प्रदेश के सभी खंडों के एक-एक गांव में नया गांव की तर्ज पर बायोगैस प्लांट लगेगा : दुष्यंत

प्रदेश के सभी खंडों के एक-एक गांव में नया गांव की तर्ज पर बायोगैस प्लांट लगेगा : दुष्यंत

संवाद सहयोगी बरवाला(हिसार) उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने नया गांव में प्रदेश के पहले सामुदा

Publish Date:Mon, 06 Jul 2020 05:10 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, बरवाला(हिसार): उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने नया गांव में प्रदेश के पहले सामुदायिक बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। गांव में गोबरधन योजना के तहत प्रदेश में पहला और उत्तर भारत का दूसरा गोबर गैस प्लांट लगा है। इस प्लांट की एक यूनिट का काम शुरू हो गया है। इससे 25 घरों में बायो गैस के कनेक्शन दिए गए हैं। एक यूनिट में करीब 150 घरों की रसोई तक बायो गैस पहुंचाई जाएगी। गांव में कुल 350 घर हैं। 29 अगस्त 2018 को हिसार में एडीसी एएस मान ने इस प्लांट का शिलान्यास किया था। अब डिप्टी सीएम ने रविवार को गांव में आकर इसका उद्घाटन और दूसरी यूनिट का शिलान्यास किया।

इस मौके पर डिप्टी सीएम ने कहा कि खंड बरवाला का नया गांव हरियाणा ही नहीं बल्कि देशभर के अन्य गांवों के सामने एक उदाहरण पेश करके ऐतिहासिक गांव बना है। इसने सामुदायिक बायोगैस प्लांट लगाकर गोबर गैस को पाइप लाइनों के माध्यम से घरों की रसोई तक पहुंचाया है। यह इतना महत्वपूर्ण प्लांट है जिसने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्न को साकार किया है। इसकी सफलता व उपयोगिता को देखते हुए हरियाणा के सभी 138 खंडों के एक-एक गांव में इसी तर्ज पर बायो गैस प्लांट लगवाए जाएंगे। इससे इन गांवों में घर-घर तक पाइप लाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति की जाएगी जिससे लोगों की रसोई के खर्च को कम करने में मदद मिलेगी और गांव के गोबर का भी सहज निष्पादन हो सकेगा। उन्होंने गांव में सामुदायिक केंद्र व पशु अस्पताल का भी उद्घाटन किया।

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डिप्टी सीएम ने घर जाकर खुद जलाया चूल्हा

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गांव में ही एक घर में जाकर उनकी रसोई में बायोगैस से चलने वाले चूल्हे को जलाकर इस परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान वह बायोगैस प्लांट से पैदल चलते हुए गांव की गलियों में पहुंचे और घरों में जाकर महिलाओं से पूछा कि अब उनके घरों में एलपीजी की बजाय बायोगैस पहुंच रही है तो वह कैसा महसूस कर रही हैं। महिलाओं ने डिप्टी सीएम को अपने बीच पाकर खुश होकर गोबर को ठिकाने लगाने और इससे फैलने वाली गंदगी से मुक्ति मिलने की कहानियां सुनाईं और अपने अनुभव उप मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। उप मुख्यमंत्री ने विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल से कहा कि वे प्रदेश के सभी डीडीपीओ-बीडीपीओ की नया गांव में वर्कशॉप लगाएं ताकि वे यहां से इस मॉडल की कार्यप्रणाली को समझकर अपने जिलों व खंडों में बायोगैस प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया शुरू करें।

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ये रहे कार्यक्रम में मौजूद

इस मौके पर विधायक देवेंद्र बबली, विधायक अमरजीत ढांडा, एडीसी अनीश यादव, एसडीएम राजेश कुमार, जजपा जिलाध्यक्ष जयपाल बांडा हेडी, महिला प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, राजेंद्र लितानी, डा अनंतराम, राजूभगत, डा. दर्शन कक्कड़, सुरेश, डा. महेंद्र, एक्सईएन प्रेम सिंह, डीएफएससी सुभाष सिहाग, राजकुमार नरवाल, पिकी यादव, सिल्क पूनिया, अमित बूरा, छाजू राम, एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, सजन लावट, डा. अजीत सिंह, बलराज सिंह, शेर सिह, अनिल बालकिया, सुनील बूरा, राधिका गोदारा, सरपंच मंजीत सिंह, होशियार सिंह, एडवोकेट तरुण गोयल, सरपंच संदीप पूनिया, ईश्वर श्योराण, विक्की श्योराण सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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ऐसे काम करेगा प्लांट

- प्रथम चरण में एक प्लांट शुरू होने के बाद दूसरे प्लांट का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

- प्लांट के लिए ट्रैक्टर-ट्राली खरीदी जाएगी जो गांव के घर-घर जाकर गोबर एकत्र करेगी।

- गोबर के लिए ग्रामीणों को 10 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किया जाएगा।

- प्लांट में गोबर से बनने वाली गैस को पाइपलाइनों से 10 रुपये क्यूबिक मीटर की दर से गांव के घर-घर पहुंचाया जाएगा।

- प्रत्येक कनेक्शन पर मीटर लगवाया जाएगा जबकि आइएसआइ मार्का लगा बर्नर ग्रामीणों को खुद लगाना होगा।

- प्लांट से गैस मिलने पर ग्रामीणों का गैस पर होने वाला खर्च लगभग एक-तिहाई रह जाएगा।

- प्लांट से सामान्य खाद के मुकाबले पांच गुना अधिक गुणवत्ता की खाद निकलेगी जिसे 800 रुपये टैंकर की दर से किसानों को बेचा जाएगा।

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