झज्‍जर में एक ही परिवार के चार लोगों द्वारा आत्‍महत्‍या किए जाने पर डीसी व एसपी ने गांव में किया दौरा

मृतक दीपक की पत्नी निशा शहर के एक निजी अस्पताल में काम करते हुए परिवार की गुजर बसर चलाने में मदद कर रही थी। बड़ी बेटी करीब 14 वर्षीय अन्नू उर्फ बेबी तथा करीब 12 वर्षीय बेटा अनुज गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते थे

Manoj KumarTue, 27 Jul 2021 02:52 PM (IST)
दंपती ने दोनों बच्चों के साथ निगला था जहरीला पदार्थ, मौत के पीछे का कारण नहीं हो पाया स्पष्ट

जागरण संवाददाता, झज्जर : तलाव गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो जाने के मामले में उपायुक्त श्याम लाल पूनियान एवं पुलिस कप्तान राजेश दुग्गल ने विभिन्न टीमों के साथ गांव में पहुंचते हुए स्थिति का जायजा लिया है। घटनास्थल का दौरा करने के बाद दोनों अधिकारी दीपक के घर में भी गए। जहां उन्होंने स्वजनों से मुलाकात करते हुए उन्हें ढांढ़स बंधाया। साथ ही एकाएक बनी परिस्थितियों को लेकर जानकारी भी एकत्रित की। हालांकि, परिवार के स्तर पर भी कुछ ठोस बात नहीं बताई गई हैं। पिछले कुछ दिनों में पति-पत्नी में बन रही तनाव की स्थिति को घटना के पीछे की बड़ी वजह समझा जा रहा हैं।

इधर, दीपक, पत्नी निशा और दोनों बच्चों के शव गांव में नहीं पहुंचे हैं। दीपक के स्वजन एवं ग्रामीण शव के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि सोमवार शाम की इस घटना में सबसे आखिर में दीपक के बेटे अनुज की मौत पीजीआइ्र में हुई थी। जबकि, डीएसपी राहुल देव ने रात को पीजीआई में पहुंचते हुए कार्रवाई को पूरा करवाया। स्पष्ट तौर पर अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं मिल पाया कि किन परिस्थितियों में दीपक ने परिवार के साथ इतना कठोर कदम उठाया। गांव तलाव की इस ह्दय विदारक घटना की हर जगह चर्चा हो रही हैं।

एक हंसते-खेलते परिवार के साथ एकाएक जहर पीकर आत्महत्या करने के पीछे का अह्म कारण क्या रहा। अब यह हर किसी को कचोट रहा है। वैसे तो हर कोई अपने अपने ढंग से स्थिति को लेकर बात जरुर रख रहा हैं। जबकि, स्पष्ट कुछ भी नहीं हैं। घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कारण कि सुबह से गांव में पुलिस की गाड़ियों के होर्न सुनाई दे रहे हैं। क्योंकि, यह रविवार मध्यरात्रि से सोमवार शाम तक की तलाव गांव की दूसरी ऐसी घटना रही। जब पुलिस को जांच के लिए गांव में पहुंचना पड़ा हो। स्वजनों के मुताबिक पहले काफी समय तक दीपक ने किसी साथी के साथ मिलकर कपड़े आदि की दुकान की हुई थी। फिलहाल, वह शहर के सिलानी गेट क्षेत्र में स्थित एक दुकान का सामान सप्लाई करने का काम करता था।

दीपक की पत्नी निशा शहर के एक निजी अस्पताल में काम करते हुए परिवार की गुजर बसर चलाने में मदद कर रही थी। बड़ी बेटी करीब 14 वर्षीय अन्नू उर्फ बेबी तथा करीब 12 वर्षीय बेटा अनुज गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते थे। खास तौर पर कोविड का दौर आने के बाद परिवार आर्थिक तंगी जरूर महसूस कर रहा था। जिसे लेकर अब कलह का माहौल बनने लगा था। रविवार को भी निशा ने बेटे अनुज को किसी बात पर धमकाया था। जिसकी वजह से पति पत्नी के बीच में विवाद भी हुआ। विवाद का असर सोमवार को भी देखने को मिला। लेकिन, एक ही घर में रहने वाले अन्य परिवारों को यह अंदेशा नहीं था कि दीपक सभी के साथ मिलकर ऐसा कठोर कदम उठा लेगा।

एक ही मकान में रह रहा था पूरा कुनबा

शहर को अंडर पास वाले रास्ते से गांव तक जोड़ने वाली मुख्य सड़क से दीपक के घर का रास्ता जुड़ा हुआ है। जिस घर में दीपक रहता है। वहां पर उसका छोटा भाई मोनू एवं चाचा का परिवार भी रह रहा है। एक छोटे से घर में ही पूरा परिवार किसी तरह से अपनी गुजर बसर चलाते हुए बच्चों के कामयाब होने के सपने देख रहा था। एकाएक, परिवार को किसकी नजर लगी। यह तो किसी स्तर पर पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। क्योंकि, जिस तरह से पूरे परिवार ने जहर पिया है, से यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया कि दीपक ने किन परिस्थितियों में कोल्ड ड्रिंक में परिवार को जहर पिलाया है या फिर अन्य किस-किस की इसमें सहमति थी।

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