Sports News: हिसार के महाबीर स्टेडियम स्थित खेल विभाग में एजी की दस्तक, चंडीगढ़ से आई आडिट टीम ने खंगाले दस्तावेज

हिसार में खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हिसार में महालेखाकार हरियाणा की आडिट टीम ने दस्तक दी है। आडिट टीम के सदस्यों ने पूर्व जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी के कक्ष में जांच कार्य शुरु किया। वहीं खेल विभाग के दस्तावेज मंगवाए।

Naveen DalalWed, 15 Sep 2021 03:16 PM (IST)
महाबीर स्टेडियम स्थित खेल विभाग के कार्यालय में आडिट की टीम दस्तावेज खंगालते हुए।

हिसार, जागरण संवाददाता। हिसार में खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हिसार में महालेखाकार हरियाणा की आडिट टीम ने दस्तक दी है। टीम ने पिछले एक साल की आय और व्यय के दस्तावेज खंगालने शुरु कर दिए है। चंडीगढ़ से आई आडिट टीम बुधवार को भी महाबीर स्टेडियम स्थित खेल विभाग के कार्यालय में मौजूद रही। उन्होंने खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के विभिन्न स्कीमों के अहम दस्तावेज खंगाले। आडिट आफिसर ने कहा कि हम एक साल का आडिट करने के लिए आए है। उसी क्रम में हम करीब एक सप्ताह तक यहां दस्तावेजों की जांच करेंगे।

दिनभर उपअधीक्षक से जानकारी लेती रही टीम

आडिट टीम के सदस्यों ने पूर्व जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी के कक्ष में जांच कार्य शुरु किया। वहीं खेल विभाग के दस्तावेज मंगवाए। उन दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान हिसार कार्यालय में उपस्थित उपअधीक्षक से टीम ने सरकार की ओर से भेजी गई राशि और खेल विभाग की ओर से खर्च से जुड़े दस्तावेज देखे।

आडिट टीम यह खंगाल रही दस्तावेज

खेल विभाग की स्कीमों में कितनी राशि आई और कितनी खर्च की। कैश बाउचर देखे कहीं उनमें फर्जीवाड़ा तो नहीं है। सालभर का कुल सरकार से आय और विभाग की ओर से किए गए खर्च का रिकार्ड जांचा।

ये भी जानें 

1. दस्तावेज जांच के साथ साथ आडिट टीम पैरा भी तैयार कर रही है ताकि जो कमियां नजर आ रही है उन पर खेल विभाग के अफसरों से मौके पर ही जवाब तलब किए जा सकें।

2. कैसे होता है आडिट में बचाव का खेल : पूर्व में खेल विभाग के रजिस्ट्ररों में सामान और राशि के खर्च को लेकर काफी विवाद रहे है। सूत्रों की मानें तो आडिट के दौरान थोड़े से प्रयास से ही गडबड़ियां पकड़ में आ जाती है। लेकिन कुछ जगह आडिट में यह सामने आया है कि घालमेल करने वालों को बचाने के लिए आडिट की ओर से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है कि जो दस्तावेज हमें मिले उनका मिलान किया जो दुरुस्त पाया गया। इस प्रकार की जानकारी अंकित कर घालमेल की गहन जांच से टीम अपना पल्ला छुड़ा लेती है। यहीं कारण रहते है कि अभी तक सामान खरीद फरोख्त करने व अन्य माध्यमों से भ्रष्टाचार करने वाले काफी समय तक बचे रहते है।

महालेखाकार हरियाणा आडिट अधिकारी ने बताया कि हम महालेखाकार हरियाणा की तरफ से आए है। हम आडिट से संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दे सकते है। इस बारे में एजी हरियाणा को रिपोर्ट कर देंगे।

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