Fatehabad Auto Market: 27 साल बाद भी पूरी तरह विकसित नहीं हुई मार्केट, 95 दुकानें अब भी खाली

फतेहाबाद की आटो मार्केट 27 साल बाद भी विकसित नहीं हो पाई है। जो पूरे उत्तर भारत में पुराने ट्रैक्टरों की सबसे बड़ी मार्केट है। जिसमें हर रविवार को ट्रैक्टरों का मेला लगता है। जिस खरीदने व बेचने के लिए गुजरात से लेकर यूपी तक के किसान आते है।

Rajesh KumarSat, 25 Sep 2021 05:23 PM (IST)
फतेहाबाद में 27 साल बाद भी पूरी तरह विकसित नहीं हुई आटो मार्केट।

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। भूना रोड पर बनी आटो मार्केट जो 27 साल पहले यानी वर्ष 1995 में चौधरी भजनलाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए बना दी थी। मार्केट प्रदेश में फेमस अवश्य हुई, लेकिन अब भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई। फेमस इसलिए की यह हरियाणा ही नहीं पूरे उत्तर भारत में पुराने ट्रैक्टरों की सबसे बड़ी मार्केट है। जिसमें हर रविवार को ट्रैक्टरों का मेला लगता है। जिस खरीदने व बेचने के लिए गुजरात से लेकर यूपी तक के किसान आते है। मार्केट में 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के पुराने ट्रैक्टर बेच व खरीद जाते है। यानी सरकार की कमाई का जरिया बनी हुई है आटो मार्केट। लेकिन मार्केट शुरू से विवादित रही।

आवंटन की विजिलेंस जांच चल रही है

दुकानों के आवंटन में खूब गड़बड़ियां हुई। जिसकी विजिलेंस जांच चली। 52 के करीब आवंटन रद हो चुके। अब भी दुकानों के किराया माफी को लेकर विवाद चल रहा है। इसकी जांच दो साल से लंबित है। तत्कालीन ईओ अमन ढांडा भी जांच में दायर में है। लेकिन अधिकारी जांच को दबा कर बैठ गए। इससे परेशानी यह है कि दुकानों की खरीफ फरोख्त बंद है। जो दुकान नहीं बनी। उसे भी आवंटित नहीं किया जा रहा। ऐसे में दुकानदार परेशान है।

गत दिनों शहर के गणमान्य लोग मुख्यमंत्री हाउस जाकर शहर की कई समस्याओं को लेकर शिकायत दी थी। उसमें आटो मार्केट की दुकानों की समस्या एक थी। उनका आरोप था कि दुकानों का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं हो रही। आटो मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि अधिकारी कहते है कि विजिलेंस जांच लंबित है। पिछले 7 साल से विजिलेंस जांच लंबित बता रहे है। लेकिन जब जांच करने अधिकारी नहीं आए। उनकी मांग है कि उनकी दुकानों की रजिस्ट्री शुरू हो।

आटो मार्केट में 321 दुकानें हुई विकसित, महज 100 की हुई है रजिस्टरी

आटो मार्केट बनी 416 दुकानों में से 321 दुकान आवंटित हुई। इनमें से महज 100 दुकानों की ही रजिस्ट्री हुई हैं। बाकि बिना रजिस्ट्री के ही है। लंबे समय से रजिस्ट्री बंद की हुई है। जब मार्केट काटी गई थी। उस दौरान 85 दुकानें उस समय गठित नगरपालिका को मिली, जो अब नगर परिषद के पास है। इनमें से 60 दुकान बनाकर किराए पर दे दी गई थी। रजिस्ट्री न होने से कई दुकानें बेची हुई है, लेकिन अब बयाना के आधार पर ही ली हुई है। ऐसे में खरीदने व बेचने वाले दोनों को परेशानी आ रही है। इसको लेकर लोगों ने आक्रोश है। विदित रहे कि फतेहाबाद की आटो मार्केट में दुकाने 9 वाइ 18 फीट, 18 वाइ 27 व 18 वाइ 63 फीट के काटी हुई हैं।

किरायादारों का गलत तरीके से किराया माफी कर गया एक अधिकारी

करीब तीन साल पहले फतेहाबाद नगर परिषद में आए एक अधिकारी नगर परिषद की आटो मार्केट में बनी दुकानों का किराया माफी कर गया। इसका विवाद बढ़ा तो एसडीएम ने जांच की। जांच में गड़बड़ी सामने आए, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए पंचकुला मुख्यालय भेज दिया था। जिसके बाद किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि एक अधिकारी ने तीन दुकानदारों के 28 लाख रुपये का किराया माफ कर दिया। ये दुकानों शहर की एक निवर्तमान पार्षद महिला के जेठ व अन्य लोगों के पास है। किराया माफी में निवर्तमान पार्षद के स्वजनों ने नगर परिषद अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर खुद को गरीब बताते हुए दुकान का किराया माफ करा लिया। यह किराया मात्र एक शपथ पत्र के आधार पर माफ कर दिया गया था।

40 से अधिक दुकानदारों पर 3 करोड़ से अधिक किराया बकाया

नगर परिषद की अब भी आटो मार्केट में 60 से अधिक दुकानें है। इनमें से 30 के करीब दुकानदार 3 करोड़ रुपये किराया बाकी है। दुकानदार अब किराया नहीं भर रहे। दुकानदारों का कहना है कि जब शहर की लैंडलार्ड निवर्तमान पार्षद का किराया अधिकारी रुपये लेकर माफ कर सकते है तो वे तो वास्तव में गरीब है। दुकानों का किराया किसी भी सूरत में नहीं भरेंगे।

फेमस मार्केट की दुकानों की शुरू हो रजिस्ट्री : जरनैल सिंह

आटो मार्केट उतर भारत की फेमस मार्केट है। यहां पर हर रविवार को ट्रैक्टर का मेला लगता है। मेरा सरकार से आग्रह है कि जो रजिस्ट्री लंबे समय से बंद है। उसे शुरू करवाया जाए। इतना ही नहीं, मार्केट में शौचालय, पेयजल व सुरक्षा के लिए चारदीवारी का उचित प्रबंध हो। ताकि सभी दुकानदारों का व्यवसाय सही से चल सके।

- जरनैल सिंह, प्रधान आटो मार्केट यूनियन। 

मुख्यमंत्री से मिले थे, जल्द होगा समाधान : अग्रवाल

वरिष्ठ भाजपा नेता धनंजय अग्रवाल ने बताया कि हम मुख्यमंत्री से रजिस्ट्री के मामले में मिले थे। अब उम्मीद है कि दुकानदारों की रजिस्ट्रियां जल्द शुरू होगी। इससे सभी को फायदा मिलेगा। अधिकारी अब विजिलेंस जांच लंबित बताकर रजिस्ट्रियां नहीं कर रहे। इससे दुकान संचालक परेशान है। वहीं खाली 95 दुकानों के प्लाट को भी आंवटित करते हुए दुकानें विकसित की जाएगी।

 

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