Fraud News: सिरसा में दंपति ने कृषि योग्य भूमि बेचने का झांसा देकर ठगे लाखों, धोखाधड़ी का मामला दर्ज

सिरसा में दंपति ने कृषि योग्य 64 कनाल भूमि बेचने के नाम पर 13 लाख ठगी की है। शिकायतकर्ता हंसरीाज ने आरोप लगाए कि आरोपितों के खिलाफ पहले भी ठगी के केस दर्ज है। वहीं आरोपितों ने अदालती आदेशों की अवहेलना भी की है।

Naveen DalalWed, 22 Sep 2021 11:48 AM (IST)
सिरसा ने पति पत्नी ने मिलकर ठगे लाखों।

सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा में दंपति ने कृषि योग्य 64 कनाल भूमि बेचने के नाम पर 13 लाख ठगी की है। मामले में धोखाधड़ी करने के आरोप में रानियां थाना पुलिस ने गांव सादेवाला निवासी प्रमिला देवी, उसका पति प्रवीण कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि जमीन बेचने के नाम पर आरोपितों ने सिरसा की खन्ना कालोनी निवासी हंसराज से 13 लाख रुपये की ठगी की।

पुलिस को दी शिकायत के अनुसार

पुलिस को दी शिकायत में हंसराज ने बताया कि आरोपित प्रवीण कुमार व उसकी पत्नी ने अपनी कृषि योग्य 64 कनाल भूमि बेचने के लिए उससे संपर्क किया। मोल भाव तय होने के बाद वह आरोपितों की भूमि खरीदने के लिए तैयार हो गया। सात जुलाई 2021 को उसने प्रमिला देवी को बतौर मुखत्यारे आम प्रवीण कुमार की गांव खाजाखेड़ा क्षेत्र में स्थित भूमि के लिए 11 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सौदा तय किया। पेशगी के रूप में उसने 13 लाख रुपये एडवांस दिये थे। इनमें आठ जून 2021 को तीन लाख रुपये, 16 जून 2020 को पांच लाख रुपये आरटीजीएस करवाए थे। इसके बाद सात जुलाई 2020 को पांच लाख रुपये नकद दिये थे।

रजिस्टरी के नाम पर की टोलमटोल

इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति के बाद रजिस्टरी के लिए छह जनवरी 2021 को तारीख तय की गई थी। निर्धारित तिथि को उसने बकाया रकम, स्टांप खर्च व अन्य दस्तावेज लेकर वह रानियां तहसील में सब रजिस्टार कार्यालय में पहुंचा। रजिस्ट्री करवाने के लिए पूरा दिन आरोपितों के आने का इंतजार करता रहा। लेकिन आरोपित नहीं पहुंचे। इसके बाद वह वह गांव के मौजिज लोगों को लेकर आरोिपतों के पास गया और अपने हक में रजिस्टरी करवाने की बात कही। परंतु आरोपितों ने बेईमान नीयत के कारण टालमटोल करते रहे। इस बारे में कई बार पंचायत भी हुई परंतु आरोपितों ने जानबूझ कर रजिस्टरी नहीं करवाई।

शिकायतकर्ता के अनुसार

शिकायतकर्ता हंसरीाज ने आरोप लगाए कि आरोपितों के खिलाफ पहले भी ठगी के केस दर्ज है। आरोपितों के खिलाफ 20 अप्रैल 2017 को एक साजिश व षडयंत्र के तहत अशोक अरोड़ा नामक व्यक्ति के साथ षडयंत्र रचकर व अशोक अरोड़ा को पीजीएफ लिमिटेड कंपनी का अधिकारी बताकर जमीन को फर्जी तोर पर अपने नाम कराव ली। जबकि उक्त भूमि पर सर्वोच्च न्यायलय द्वार बैय न करने बाबत आदेश पारित किया हुआ है। आरोपितों ने अदालती आदेशों की अवहेलना भी की है। मामले की जांच जीवननगर पुलिस चौकी के एसपीओ सुभाष कर रहे हैं।

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