रोहतक में गणेश चतुर्थी उत्‍सव के आखिरी दिन प्रतिमा विसर्जन को गोकर्ण तीर्थ पर उमड़ी भीड़

नहरों में विसर्जन की पाबंदी के कारण गोकर्ण तीर्थ में विसर्जन के लिए इंतजाम किए गए हैं। डेरे पर विशेष पूजा-अर्चना की और डेरे के सरोवर के द्वार खोले गए। शाम 3 बजे तक 100 से भी ज्यादा स्थानों पर विराजमान गणपति बप्पा के विसर्जन सरोवर पर किये गए।

Manoj KumarSun, 19 Sep 2021 04:00 PM (IST)
गोकर्ण तीर्थ पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए सुबह से ही भीड़ उमड़ गई।

जागरण संवाददता, रोहतक : शहर के गोकर्ण तीर्थ पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए सुबह से ही भीड़ उमड़ गई। नहरों में विसर्जन की पाबंदी के कारण यहां विसर्जन के लिए इंतजाम किए गए हैं। बाबा कपिलपुरी ने सुबह डेरे पर विशेष पूजा-अर्चना की और विसर्जन के लिए डेरे के सरोवर के द्वार खोले गए। शाम 3 बजे तक 100 से भी ज्यादा स्थानों पर विराजमान गणपति बप्पा के विसर्जन सरोवर पर किये गए। पंडालों पर सुबह से ही गणपति बप्पा मौर्या के नारे गूंजते रहे। गलियों में शोभायात्रा के बाद गणपति का विसर्जन किया गया।

छोटे बच्चे, बुजुर्ग व युवा श्रद्धापूर्वक विसर्जन के स्थान पर पँहुचे। दिल्ली रोड पर इस वजह से जाम की भी स्तिथि भी बनी। गलियों में जहां-जहां से बप्पा की यात्राएं निकली लोगों ने बप्पा का आशीर्वाद लिया। अगले बरस फिर से घर -अंगना पधारने की कामना भक्तों ने की। कुछ स्थानों पर चलते पानी की मान्यता के कारण नहरों में भी विसर्जन को भक्त पँहुचे, लेकिन इक्का-दुक्का को छोड़ निराश लोन पड़ा। जेएलएन नहर, भालौठ सब ब्रांच पर कड़ी सुरक्षा रही। वहीं, डेरों और प्रमुख मंदिरों पर भी प्रशासन की और से सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त किये गए।

भंडारों पर भक्तों ने प्रसाद किया ग्रहण

गणेश चतुर्थी पर जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया। विसर्जन से पगले भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यात्रा के दौरान शहरवासियों को फलों का प्रसाद वितरित किया गया। झूमते-गाते बप्पा को भक्तों ने विदाई दी।

10 से ज्यादा बड़े पंडाल

शहर में 10 से ज्यादा जगहों पर बड़े पंडाल लगाए गए। हुडा को प्लेक्स, दुर्गा भवन मंदिर, गोझरण डेरे सहित अन्य स्थानों पर बप्पा के पंडाल लगाए गए थे। कोविड-19 कि वजह से पर्व में जरूर पहले जैसी रौनक नहीं थी लेकिन भक्तों का उत्साह देखने लायक रहा।

कोरोना नियमों की अनदेखी

गणेश विसर्जन के दौरान कोरोना नियमों की अनदेखी जगह-जगह देखने को मिली। मास्क और शारीरिक दूरी नदारद रही। पुलिस और अन्य सुरक्षा व्यवस्था मास्क के नियम की पालना करवाने में असमर्थ दिखी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए यह दृश्य गम्भीर रहा।

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