पीएम नरेन्द्र मोदी ने बाढ़सा एम्‍स में विश्राम सदन का किया उद्घाटन, मनोहर सरकार के काम को सराहा, कहा- हरियाणा से काफी कुछ सीखा

नवंबर 2019 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में 806 बिस्तरों के इन्फोसिस विश्राम सदन का भूमि पूजन किया था। इसका उद्घाटन नहीं हो सका था। इस विश्राम सदन से मरीजों के तीमारदारों को फायदा मिलेगा।

Manoj KumarThu, 21 Oct 2021 10:28 AM (IST)
बाढ़सा क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान परिसर में नवनिर्मित इंफोसिस फाउंडेशन विश्राम सदन का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी

संवाद सूत्र, बादली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झज्जर जिला के बाढ़सा क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान परिसर में नवनिर्मित इंफोसिस फाउंडेशन विश्राम सदन का रिमोट से बटन दबाकर उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग से झज्जर जिला के बाढ़सा एनआइसी स्थित विश्राम सदन देश को समर्पित किया। बाढ़सा एनसीआई परिसर में उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ व रोहतक लोकसभा क्षेत्र से सांसद डॉ. अरविंद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह में एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे। वहीं एम्‍स में कार्यक्रम शुरू हो गया। इंफोसिस की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री वर्चुअली जुड़ी।

पीएम ने कहा कि सरकार ने 400 कैंसर की दवाओं के दाम घटाए हैं। सेवा केंद्रों पर सस्ते दाम पर दवा मिल रही है। पीएम ने हरियाणा में मनोहर लाल सरकार के नेतृत्व में हो रहे कार्यों की सराहना की। कहा कि हरियाणा से काफी कुछ सीखा है। अनेक दशक के बाद हरियाणा को मनोहर लाल के रूप में शुद्ध रूप से ईमानदारी से काम करने वाली सरकार मिली है। हरियाणा के कई प्रयोगों को केंद्र ने भी फालो किए हैं। मैं लंबे वक्त तक मनोहरलाल जी के साथ रहा हूं लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद इनकी प्रतिभा और भी निखर कर आई है।

वहीं बाढ़सा स्थित एम्स के विश्राम सदन के उद्घाटन समारोह पहुंचने वाले नेताओं का संयुक्त किसान मोर्चा के स्तर पर विरोध शुरू कर दिया। ढांसा बार्डर से सुबह ही सभी आंदोलनकारी एकत्रित होकर आगे निकल गए। मगर उन्‍हें बादली चौक पर ही रोक लिया गया। बादली एएसपी अमित यशवर्धन किसानों को समझाने का प्रयास करते रहे। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बना हुआ है। आंदोलनकारियों ने कहा कि वे कृषि कानून से जुड़ी मांगों को लेकर वे अडिग है। विरोध को लेकर तय किए गए प्रारुप के अंतर्गत वे किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।

बादली चौक पर आंदोलनकारियों को समझाते हुए एएसपी अमित यशवर्धन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 100 करोड़ का सुरक्षा कवच भारत के पास है। कोरोना वैक्‍सीनेशन के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। आज का दिन ऐतिहासिक है। इस दिन की सफलता का श्रेय हर भारतीय को जाता है। 10 मंजिला विश्राम सदन सभी के प्रयास से बना है। हरियाणा सहित आसपास के लाेगों को बड़ी मदद मिलेगी। इसे बनाने में सरकार और कारपोरेट जगत की संयुक्‍त ताकत लगी है। एम्‍स प्रबंधन और सुधा मूर्ति का आभार व्‍यक्‍त करता हूं। सुधा मूर्ति नर सेवा को नारायण सेवा मानती हैं।

आयुष्‍मान भारत इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। जिसमें सरकारी और निजी अस्‍पतालों में इलाज हो रहा है। आज देश के हर जिले में मेडिकल कालेज बनाने में जोर दे रहे हैं। इसमें निजी सेक्‍टर का काफी योगदान है। दान करने से धन नहीं घटता बल्कि बढ़ता है। जितना दान करोगे, सेवा करोगे, हमारी प्रगति उतनी ही व्‍यापाक होती जाएगी। ये विश्राम सदन, विश्‍वास सदन का अहसास करवाता है। 806 कक्ष का यह सदन है।

देश की सरकार प्रयास कर रही है कि जहां भी एम्‍स बने, वहां नाइट शेल्‍टर जरूर बनवाए जाएं। यह भी सीधी सेवा है। सेवा केंद्रों पर सस्‍ते दामों में दवा मिलने से जरुरत मंदों को काफी मदद मिल रही है। सेवा परमो धर्म की तर्ज पर इंफोसिस कार्य कर रहा है। हरियाणा के लिए कुछ कहना चाहता हूं, हरियाणा से काफी कुछ सीखा है। मनोहर लाल के नेतृत्‍व में प्रदेश की सेवा हुई है, उनको और उनकी टीम को बधाई।

बाढ़सा एम्‍स में कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद सीएम मनोहर लाल

बता दें कि एम्‍स में बीजेपी नेता पहुंचे हैं और आंदोलनकारियों ने हरेक कार्यक्रम का विरोध करने की बात कही हुई है। हालांकि सरकार का कहना है कि जब किसी योजना संबंधी कार्य होता है तो आंदोलनकारियों का विरोध करना गलत है, क्‍योंकि योजनाओं का लाभ तो आम जनता को ही मिलना होता है, मगर आंदोलनकारी हर कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने 100 करोड़ की वैक्सीन लगाई है। मात्र 9 माह में यह कार्य संपन्‍न हुआ है।

2020 में कैंसर के 14 लाख मामले सामने आए हैं। आज csr के तहत 24 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।

वर्ष 2014 से अभी तक एक लाख करोड़ से ज्यादा खर्च हुए हैं।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि एनसीआई बहुत जल्द एयरपोर्ट से जुड़ने वाला है, ऐसी योजना बनाई जा रही है। कोरोना के दिनों में भी इस संस्थान ने लोगों को सेवाएं दी हैं। हरियाणा में ढाई करोड़ लोगों को वैक्‍सीन लग चुकी है, जल्‍द ही यह सौ फीसद तक पहुंचेगा।

मरीजों के तिमारदारों को मिलेगी कैंपस में ही बढ़िया सुविधा

नवंबर 2019 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में 806 बिस्तरों के इन्फोसिस विश्राम सदन का भूमि पूजन किया था। पूजन के बाद उन्होंने कहा था कि विश्राम सदन दो वर्षों में तैयार हो जाएगा। इन्हीं दो वर्षों में कोविड का दौर भी आया। पहली लहर और दूसरी लहर के दौरान एनसीआई में कोविड के मरीजों का उपचार हुआ। बहरहाल, एनसीआई में कैंसर के मरीजों को व्यवस्था के तहत सेवाएं दी जा रही हैं। इधर, तय किए गए समय से करीब एक माह पहले ही यह विश्राम सदन तैयार हो गया है।

कैंपस में ही बढ़ी सुविधाएं, बड़ी संख्या में मरीजों को होगा फायदा

दरअसल, कैंसर पीड़ितों को कीमोथेरेपी व आपरेशन के बाद लंबे समय तक रहकर विभिन्न प्रकार की जांचों से गुजरना पड़ता है। इसका शुभारंभ हो जाने के बाद मरीजों व तीमारदारों को ठहरने में कोई परेशानी नहीं होगी। क्योंकि, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बाढ़सा में केवल हरियाणा से ही नहीं अपितु देशभर से कैंसर पीड़ित इलाज कराने के लिए आते हैं। अब सदन में उन्हें रहने के लिए अच्छी जगह मिल सकेगी। इससे वह मरीजों के देखभाल के लिए अच्छा कार्य कर सकेंगे।

बता दें कि यहां जमीन इत्यादि की व्यवस्था सरकार ने की है तथा विश्राम सदन का निर्माण इन्फोसिस द्वारा किया गया है। विश्राम सदन को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। जिसमें हर फ्लोर पर बेहतरीन माहौल के साथ तिमारदारों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी।बॉक्स : बाढ़सा स्थित एम्स टू परिसर में 60 एकड़ में 2000 बेड की क्षमता के साथ बने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में ब्रेन कैंसर को छोड़कर सभी तरह के कैंसर रोगियों का इलाज व आप्रेशन हो रहा है। कोविड-19 कार्यकाल में भी एनसीआई में कैंसर रोगियों के लिए ओपीडी खुली हुई थी, लेकिन, यहां पर तैनात चिकित्सकों की ज्यादातर ड्यूटी कोविड-19 मरीजों की देखभाल में लगी होने के कारण मरीजों की संख्या कम हो गई थी।

हालांकि कैंसर इमरजेंसी में पूरी तरीके से फोकस रखा जा रहा था। एनसीआई प्रबंधन ने अपने कैंपस में ही 13 हजार किलो लीटर की क्षमता का आक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया है। नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट में फिलहाल 9 फुली इंटीग्रेटेड माडलर आपरेशन थिएटर, 1 एमआरआई स्केनर मशीन, 2 पीटी स्केनर मशीन, 1 ब्रेकिंग थेरेपी मशीन, 2 लाइनर एस्केलेटर मशीन, 14 पीएल लैब, 60 इंटेंसिव केयर बेड, 20 न्यूक्लियर मेडिसिन बेड की सुविधा मौजूद है। साथ ही एशिया की पहली आटोमेटिक कोर लैब भी यहां संचालित है जहां एक बार में 60 हजार ब्लड सैंपल की जांच की जा सकती हैं।

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