कोरोना इफेक्ट : मंदिर में घंटियां बजाने पर लगाई रोक, अष्टमी के महाभोग का प्रसाद भी नहीं बंटेगा

कोरोना इफेक्ट : मंदिर में घंटियां बजाने पर लगाई रोक, अष्टमी के महाभोग का प्रसाद भी नहीं बंटेगा

जागरण संवाददाता हिसार शहर के श्री देवी भवन मंदिर के प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते मामलो

JagranTue, 20 Apr 2021 11:26 AM (IST)

जागरण संवाददाता, हिसार : शहर के श्री देवी भवन मंदिर के प्रशासन ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब जहां एक ओर मंदिर में घंटियां बजाने पर रोक लगा दी है वहीं दूसरी ओर अष्टमी को लगाया जाने वाला महाभोग का सुबह प्रसाद भी नहीं बांटा जाएगा। शाम के समय श्रद्धालु एकत्र होंगे तो सामान्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मंदिर सभा के महासचिव विपिन गोयल ने बताया कि गर्मी के मौसम में नवरात्र पर सुबह पूजा के लिए श्रद्धालुगण 5 बजे से ही मंदिर के गेट के सामने लाइन लगाना शुरु कर देते है। कोविड-19 में मंदिर में भीड़ न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए अब मंदिर प्रशासन की ओर से आधा घंटा पहले मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोलने का फैसला लिया है। पहले मंदिर के द्वार जहां सुबह साढ़े 5 बजे खुलते थे वहीं अब सुबह 5 बजे मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि संक्रमण बढ़ रहा है, इसलिए मंदिर के घंटियों पर कपड़ा बांध दिया गया ताकि श्रद्धालु घंटे को ना छूएं। इससे संक्रमण का खतरा कम करने का प्रयास किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह खुलते हैं मंदिर के द्वार

कोविड-19 के चलते जिला प्रशासन ने रात 10 बजे से सुबह 5 बजे से क‌र्फ्यू लगाया हुआ है लोगों के बाहर घूमने पर शर्तो के तहत प्रतिबंद्ध लगाया हुआ है। जिसके चलते मंदिर पहले साढ़े 5 बजे खुलता था, लेकिन श्रद्धालुओं की सुबह साढ़े 5 बजे से पहले मंदिर के बार लगने वाली लाइन के चलते अब सुबह 5 बजे ही मंदिर का द्वार खोला जाएगा। नवरात्र पर्व 13 अप्रैल से 21 अप्रैल तक चल रहा है। 13 अप्रैल से औसतन श्री देवी भवन में प्रतिदिन 5 हजार श्रद्धालुगण पहुंच रहे है। अब 19 अप्रैल के बाद संख्या कम हो गई है। मंदिर में कोविड-19 के चलते सुरक्षा के भी पुख्ता बंदोबस्त किए हुए है। बिना मास्क के जहां श्रद्धालुओं को एंट्री नहीं दी जा रही है। वहीं जो श्रद्धालुगण किसी कारण से मास्क नहीं लेकर आ पा रहे संस्था की ओर से उन्हें निश्शुल्क मास्क वितरित किए जा रहे है। इसके अलावा सैनिटाइज का भी प्रबंध किया हुआ है। मंदिर का इतिहास

श्रीदेवी भवन मंदिर पटियाला के महाराज ने साल 1770 में बनवाया था। 251 साल पुराना यह मंदिर है। मंदिर परिसर में माता के नौ रुप की प्रतिमा के साथ-साथ, हनुमान मंदिर, भगवान गणेश, श्रीराम दरबार, राधा-कृष्ण मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, मां संतोषी माता मंदिर, तिरूपति बालाजी मंदिर में भी भव्य सजावट की गई। मंदिर में 7 पुजारी पूजा अर्चना करते हैं। घंटियों पर बांधा है कपड़ा : महासचिव

कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। इसलिए मंदिर में बदलाव किया गया है। अब घंटियों के बजाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इतना ही नहीं अष्टमी पर लगाए जाने वाले महाभोग का प्रसाद भी नहीं बांटा जाएगा। अष्टमी पर छोले और हलवे का प्रसाद वितरित किया जाता था।

- विपिन गोयल, महासचिव, श्री देवी भवन मंदिर सभा हिसार।

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