Hisar Airport: बड़े जहाजों का भी बोझ उठा सकती हैं कैट-टू लाइटें, मंजूरी के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी

पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विंग के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि इन लाइटों को लगाने के लिए डीएनआइटी (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर सरकार को भेज दी है। करीब 16.18 करोड़ का एस्टीमेंट बनाकर भेजा गया है। जल्द ही इसके मंजूर होने पर टेंडर लगाया जाएगा।

Naveen DalalSat, 16 Oct 2021 11:40 AM (IST)
हिसार एयरपोर्ट के रनवे पर कैट-टू लाइटें लगेंगी।

चेतन सिंह, हिसार: हिसार एयरपोर्ट पर रनवे के विस्तार का काम तेजी से हो रहा है। 40 फीसद काम पूरा भी हो चुका है। अब रनवे पर तारकाेल की लेयर बिछाई जानी है इससे पहले यहां लाइटों की फीटिंग की जाएगी। रनवे पर कैट-टू लाइटें लगेंगी। यह लाइटें एयरपोर्ट अथोरिटी आफ इंडिया के नियमों के आधार पर लगाई जा रही हैं। इन लाइटों की सबसे बड़ी खासियत है कि यह जीपीएस आधारित होती है जहाज के लैंड करने से पहले यह निर्धारित दूरी पर आन हो जाती है। इसके अलावा यह रनवे में इस तरह से फीट की जाती है कि बड़े जहाज इस पर से गुजर जाएं तब भी इनका कुछ नहीं होगा। यह कितना भी भार सहन कर सकती हैं।

हिसार एयरपोर्ट पर रवने पर 16.18 करोड़ से कैट-टू लाइटें डाली जाएंगी

पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विंग के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि इन लाइटों को लगाने के लिए डीएनआइटी (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर सरकार को भेज दी है। करीब 16.18 करोड़ का एस्टीमेंट बनाकर भेजा गया है। जल्द ही इसके मंजूर होने पर टेंडर लगाया जाएगा। इन लाइटों का काम पूरा होने के बाद रनवे पर तारकाेल की लेयर बिछाने का काम शुरू होगा।

रनवे पर छह कल्टेव पाइप डलेंगे

रनवे के नीचे छह कल्टेव पाइप डाली जाएगी। इसका डिजाइन आइआइटी गुवाहाटी से पास करवाया गया है। कल्टेव पाइप रनवे पर लाइटें लगाने के लिए अंडर रनवे डाले जाते हैं। इसके बाद कैट-टू लाइटें लगाई जाएंगी।

एप्रैण बनाने का काम भी शुरू

एयरपोर्ट विस्तार के दूसरे चरण में रनवे और एप्रैण काम किया जा रहा है। एयरपोर्ट अथोरिटी आफ इंडिया ने एप्रैण की लंबाई और चौड़ाई को कम कर दिया है। अब यहां 50 हजार स्कवेयर मीटर का एप्रैण तैयार किया जाएगा। इस एप्रैण में 80 मीटर विंग के चार से पांच जहाज आसानी से खड़े हो सकते हैं। एप्रण का डिजाइन भी अप्रूव हो चुका है। एप्रैण वह जगह होती है जहां रनवे पर प्लेन के उतरने के बाद उसका ठहराव किया जाता है। एप्रैण के पास ही ड्राइपोर्ट बनाया जाएगा। जहां माल वाहक जहाजों के सामानों की लोडिंग-अनलोडिंग होगी।

रनवे के बाद यह होंगे काम

हवाई अड्डे में कैट लाइट सुविधायुक्त तीन हजार मीटर रनवे का निर्माण

टर्मिनल बिल्डिंग

23 मीटर चौड़ा टैक्सी ट्रैक

पार्किंग स्टैंड

कार्गो टर्मिनल

फायर स्टेशन

एयर ट्रैफिक कंट्रोल बिल्डिंग

चारदीवारी, लाइट

मेंटेनेंस बिल्डिंग

एयरपोर्ट सिक्योरिटी बिल्डिंग

डोमेस्टिक कार्गो बिल्डिंग

पावर हाउस, विद्युत प्रसारण स्टेशन

पब्लिक पार्किंग स्पेस सहित अन्य भवनों का निर्माण होगा।

इन तीन चरणाें में बनेगा एयरपोर्ट

पहला चरण- 2 साल

दूसरा चरण- 2 से 5 साल

तीसरा चरण- 6 से 10 साल

तीसरे चरण में जारी होगी करोड़ों की राशि

तीसरा चरण ए- 572 करोड़

तीसरा चरण बी- 1390 करोड़

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