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हिसार में हुए बाबा बर्फानी और उज्जैन के महाकाल के दर्शन

जागरण संवाददाता, हिसार : अमरनाथ में प्राकृतिक रूप से बने बर्फ के शिवलिग और उज्जैन के महाकाल भगवान शिव के शहरवासियों ने हिसार में दर्शन किए। फर्क सिर्फ इतना था कि हिसार के सेक्टर 16-17 स्थित श्री रानी सती मंदिर में बर्फ से बना शिवलिग मंदिर के पुजारियों ने मंदिर में बर्फ से बनाया था। वहीं सनातन धर्म मंदिर नागोरी गेट में बने शिवालय में उज्जैन की तर्ज पर महाकाल की प्रतिमा का श्रृंगार कर इसे तैयार किया गया। मंदिरों में श्रावण मास में जो लोग अमरनाथ और उज्जैन के दर्शनों से वंचित रह गए थे, उन्हें हिसार के मंदिरों में बर्फ से शिवलिग बनाकर और महाकाल की प्रतिमा तैयार कर शहर में ही भगवान के दर्शन करवाए जा रहे हैं। उधर श्रद्धालुओं में भी भगवान के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुगण में शिवलिग व महाकाल की प्रतिमा के दर्शन कर खुशी की लहर है।

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बर्फ से बनाया शिवलिग, साढ़े 7 बजे तक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

श्री रानी सती मंदिर के आचार्य सत्यम कृष्ण ने बताया कि मंदिर सेक्टर 16-17 में स्थापित है। जिसकी स्थापना आचार्य धनेष चंद्र शर्मा ने करीब 11 साल पहले की थी। इसमें 5 पुजारियों के साथ हमने अमरनाथ जैसे बर्फ से शिवलिग तैयार किया। ताकि श्रावण मास में बर्फ के शिवलिग के श्रद्धालुगण दर्शन कर सके। सायं को 4 बजे से साढ़े सात बजे तक श्रद्धालुओं ने शिवलिग के दर्शन किए। मंदिर की विशेषता है कि यहां पर बने पानी के कुंड में नहाने से शरीर के रोग दूर होते हैं। सच्चे दिल से मन्नत मांगने पर मनोकामना पूरी होती है। मंदिर प्रांगण में माता सती के अलावा शिव परिवार, राधा-कृष्ण, सीताराम, हनुमान और शनिदेव की प्रतिमा व मंदिर भी है।

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उज्जैन के महाकाल जैसी बनाई प्रतिमा

भूतभावन भगवान भोलेनाथ को समर्पित पवित्र श्रावण माह के द्वितीय सोमवार के उपलक्ष्य में सनातन धर्म हनुमान मंदिर नागोरी गेट में बने शिवालय का महाकाल स्वरुप में बड़ा ही अद्भुत व भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर में श्रावण माह में विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रत्येक सोमवार व शिवरात्रि के दिन शिवालय को रंगीन लुभावनी लाइटों व विभिन्न प्रकार से भोलेनाथ का आलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर के संयुक्त सचिव बृजभूषण जैन ने बताया कि मंदिर में सच्चे दिल से मन्नत मांगने पर मनोकामना पूरी होती है। मंदिर में शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जाता है। कोविड-19 की गाइडलाइन की पालना की जा रही है। सोमवार मंदिर में महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुगण पहुंचे। भगवान भोलेनाथ के भव्य श्रृंगार के दर्शन कर जीवन को धन्य बनाएं।

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