Kisan andolan: आंदोलनकारियों ने केएमपी टोल को बनाया नाक का सवाल, कल दोबारा फ्री कराने का ऐलान

केएमपी टोल प्लाजा को किसान और खाप मिलकर 18 अप्रैल को फिर से फ्री कराने का मन बनाए हुए हैं।

केएमपी टोल प्लाजा को 13 अप्रैल को 107 दिनाें बाद पुलिस-प्रशासन ने चालू करवाया था। अगले ही दिन 14 अप्रैल को आंदोलनकारियों ने फ्री करवा दिया। 15 अप्रैल की देर शाम को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने फिर से आंदोलनकारियों को यहां से खदेड़ दिया था।

Umesh KdhyaniSat, 17 Apr 2021 05:23 PM (IST)

बहादुरगढ़, जेएनएन। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच केएमपी एक्सप्रेस-वे के मांडौठी टोल को फ्री रखना आंदोलनकारियों ने अब अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है। यही वजह है कि अब आंदोलनकारी और खाप मिलकर इस टोल को 18 अप्रैल को फिर से फ्री कराने का मन बनाए हुए हैं।

दरअसल, पिछले कई दिनों से आंदोलनकारियों और पुलिस-प्रशासन में इस टोल को लेकर जारी खींचतान के बाद ही ये हालात बने हैं। 107 दिनाें बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से मंगलवार 13 अप्रैल को इस टोल को चालू करवाया गया था। मगर किसान नेता गुरनाम चढूनी द्वारा वीडियो जारी किए जाने के बाद अगले ही दिन 14 अप्रैल को आंदोलनकारियों द्वारा इस टोल को दोबारा से फ्री करवा दिया गया था। इस बार प्रशासन भी पीछे नहीं हटा और 15 अप्रैल की देर सायं को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने फिर से आंदोलनकारियों को यहां से खदेड़कर इस टोल को चालू करवा दिया था।

125 आंदोलनकारियों पर दर्ज की गई थी एफआइआर

इसके साथ ही टोल को फ्री करवाने वाले 125 आंदोलनकारियों पर एफआइआर भी दर्ज की थी। इनमें गुरनाम चढूनी, उनके संगठन से सुमन हुड्डा व अन्य शामिल हैं। इसी मसले पर शुक्रवार को फिर से बैठक होने और दलाल खाप की ओर से रविवार 18 अप्रैल काे इस टोल को बंद करवाने के साथ ही यहां पर धरना शुरू करने के ऐलान से पुलिस-प्रशासन भी चौकस हो गया है। रविवार दोपहर 12 बजे दलाल खाप की ओर से अन्य खापों को भी बुलाया गया है। टीकरी बॉर्डर से भी आंदोलनकारी पहुंचेंगे। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस-प्रशासन इस ऐलान को लेकर क्या रणनीति अपनाता है। उधर, टोल पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। रविवार को यहां पर बल बढ़ाया जा सकता है।

टोल बंद रखना कानून के विपरीत  

डीएसपी बहादुरगढ़ पवन कुमार ने बताया कि पुलिस की कोशिश रहेगी कि आंदोलनकारियों को समझाया जाए और कानून-व्यवस्था बनाकर रखी जाए। टोल को इस तरह बंद रखना कानून के विपरीत है। यदि कोई टोल को फ्री करवाने के लिए आता है तो उन्हें शांति के साथ समझाया जाएगा।

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