचारी करते थे। अगर लोग आ जाएं तो वह भी यहां जाया करते थे। मगर पिछले कुछ समय से अब इस शौचालय को बंद कर स्टोर बना दिया गया है। अब कर्मचारियों या लोगों को शौचालय के लिए लघु सचिवालय के पीछे खुले में जाने को मजबूर होना पड़ता है।

तीसरे और चौथे माले पर शौचालय की दुर्दशा

लघु सचिवालय के डीसी कार्यालय वाले तल पर शौचालय की व्यवस्था काफी अच्छी है। मगर तीसरे और चौथे तल पर पब्लिक टायलेट से भी अधिक दुर्दशा यहां के शौचालयों की है। अधिकारियों ने तो अपने कार्यालयों में शौचालय बना रखे हैं मगर लोगों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले न तो ढंग से साफ हो रहे हैं और कई तो जीर्णशीर्ण अवस्था में है। यही हाल महिलाओं द्वारा प्रयोग किए जाने वाले शौचालयों को है।

खिड़कियों से फेंका जाता है कूड़ा

सबसे बड़ी कमी तो यह है कि सरकार के जो विभाग स्वच्छ भारत मिशन का नारा देते हैं वही इतने लापरवाह हैं कि ऊपर स्थित खिड़कियों से नीचे कचरा फेंक देते हैं। जो लघु सचिवालय में एकत्रित हुआ पड़ा है। सिर्फ यह नहीं बल्कि तीसरे फ्लोर की रैंप पर गैर जरूरी सामन रखा है और लघु सचिवालय में विभिन्न स्थानों पर कबाड़ का ढ़ेर आपको मिल जाएगा। अधिकारी दिनभर वहीं से गुजरते हैं मगर देखने की फुरसत नहीं है।

तीन वर्ष पहले एडीसी के नेतृत्व में बनाई थी कमेटी

करीब तीन वर्ष पहले लघु सचिवालय में इन्ही समस्याओं को लेकर एडीसी के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया था। जिसमें चारों फ्लोर पर जिन अधिकारियों के कार्यालय हैं उनकी जिम्मेदारी लगाई थी कि वह इस व्यवस्था को सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही एडीसी इसका सप्ताह में एक बार निरीक्षण करेंगे। मगर समय के साथ अधिकारी बदलते तो उनके नियम और सुव्यवस्था से कुव्यवस्था की तरफ सिस्टम चल पढ़ा।

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