तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी के खिलाफ हरियाणा में FIR दर्ज

अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ इंस्टाग्राम पर अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में बबीजा जी पर एफआईआर दर्ज हुई

जिन धाराओं में मुनमुन दत्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है यह सारी धाराएं गैर जमानती हैं और इन धाराओं में अग्रिम जमानत का प्रावधान भी नहीं है। लिहाजा यह मुकदमा दर्ज होने के चलते मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी मुसीबतों में फंसती नजर आ रही हैं।

Manoj KumarThu, 13 May 2021 02:06 PM (IST)

हांसी/हिसार, जेएनएन। तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम अभिनेत्री मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी के खिलाफ नेशनल अलायंस फ़ॉर दलित हुमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन की शिकायत पर हरियाणा में एफआईआर दर्ज हुई है। हिसार जिला स्थित थाना शहर हांसी की पुलिस ने एक औपचारिक एफआईआर दर्ज की है।  एफआईआर Section 153 A, 295A भारतीय दंड संहिता व धारा 3(1)(r), 3(1)(s), 3(1)(u) अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज की गई है।

बता दें कि जिन धाराओं में  मुनमुन दत्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है यह सारी धाराएं गैर जमानती हैं और इन धाराओं में अग्रिम जमानत का प्रावधान भी नहीं है। लिहाजा यह मुकदमा दर्ज होने के चलते मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी मुसीबतों में फंसती नजर आ रही हैं।

मामला यह है कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा की अभिनेत्री मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डाली थी जिसमें उसने कहा था कि उन्हें यूट्यूब पर आना है तथा वे अच्छा दिखना चाहती हैं। वे एक जाति विशेष जैसा नहीं दिखना चाहती। यह कहकर मुनमुन दत्ता ने अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ एक अपमानजनक टिप्पणी कर दी।

जिसको लेकर नेशनल अलायंस फ़ॉर दलित हुमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने 11 मई को हांसी की पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत व आरोपी मुनमुन दत्ता की वीडियो वाली सीडी प्रस्तुत की थी। जिस पर हांसी की पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत ने थाना शहर हांसी को एफआइआर दर्ज करने के आदेश दे दिए। जिसके बाद थाना शहर हांसी में मुनमुन दत्ता के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली गई।

कुछ इस तरह से ही युवराज सिंह ने भी इंस्टाग्राम पर दलित समाज के खिलाफ एक अभद्र टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद हांसी के थाना शहर में ही उनके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें गिरफ्तारी से बचने के लिए युवराज सिंह ने हाई कोर्ट का रुख किया हुआ है और वे भी अनुसूचित जाति समाज पर टिप्पणी करने के चलते कानूनी पचड़े में फंसे हुए हैं।

हालांकि मुनमुन केस में वे सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांग चुकी हैं। मुनमुन उर्फ बबीता का कहना है कि उन्‍हें जाति विशेष के बारे में पता नहीं था। मेरा उद्देश्‍य किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था। अगर मेरे शब्‍दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो इसके लिए मैं माफी चाहती हूं।

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