गर्मी में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दामों में लगी आग, समय से खरीदारी करने में ही समझदारी

पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम आदमी पहले ही त्रस्त है.

15 से 20 फीसद तक कॉपर का दाम बढ़ना इसकी बड़ी वजह है। साथ ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की वजह से किराये काफी बढ़ गए हैं। बाजार के जानकार बताते हैं कि आने वाले दिनों में दामों में और भी उछाल आ सकता है।

Umesh KdhyaniSat, 27 Feb 2021 09:54 AM (IST)

झज्जर, जेएनएन। तापमान बढ़ने लगा है। बढ़ते हुए तापमान के साथ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दाम में भी महंगाई का तड़का बाजार में लग  रहा है। 10 से 15 फीसद तक एसी, फ्रिज सहित अन्य उत्पादों के दाम में उछाल आया है। मुख्य कारण चाइना से आने वाले सामान पर रखी जा रही पैनी नजर के साथ-साथ अन्य कारण भी इसमें अहम स्थान रखते हैं। जिसमें 15 से 20 फीसद तक कॉपर का दाम बढ़ना एक बड़ी वजह है। साथ ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की वजह से किराये काफी बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर, मौसम की तपिश को देखते हुए जरूरत के हिसाब से समय रहते हुए खरीदारी कर लेने में समझदारी है। क्योंकि, बाजार के जानकार बताते हैं कि आने वाले दिनों में दामों में और भी उछाल आ सकता है।

बिगड़ रहा बजट, बाजार में खरीदार भी हुए कम

मौजूदा समय में एक ओर पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की एकाएक बढ़ती कीमतों से आम आदमी त्रस्त है। जिनके दाम बढ़ने के साथ घर का बजट भी बिगडऩे लगा है। दूसरी ओर इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतों में 10 से 15 फीसद तक की तेजी आ गई है। कारोबारियों के अनुसार, जो पंखा साल भर पहले 800 से 1000 रुपये में बड़ी आसानी से मिल रहा था, अब उसी की कीमत 900 से 1100 रुपये तक पहुंच गई है। टीवी, वॉङ्क्षशग मशीन, फ्रिज, कूलर, एसी के दाम भी बढ़ गए हैं। एलइडी की कीमतों में तो कुछ ज्यादा ही तेजी आई है। अगर साल भर पहले की बात करें तो जो एलइडी 25 हजार रुपये में उपलब्ध था। वे 28 से 30 हजार रूपये तक हो गई है। जबकि, बड़े शो-रूम संचालकों को स्टॉक भी नहीं मिल रहा है। एकाएक बढ़ी महंगाई के चलते इन दिनों ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री थोड़ी कम हो गई है। कंपनियों द्वारा नए स्टॉक में कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन बिक्री कमजोर होने के कारण दुकानदार कम माल उठाने से कतरा रहे हैं। कुल मिलाकर, मौजूदा समय में गर्मी की तपिश के साथ ग्राहकों की जेब पर भी इसका असर साफ दिखने वाला है। 

चाइना पर नजर, कच्चे माल की बढ़ी कीमत

शो-रूम संचालक नरेंद्र चावला के मुताबिक पिछले साल से पहले तक अधिकांश इलेक्ट्रिकल उत्पाद की सप्लाई चीन से होती थी। वहां से आने वाला माल सस्ता मिल जाता था। मगर, अब वहां से माल नहीं आ रहा , इसके चलते उत्पादों की कुछ शॉर्टेज भी है। कीमतें बढ़ रही हैं। जैसा फीडबैक उन्हें बड़ी कंपनियों के स्तर पर मिल रहा है। साथ ही कच्चे माल की कीमत में भी 15 से 20 फीसद का उछाल आया है। छोटी कंपनियां डिमांड के मुताबिक कार्य नहीं कर पा रही । जबकि, बाजार की बड़ी कंपनियों से मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही । इस वजह से भी असंतुलन बना हुआ है। 

कीमतों में 30 से 40 फीसद तक इजाफा

इलेक्ट्रिक कारोबार से जुड़े जगदीश आर्य बताते हैं कि कच्चे माल की कीमतें बढऩे से हर तरह के उत्पादों की भी कीमतें बढ़ गई हैं। प्लास्टिक के उत्पादों की कीमतों में तीस से 40 फीसद तक का इजाफा हुआ है। महंगाई की मार उद्यमी से लेकर आम आदमी तक पड़ रही है। 

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