फतेहाबाद में पंचायत का गठन न होने से जल जीवन मिशन को लग रहा ब्रैक, अनेक गांवों में जल संकट

जलजीवन मिशन के तहत काम कर रहा है। अधिकारियों का दावा तो इतना है कि हर घर में पानी स्वच्छ पहुंच रहा है लेकिन हकीकत इससे परे है। जिले के 301 गांवों में अब भी अनेक ऐसे गांव है जहां पानी की किल्लत बनी हुई हैं।

Manoj KumarThu, 14 Oct 2021 03:12 PM (IST)
फतेहाबाद में आज भी जिले की 28 हजार ढाणियों में नहीं पहुंचा रही पानी की एक बूंद

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : जनस्वास्थ्य आभियांत्रिक विभाग जिले में एक साल जलजीवन मिशन के तहत काम कर रहा है। अधिकारियों का दावा तो इतना है कि हर घर में पानी स्वच्छ पहुंच रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे है। जिले के 301 गांवों में अब भी अनेक ऐसे गांव है जहां पानी की किल्लत बनी हुई हैं। यह हाल तो तब है जब सर्दी का आगमन शुरू हो गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में अधिकारियों व कर्मचारियों की लेटलतीफी ऐसी ही चलती रही तो यह मिशन पूरा नहीं होने वाला है।

जलजीवन मिशन को पूरा करने के लिए हर गांव में एक टीम का गठन किया गया। जिसमें सरपंच, पंच, महिलाएं व समाजसेवी संगठनों का नाम शामिल था। लेकिन पिछले छह महीने से पंचायतों को भंग करने के बाद अब तो कमेटी के सदस्य कोई दिलचस्पी तक नहीं ले रहे है। अगर किसी गांव में पेयजल से संबंधित पाइप लाइन या काम करवाना है तो कमेटी के हस्ताक्षर की आवश्यकता है। लेकिन सरपंच के पास पावर न होने के कारण अब कोई भी काम सीरे नहीं चढ़ रहे है। इसलिए आज भी अनेक गांव के लोग स्वच्छ पेयजल को तरस रहे हैं।

इन गांवों में सबसे अधिक संकट

फतेहाबाद जिले की बात करे तो इस समय गांव भिरडाना, भूथनखुर्द, भूथन, गांव भीमेवाला, समैन सहित अनेक ऐसे बड़े गांव है जहां पानी की किल्लत बनी हुई है। भूथनखुर्द में तो पानी की इतनी समस्या है कि जनस्वास्थ्य विभाग को अपने स्तर पर तीन पानी की टेंकर लगवाने पड़े हैं। यहीं हाल गांव भीमेवाला का है। यहां पर लोगों को 500 रुपये खुद के देकर पानी मंगवाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं कि अधिकारियों को शिकायत नहीं दी, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग केवल कागाजों में अभियान चला रहा हैं धरालत में हालात वाले ही है।

नियमों में हुआ बदलाव, अब हर ढाणी में पहुंचेगा पानी

पहले प्रदेश सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया था कि गांव से एक किलोमीटर ढाणी को जलघर से पानी पहुंचाया जाएगा। लेकिन अब ऐसा कोई नियम नहीं है। स्थानीय अधिकारियों के पास नोटिफिकेशन भी आ गया है कि हर ढाणी में पानी पहुंचना चाहिए इसके लिए पाइप लाइन भी बिछाई जाए तो भी कार्य किया जाए। जिले में 28 हजार ऐसी ढाणियां है जहां आज भी एक बूंद पानी घरों में नहीं जा रहा है। यहां के लोग अपने स्तर पर बड़ी टंकी बना रखी है ताकि सिंचाई के लिए जो पानी आए उसका स्टाक कर सके।

इन आंकड़ों पर डाले नजर

आंकड़ों पर एक नजर

जिले में ग्राम पंचायतें : 258

जिले में गांव : 301

जिले में घरों की संख्या: 1,40,802

कितने घरों में पेयजल कनेक्शन : 92,233

कितनी ढाणियों में नहीं पहुंच रहा पानी : 28,000

सर्वे के बाद घरों को जोड़ा गया : 16,755

पानी के बिल की वसूली : 2,0050,000

अवैध कनेक्शनों को वैध किया : 29000

पाइपलाइन लीकेज ठीक हुई : 50,000

------सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। अब हर ढाणी में पानी पहुंचाया जाएगा। जलजीवन मिशन के तहत यह कार्य किया जाएगा। गांवों में पानी की शिकायत आने के बाद उसे दुरुस्त किया जा रहा है। जिले में 28 हजार ढाणियां है जहां जलघर से पानी नहीं जा रहा है। हर गांव में कमेटी गठित की गई है। अब उन्हीं सदस्यों से बात कर जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।

शर्मा चंद लाली, सलाहकार, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।

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