Ellenabad ByPoll: ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर पूर्व सांसद अशोक तंवर बोले, सत्ता में आना ही नहीं चाहती कांग्रेस

अशोक तंवर ने कहा ऐलनाबाद उपचुनाव में जो अपना भारत मोर्चा के समर्थक निर्णय लेंगे वही निर्णय उनके लिए भी मान्य होगा क्योंकि किसी भी संगठन की ताकत उसके समर्थक ही होते हैं। मोर्चा सोच समझकर आगे की नीति तय करेगा।

Naveen DalalSat, 23 Oct 2021 03:02 PM (IST)
कांग्रेस ऐलनाबाद उपचुनाव में तीसरे स्थान के लिए लड़ाई लड़ रही है।

जागरण संवाददाता, सिरसा। अपना भारत मोर्चा के संस्थापक व पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि कांग्रेस ऐलनाबाद उपचुनाव में तीसरे स्थान के लिए लड़ाई लड़ रही है और ऐसे में पूरे हरियाणा के लोगों को एक बेहतर विकल्प की तलाश है जो केवल अपना भारत मोर्चा ही देगा। डॉ. तंवर अपने ऐलनाबाद हलके के तुफानी दौरे के दूसरे दिन गांव गुडियाखेड़ा, ढूकड़ा, जमाल, गुसांईआना, कुम्हारिया, जोगीवाला, गीगोरानी व हंजीरा में समर्थकों व ग्रामीणों से रूबरू हो रहे थे।

कांग्रेस हुई बेहाल

उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में जो अपना भारत मोर्चा के समर्थक निर्णय लेंगे, वही निर्णय उनके लिए भी मान्य होगा क्योंकि किसी भी संगठन की ताकत उसके समर्थक ही होते हैं। डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि मोर्चा सोच समझकर आगे की नीति तय करेगा। क्योंकि मोर्चा का उद्देश्य व सार्थकता देश व प्रदेश को एक स्वच्छ राजनीतिक वातावरण उपलब्ध करवाना है।

पूर्व सांसद ने कांग्रेस पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि कांग्रेस स्वयं ही पराजित करने में जुटी है क्योंकि वह कभी सत्ता में आना ही नहीं चाहती और न ही एक बेहतर विपक्ष की भूमिका निभाना चाहती, इसलिए कोई नेता सक्रियता से काम नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि पिछले 6 सालों के दौरान भी कांग्रेस में यही सबकुछ हुआ जिससे कांग्रेस बेहाल हो गई है। उन्होंने आरोप जड़ा कि कांग्रेस भाजपा उम्मीदवार को ही विजयी बनाने में जुटी है। 

नरमे के खेतों में पहुंचकर किसानों से खेती का हाल जाना।

डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि उन्होंने ऐलनाबाद उपचुनाव में अपना भारत मोर्चा की भूमिका निभाने के लिए अपने समर्थकों से चर्चा की थी और समर्थकों ने यही निर्णय दिया था कि मोर्चा पहले उपमंडल ऐलनाबाद के गांवों में मतदाताओं से मिलकर वहां के हाल जानेगा और 30 अक्टूबर से पूर्व ही निर्णायक निर्णय लेगा। अपना भारत मोर्चा के संस्थापक डॉ. अशोक तंवर ने भाजपा की तीन कृषि कानूनों पर जिद की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आज लंबे समय से किसान अपने परिवार व खेतों को छोड़कर बॉर्डर पर इन तीनों कानूनों को निरस्त करवाने की मांग को लेकर बैठे हैं मगर भाजपा पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। इस दौरान वे उपरोक्त गांवों में नरमे के खेतों में पहुंचे और वहां के कृषकों से उनकी खेती का हाल जाना।

ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख समाजसेवी विमल मिनोचा, गुरमेज गोंदर, महावीर तंवर, अरविंद भुक्कर, विकास पूनिया हंजीरा, दिनेश कौशिक जींद, सुरेंद्र खिची जोधकां, अश्विनी कुमार सहित काफी संख्या में समर्थक व गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।  

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