Bharat Bandh Hisar: भारत बंद को लेकर सड़कों पर उतरे आंदोलनकारी, बसें बंद, हिसार में ट्रेन रोकी, यात्रा करने से बचें

कृषि कानूनों को लेकर आंदोलनकारी सड़कों पर हैं अगर आप कहीं भी जाने का मन बना रहे हैं तो एक बार जरूर जान लें कि कहां कहां जाम है। आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक पर भी बैठे हुए हैं। वहीं आंदोलनकारियों के समर्थन में कई कर्मचारी संगठन भी आ गए हैं।

Manoj KumarMon, 27 Sep 2021 08:53 AM (IST)
भारत बंद को लेकर हर राेड पर आंदोलनकारी जुटे हुए हैं और सड़कें जाम हैं

जागरण संवाददाता, हिसार। आज अगर आप कहीं जाने का मन बना रहे हैं तो प्लान को रद्द ही कर दें। क्योंकि आंदोलनकारी भारत बंद को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। सुबह छह बजे से सायं चार बजे तक सड़क मार्ग बंद रहेंगे। हिसार में ट्रेन तक को रोक लिया गया है। वहीं सभी मुख्य मार्ग बंद हैं। रास्‍ते बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग आंदोलनकारियों से आगे याचना कर रहे हैं कि उन्‍हें दूसरी ओर जाने दिया जाए।

इसके साथ ही आंदोलनकारी नेता राजगढ़ रेल लाइन देवा मुकलान, बठिंडा डबवाली लाइन के लिए आदमपुर, लुधियाना रेल लाइन के लिए बरवाला और दिल्ली रोहतक लाइन पर रमायण पर आंदोलनकारी किसान रेल रोकने के लिए पटरी पर बैठ गए हैं।

हिसार में लघु सचिवालय के पास राजगढ़ रोड पर नाका लगाए हुए आंदोलनकारी

आंदोलनकारी किसान और प्रशासन की दो दिन पूर्व बैठक हुई थी। जिसमें किसानों ने बंद करने की मांग उठाई थी। इसको लेकर किसानों ने साफ कर दिया था कि वह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करेंगे। इस मामले को लेकर प्रशासन ने रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारियां दी है। जिसमें 24 ड्यूटी मजिस्ट्रेट हिसार और हांसी में तैनात हैं। इसके साथ ही 10 अधिकारियों को रिजर्व में रखा गया है।

पुलिस के प्रबंध- हर डीएसपी के साथ रहेगी फोर्स

भारत बंद के आहवान को लेकर पुलिस ने भी अपनी तरफ से तैयारियां की हैं। जिसमें प्रत्येक डीएसपी के साथ पुलिस फोर्स मौजूद रहेगा। हिसार में आरएएफ की दो कंपनियां भी तैनात रहेंगी। वहीं सदर थाने में डीएसपी अभिमन्यु लोहान के नेतृत्व में एक कंपनी रहेगी, आजाद नगर में डीएसपी जोगेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में एक कंपनी, बरवाला में एक कंपनी, अग्रोहा थाने में एक कंपनी रहेगी। वहीं हिसार में डीएसपी भारती डबास मोर्चा संभालेंगी।

हिसार में ट्रेन रोके बैठे आंदोलनकारी

नहीं चल रहीं रोडवेज बसें

आंदोलन को कर्मचारियों के संगठनों ने भी समर्थन किया है, ऐसे में केंद्रीय और राज्य स्तरीय सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं। इसको लेकर चर्चा भी चल रही है। इसका असर लघु सचिवालय में भी देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही रोडवेज बसें भी बंद हैं। क्योंकि किसानों के रोड बंद करने के बाद यातायात पूरी तरह से ठप है। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि वह स्थिति देखकर आगामी निर्णय लेंगे।

झज्‍जर में बाजार के बीच डेरा डाले हुए आंदोलनकारी

झज्‍जर में दिखा व्‍यापक असर

झज्जर : भारत बंद के आह्वान का असर सुबह से ही झज्जर के विभिन्न मार्गों पर देखने को मिल रहा है। खास तौर पर बेरी के भागलपुरी चौक पर किसानों के समर्थन में व्यापारी भी आकर बैठ गए हैं। भागलपुरी चौक कलानौर भिवानी दादरी रास्तों को जोड़ने का मुख्य चौक है। इधर पुलिस प्रशासन के स्तर पर भी व्यापक इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। जिला में कुल 50 से अधिक नाक के लगाए हुए हैं जहां पर पुलिस बल तैनात है। ठीक ऐसी स्थिति दासा बॉर्डर के एरिया में देखने को मिल रही है वहां पर भी किसानों ने दोनों तरफ के रास्तों को बंद कर दिया है। जिसकी वजह से सुबह अपने काम पर जाने वाले लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। पुलिस के स्तर पर रास्तों को डायवर्ट करते हुए व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कुल मिलाकर ग्रामीण क्षेत्र में बंद का असर देखने को मिला है।

बहादुरगढ़ में एहतियात के तौर पर बंद किया गया एक मेट्रो स्टेशन

आंदोलनकारियों के भारत बंद के आह्वान के बीच बहादुर में मेट्रो सेवाएं निर्बाध रूप से जारी हैं। हालांकि आंदोलन स्थल के बीच बहादुरगढ़ के आधुनिक औधोगिक क्षेत्र में स्थित पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन को एहतियात के तौर पर सुबह सेवाएं सुचारू होने के कुछ देर बाद बंद कर दिया गया।अभी मेट्रो स्टेशनों पर किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ है। क्षेत्र में बाकी सड़कों व रेल मार्ग पर जाम लगाए गए हैं। इस बीच सुबह बहादुरगढ़ से दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए रोडवेज बस सेवाएं शुरू की गई, लेकिन कोई भी बस अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची। लगभग सभी बसें बीच रास्तों से वापस लौट आई। जिन रूटों पर जाम लगने की सूचना आई थी।वहां पर बसे भेजी ही नहीं गई। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मेट्रो सेवाएं जारी होने से दिल्ली आने जाने वाले यात्रियों को फिलहाल राहत है।

रोहतक में खरावड़ बाईपास पर भंडारे के पास हाइवे पर वाहन खड़े करके रोड जाम किया गया है। पहले से जाम लगाने की घोषणा के चलते हाइवे पर वाहनों का आवागमन भी नही हैं। टोल नाके भी पूरी तरह से जाम हैं। बसें भी नहीं चल रही हैं।

भिवानी में भारत बंद के समर्थन में उतरे किसान और दूसरे संगठन बाजार बंद करवा रहे

भिवानी। भारत बंद के किसानों के आह्वान के चलते जिले भर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर किसानों ने जाम लगा दिया है। शहर में भी किसान और उनके समर्थक पहुंचकर नेहरू पार्क में एकत्रित होने लगे हैं। बाजार भी बंद करवाए जा रहे हैं। किसान और उनके समर्थक सुबह बाजार में पहुंच गए घंटाघर और हांसी गेट पर आंदोलनकारियों ने पहुंच कर दुकानें बंद करवाना शुरू कर दी। इस मौके पर पुलिस भी मौजूद रही लेकिन मूकदर्शक बनी रही। आंदोलनकारी दुकानों को बंद करवाने के लिए प्रार्थना करते नजर आए। दुकानदारों ने भी उनकी बात को मानते हुए अपनी दुकानों के शटर डाउन कर दिए। हालांकि कई दुकानदारों ने आंदोलनकारियों के आगे निकलने के बाद फिर से अपनी दुकानें खोल ली। आंदोलनकारियों से पुलिस शांति बनाए रखने और व्यवस्था नहीं बिगड़ने की अपील करती रही और आंदोलनकारी भारत बंद के तहत बाजार बंद करवाते हुए आगे बढ़ते रहें।

फतेहाबाद में किसानों ने 30 जगह पर धरना जारी

फतेहाबाद। किसानों के भारत बंद का असर फतेहाबाद जिले में भी देखने को मिल रहा है। जिले के विभिन्न स्थानों पर करीब 30 जगह पर किसानों ने धरना दिया है हालांकि हर धरने पर किसानों की संख्या कम है ।लेकिन रोड जाम होने के कारण आने जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों द्वारा पहले ही ऐलान करने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या भी कम नजर आ रही है ।वही किसी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए पुलिस की टीम गश्त कर रही है। फतेहाबाद जिले में करीब 1000 से अधिक जवान सड़कों पर गश्त कर रहे हैं। जहां पर किसान धरना दे रहे हैं वहां पर पुलिस की जिप्सी भी खड़ी है।

भारत बंद का असर बाजार में भी देखने को मिल रहा है। अधिकतर दुकानें बंद पड़ी है, हालांकि कुछ दुकानें खुली हुई है किसान अब बाजार में निकलकर दुकानों को बंद करवाएंगे। वहीं भट्टू, टोहाना व जाखल में किसान रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना दे रहे हैं।

मुख्य मार्गो पर जाम, वाहन लेकर लिंक मार्गो पर भटक रहे हैं लोग

बहादुरगढ़। आंदोलनकारियों की ओर से तीन कृषि कानूनों के विरोध में आहूत बंद के बीच मुख्य मार्गो पर जाम लगाए जाने के बाद हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। वाहन लेकर लोग अपने काम के लिए गंतव्य की ओर निकले, लेकिन बीच-बीच में जाम के चलते अब लिंक मार्गो पर भटक रहे हैं। नेशनल हाईवे 9, नेशनल हाईवे 334बी पर जाम के चलते लोग दिल्ली और सोनीपत जाने के लिए दूसरे रास्ते खोज रहे हैं। कुछ बीच रास्ते में फंसे हुए हैं तो कुछ गांव के रास्तों के जरिये गंतव्य तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं।लिंक मार्गो पर छोटे वाहनों की लाइनें लगी है। लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं। कोई परिवार के साथ किसी जरूरी काम के लिए निकला हुआ है तो कोई शपितृ पक्ष के चलते अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंचने की जुगत में है।

सिरसा में बंद को लेकर सुने पड़े बाजार

सिरसा में बंद का दिखा असर, बाजार सूनसान, हाई वे व स्टेट हाई वे पर किसानों ने दिया धरना

सिरसा : कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किए गए बंद के आह्वान का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही किसान सड़कों पर दिखाई देने लगे। सुबह के समय बाजारों में खुली चाय की दुकानों को भी बंद करवा दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिले में 31 जगहों पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों द्वारा नेशनल व स्टेट हाई वे पर लगाए गए जाम के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह के समय काम पर जाने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ा और लोग इधर उधर गलियों से होकर गुजरे। सिरसा शहर में डबवाली रोड स्थित लालबत्ती चौक, भावदीन टोल प्लाजा के निकट जाम लगया।

इसके अलावा प्रदर्शनकारी बाजारों में घूमते रहे। पक्का मोर्चा से जुड़े किसानों ने सिरसा सरदूलगढ़ रोड पर जाम लगाया। पंजुआना में नेशनल हाइवे पर किसानों ने लंगर स्थल के आगे जाम लगाया। बरनाला रोड पर मुसाहिबवाला के पास तथा कालांवाली में ओढ़ां कैंचियां रोड पर धरना दिया गया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। 25 डयूटी मजिस्ट्रेट, करीब एक हजार जवान, छह डीएसपी सहित थाना व चौकी प्रभारियों की डयूटी लगाई गई थी। पुलिस टीमें बाजारों में गश्त करती दिखाई दी।

बहादुरगढ़ के टांडाहेड़ी गांव निवासी कमल कुमार को रोहतक पीजीआई में दवाई लेने के लिए जाना था, लेकिन भारत बंद की वजह से वह नहीं जा पाया। इससे उन्हें परेशानी हुई। उन्हें सांस की बीमारी है। हर सोमवार को दवाई लेने जाते हैं अब अगले सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। उसकी दवाई खत्म हो चुकी हैं। इससे उन्हें परेशानी हुई । उनका कहना है कि भारत बंद हो या कुछ इस तरीके के बंद होते हैं तो कम से कम मरीजों को जाने की छूट दी जाए।

 

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