पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्‍कर्म केस के बाद जागे किसान, महिला सुरक्षा को लेकर बनाया नया प्‍लान

बंगाल की लड़की संग हुई घटना के बाद आंदोलन स्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बढ़ाए जा रहे कदम

टिकरी बॉर्डर पर पश्चिम बंगाल की लड़की के साथ हुई घटना के बाद आंदोलन स्थल पर महिला सुरक्षा के लिए किसान संगठनों ने बड़े स्तर पर आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वुमेन सेल बनाने से लेकर हेल्‍पलाइन नंबर जारी करने जैसी तैयारी की जा रही है।

Manoj KumarSat, 15 May 2021 04:49 PM (IST)

बहादुरगढ [कृष्ण वशिष्ठ] बंगाल की लड़की के साथ हुई घटना के बाद आंदोलन स्थल पर महिला सुरक्षा के लिए किसान संगठनों ने बड़े स्तर पर आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा जत्थेबंदी में सबसे ज्यादा महिलाएं धरने पर हैं। ऐसे में इस संगठन का दावा है कि हमारे संगठन की महिला किसान एक परिवार की तरह अपने आप को सुरक्षित माहौल में धरने पर आवागमन करती हैं। मगर संगठन ने इस घटना के बाद बाईपास के पकौड़ा चौक पर विशेष तौर पर एक वुमेन सेंटर बनाना शुरू कर दिया है। यहां एक भवन के हॉल में पूरे आंदोलन में शामिल महिलाओं की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा।

यहां महिलाएं ही काम करेंगी। आंदोलन में आने वाली महिलाओं को कोई समस्या है तो वह इस सेंटर में आकर अपनी समस्या महिला किसान नेत्रियों के सामने आसानी से बता सकेगी। इतना ही नहीं कंट्रोल रूम में एक हेल्पलाइन नंबर भी जल्द ही जारी किया जाएगा। महिला सुरक्षा को लेकर ही यह हेल्पलाइन नंबर रहेगा, ताकि महिलाएं आंदोलन स्थल पर में अपनी ट्राली या जहां पर वह ठहरी हैं, वहीं से ही कॉल करके अपनी समस्या बता सकेंगी। महिला की समस्या का तुरंत हल किया जाएगा। हर समस्या का रिकार्ड होगा और उस पर क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी भी रखी जाएगी। साथ ही आंदोलन में आने वाली हर महिला का रिकार्ड भी अब रजिस्टर में मेनटेन किया जाएगा।

26 जनवरी की घटना के बाद से हर रोज सुबह-शाम ली जा रही हाजिरी

संयुक्त किसान मोर्चा 26 जनवरी की घटना के बाद से भी आंदोलन में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। बीकेयू एकता उगराहा के संगठन में ही सबसे ज्यादा किसानों की संख्या है। यह जत्था सेक्टर नौ बाईपास से लेकर जाखौदा बाईपास तक करीब 11 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। ऐसे में यहां पर 26 जनवरी के बाद आंदोलन स्थल पर जो भी ठहरता है, उसकी सुबह-शाम हाजिरी ली जाती है। ट्रालियों में होने वाली हर गतिविधि पर किसान नेता नजर रखते हैं। यहां ठहरने वाले हर व्यक्ति या महिला के बैकग्राउंड की भी खुफिया तौर पर जानकारी ली जाती है ताकि कोई आपराधिक किस्म का व्यक्ति या महिला यहां आकर कोई ऐसी हरकत ना कर दे जिससे आंदोलन पर दाग लगे। अगर कोई शराब पीकर आता है तो यह भी रजिस्टर में लिखा जाता है उसकी काउंसिलिंग की जाती है, ताकि वह कोई गलत हरकत ना करे।

...बंगाल की लड़की के साथ हुई घटना काफी दुखद है। हमारा संगठन पहले भी महिला सुरक्षा को लेकर काफी चौकन्ना है और संगठन में महिलाएं परिवार की तरह ही पूरे सुरक्षित माहौल में रहती हैं। अब इस घटना के बाद सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। साथ ही ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पकौड़ा चौक पर एक हॉल में वुमेन सेंटर खोला जा रहा है। यहां पर कंट्रोल रूम बनेगा। महिलाएं इसका संचालन करेंगी। यहां पर कोई भी महिला आकर अपनी समस्या बता सकेगी। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि महिलाएं उस फोन पर अपनी समस्या बता सकें।

- -- -हरिंद्र बिंदु, राज्य प्रधान, महिला विंग, भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा।

 

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