Road Problem: बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले बड़े वाहनों को हो रही परेशानी, प्रशासन को दी शिकायत

बहादुरगढ़ में आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रास्तों से दिल्ली में जाने वाले भवन निर्माण सामग्री से भरे बड़े वाहनों कि यहां से आवाजाही प्रशासन द्वारा बंद किए जाने के बाद अब ये वाहन बहादुरगढ़ की सड़कों पर आफत बन रहे हैं।

Naveen DalalSun, 19 Sep 2021 06:36 AM (IST)
बहादुरगढ़ में वाहनों की आवाजाही में आ रही है दिक्कतें।

बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। बहादुरगढ़ में आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रास्तों से दिल्ली में जाने वाले भवन निर्माण सामग्री से भरे बड़े वाहनों कि यहां से आवाजाही प्रशासन द्वारा बंद किए जाने के बाद अब ये वाहन बहादुरगढ़ की सड़कों पर आफत बन रहे हैं। पुलिस ने सेक्टर-नौ के पास टीम तैनात कर रखी है। यहां से इन वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा। इधर आंदोलनकारी भी इस पर अपने अंदाज में सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हमारी तो प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है, जबकि उद्यमियों की एक शिकायत पर ही प्रशासन यहां पहुंच जाता है।

उद्यमियों की ओर से प्रशासन को दी शिकायत 

दरअसल आंदाेलन की शुरुआत से ही टीकरी बार्डर बंद है। ऐसे में बड़े वाहनों के लिए दिल्ली में जाना आसान नहीं है। टीकरी बार्डर के आसपास दिल्ली के एरिया में भवन निर्माण सामग्री की जरूरत पड़ रही है तो बहादुरगढ़ से बड़े वाहन औद्योगिक क्षेत्र के अंदर के छोटे रास्तों से होकर दिल्ली में जाते हैं। इसी कारण यहां पर सड़कें बुरी तरह से टूट गई हैं। इसको लेकर उद्यमियों की ओर से प्रशासन को शिकायत की गई थी। शुक्रवार को ही एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया था और यहां से भवन निर्माण सामग्री के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से पुलिस सक्रिय हो गई और इन वाहनों काे सेक्टर-नौ मोड़ से ही वापस भेजा जा रहा है। पीछे से सामग्री लेकर आने वाले वाहन सड़क पर ही जहां-तहां ठहर रहे हैं।

आंदोलनकारी बोले, हमारी शिकायत पर भी ऐसी ही तत्परता दिखाए प्रशासन

टीकरी बार्डर पर आंदोलन के मंच से पंजाब की किसान नेत्री जसबीर कौर नट ने कहा कि सरकार कह रही है कि किसानों द्वारा मानवाधिकार आयोग के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है। आंदोलन के आसपास जो लोग रहते हैं उनको बाहर निकलने नहीं दिया जाता। बहादुरगढ़ के एसडीएम भी यह कहते हैं कि किसानों ने फैक्ट्रियों में जाने का रास्ता रोक रखा है।

हम प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि जब हम आपको कोई शिकायत होती हैं तब तो कोई संज्ञान नहीं लिया जाता और अब फैक्ट्रियों के बारे में चिंता हो रही है। किसान नेत्री ने दावा किया कि आसपास के लोगों और फैक्ट्री वालों को इस आंदोलन से कोई दिक्कत नहीं है। सरकार इस आंदोलन को किसी तरह उठाने के लिए प्रयास कर रही है। यहां पर जो रास्ता रोका हुआ है वह सरकार और पुलिस-प्रशासन ने रोका हुआ है। किसानों ने कोई रास्ता नही रोक रखा है।

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