Bharat Band: रोहतक में सड़क जाम, बाजारों में दिखा बंद का मिला-जुला असर

रोहतक में भारत बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। अधिकतर बाजार खुले रहे तो कस्बों में आंदोलनकारियों ने बाजारों को बंद करवा दिया। कई जगह सड़क के बीचोंबीच धरना दिया गया। राहगीरों को जाम के चलते आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

Rajesh KumarMon, 27 Sep 2021 01:41 PM (IST)
रोहतक में भारत बंद का दिखा मिलाजुला असर।

जागरण संवाददाता, रोहतक। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले में तीन कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद के चलते नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और अपरोच मार्गों पर जाम लगाया गया। बाजारों में भी मिला-जुला असर दिखाई दिया। रोहतक में अधिकतर बाजार खुले रहे तो कस्बों में आंदोलनकारियों ने बाजारों को बंद करवा दिया। कई जगह सड़क के बीचोंबीच धरना दिया गया। राहगीरों को जाम के चलते आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। रोहतक-दिल्ली मार्ग पर खरावड़ बाईपास और रोहद टोल प्लाजा पर किसान आंदोलन के समर्थन में विभिन्न संगठनों ने जाम लगा दिया।

बाईपास पर नेशनल हाईवे बंद कर दिया

सड़क के बीच में वाहन खड़े कर खरावड़ बाईपास पर नेशनल हाईवे को बंद कर दिया। रोहतक-हिसार हाईवे पर मदीना और भैणी महाराजपुर, रोहतक-भिवानी हाईवे पर कलानौर में सतजींदा कल्याणा कालेज मोड़ पर जाम लगाया गया। रोहतक-जींद हाईवे पर लाखनमाजरा और टिटौली के समीप किसानों ने रोड जाम किया। इसी तरह रोहतक-झज्जर हाईवे पर डीघल टोल प्लाजा पर यातायात अवरुद्ध किया गया। रोहतक- सोनीपत हाईवे पर भालौठ फ्लाइओवर के समीप जाम लगाया गया है। इसके अलावा महम-गोहाना मार्ग पर निंदाना तथा कई अन्य अपरोच मार्गों पर भी भारत बंद के दौरान जाम लगाए

गए हैं।

महम और सांपला के बाजार बंद, रोहतक में खुले

महम और सांपला के बाजार निर्धारित समय पर नहीं खुले। दुकानदार अपनी दुकानों पर तो पहुंचे लेकिन प्रतिष्ठान नहीं खोले। किसान आंदोलनकारियों ने बाजारों में विरोध प्रदर्शन भी निकाले और दुकानदारों व व्यापारियों को

प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की। इसी तरह सांपला के बाजार भी बंद रहे। रोहतक में अधिकतर बाजारों में दुकानें खुली रही। शहर में बंद का असर न के बराबर रहा।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

भारत बंद को देखते हुए कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जहां पर जाम लगाए गए थे, उनके आसपास पुलिस के जवान तैनात थे। जाम शांतिपूर्ण ढंग से लगाने की अपील भी पुलिस अधिकारी किसान आंदोलनकारियों से कर रहे थे। कई मार्गाें पर रुट भी डायवर्ट किए गए थे। लेकिन राहगीर कच्चे व अस्थाई रास्तों से अपने गंतव्य की तरफ जाते नजर आएं।

स्कूल खुले, हाजिरी रही कम

जिले में सरकारी स्कूल खुले थे, लेकिन उनमें बच्चों व शिक्षकों की हाजिरी कम रही। कुछ शिक्षक जो अन्य जिलों से आते-जाते हैं, उनको पहुंचने में काफी दिक्कतें हुई। कुछ शिक्षक जाम में ही फंस गए। 

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