शुगर पीड़ित कोरोना पॉजिटिव मरीजों को स्टेरॉयड व हेवीडोज दिये जाने से होता है ब्लैक फंगस, सिरसा में 7 केस

सिरसा में मिले ब्‍लैक फंगस के सात मरीजों में से तीन फतेहाबाद जिले के, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में होगा उपचार

सिविल सर्जन डा. मनीष बांसल ने बताया कि सात संक्रमितों में से चार सिरसा के है जबकि तीन फतेहाबाद जिले से हैं। ब्लैक फंगस की बीमारी से प्रभावित एक मरीज की आंख खराब हो जाने के कारण लुधियाना के निजी अस्पताल में उसकी आंख का आप्रेशन किया गया है।

Manoj KumarSun, 16 May 2021 05:30 PM (IST)

सिरसा, जेएनएन। सिरसा जिले में ब्लैक फंगस के सात मामले सामने आए है। फिलहाल मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। मरीजों के बारे में सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है तथा इस बारे में मुख्यालय को जानकारी भेजी गई है। सिविल सर्जन डा. मनीष बांसल ने बताया कि जिले में मिले सात संक्रमितों में से चार सिरसा के है जबकि तीन फतेहाबाद जिले से हैं। ब्लैक फंगस की बीमारी से प्रभावित एक मरीज की आंख खराब हो जाने के कारण लुधियाना के निजी अस्पताल में उसकी आंख का आप्रेशन किया गया है।

तथा दूसरी आंख पर भी इसका प्रभाव देखा गया है। उन्होंने बताया कि सिरसा में मिले संक्रमितों में फतेहाबाद शहर के दो व गांव भोडिया बिश्नोइयां का एक मरीज शामिल है। इसके अलावा सिरसा के ढुकड़ा, ममेरांकला, डबवाली के अलावा सिरसा शहर का एक संक्रमित शामिल है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लैक फंगस प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था की गई है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों का इलाज करेगी।

उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से ब्लैक फंगस के लक्षण उन रोगियों में अधिक मिल रहे हैं जो शुगर पीड़ित थे और कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। इलाज के दौरान स्टीरायड व हेवी डोज दिये जाने के कारण उनमें ब्लैक फंगस के लक्षण आ गए। मुख्य रूप से यह बीमारी गले, मुंह, नाक में असर करती है साथ ही इसका असर दिमाग व आंख पर भी होता है। मरीज को शुरू में चेहरे पर सुन्नपन्न, आंखों में दर्द की शिकायत होती है। सूंघने की क्षमता न रहना, नाक बहना, मुंह में छाले, त्वचा काली पड़ना इत्यादि इसके लक्षण है।

वहीं बाला जी ईएनटी अस्पताल के संचालक डा. सुदीप मुंजाल ने बताया कि उनके अस्पताल में ब्लैक फंगस के रोजाना एक दो केस रहे हैं। उनके क्लीनिक में वर्तमान में जिन मरीजों के आप्रेशन भी किए गए है। ब्लैक फंगस रोग के मामले पहले भी आते थे लेकिन साल में एक दो। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में यह मामले तेजी से आ रहे हैं।

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