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पॉजीटिव मां अपने नवजात व छोटे बच्चों को न करें प्यार-दुलार, मास्क लगाकर पिलाएं दूध

ड्रॉपलेट से कोरोना संक्रमण फैलने का रहता है डर, परिवार के सभी व्यक्ति संक्रमित हैं तो मास्क लगाएं

बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि घर में बच्चे हैं तो भ्रमित न हों। बच्चों को भयभीत न करें। यदि नवजात या फिर छोटे बच्चे हैं तो उन्हें लेकर विशेष सतर्कता बरतें। मां संक्रमित है तो हाथ धोकर या फिर दस्ताने पहनकर और मास्‍क‍ लगाकर दूध पिला सकती हैं।

Manoj KumarSun, 02 May 2021 04:56 PM (IST)

रोहतक [अरुण शर्मा] कोविड-2019 के बदले रूप ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। मौजूदा हालात यह हैं कि परिवार में एक से अधिक लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए संयुक्त परिवार या फिर छोटे घरों में रहने वालों को अपने बच्चों का विशेष तौर से ख्याल रखना होगा। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि घर में बच्चे हैं तो भ्रमित न हों। बच्चों को भयभीत न करें। यदि नवजात या फिर छोटे बच्चे हैं तो उन्हें लेकर विशेष सतर्कता बरतें। यदि मां संक्रमित है तो अच्छे से हाथ धोकर या फिर दस्ताने पहनकर और मुंह लगाकर दूध पिला सकती हैं। मां का दूध पीने से बच्चे को संक्रमण नहीं होगा।

सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ एसएमओ (सीनियर मेडिकल आफिसर) डा. जसबीर परमार ने का कहना है कि खांसने-छींकने से संक्रमण फैलता है। क्योंकि खांसने-छींकने से निकलने वाली ड्रॉपलेट से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। संक्रमित मां या फिर परिवार के दूसरे व्यक्ति बच्चों को प्यार-दुलार करने से पूरी तरह से बचें। इनका कहना है कि परिवार में नवजात या फिर छोटा बच्चा है तो अधिक सकर्तता बरतनी होगी। यदि उसे परिवार से दूर नहीं कर सकते हैं तो संक्रमित सभी व्यक्ति मास्क लगाएं। दस्तानों की बजाय हर आधे घंटे में साबुन से पूरी सावधानी के साथ हाथ धोएं। जिससे संक्रमण का खतरा कम रहेगा।

हरी सब्जियां-दाल का ज्यादा करें सेवन, तली-भुनी चीजों से करें परहेज

डा. जसबीर का कहना है कि हरी सब्जियां, फल, दाल और दूध-दही भोजन में शामिल करें। नवजात या फिर छोटे बच्चे हैं तो मां अधिक से अधिक इनका सेवन करें। तली-भुनी चीजें बच्चों को न दें। बाहर से खरीदे हुए नमकीन-बिस्किट वही उपयोग करें, जोकि बेहतर तरह से पैक हैं। सब्जियां-फल भी बाजार से लाएं तो उन्हें धोएं या फिर सैनेटाइज कर लें। उसी के बाद बच्चों को खाने के लिए दें।

चिड़चिड़ापन दूर करने बच्चों के साथ खुद खेलें

मौजूदा हालातों का हवाला देते हुए डा. जसबीर ने बताया कि खुले स्थानों, गली-मुहल्ले में बच्चों को खेलने से रोकें। बाहर न जाने के कारण बच्चे चिड़चिड़े न हों, इसके लिए बच्चों को समय दें। कोशिश करें कि खुद बच्चों के साथ खेलें। बच्चों को भयभीत व भ्रमित होने से बचाएं। उन्हें प्यार से समझाएं। मास्क लगा सकते हैं तो उन्हें डराने के बजाय प्रेरित करें। पढ़ने पर जोर देने के बजाय कलात्मक या फिर पसंद के कार्य करने के लिए कहें।

 

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