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अग्रोहा मेडिकल में करीब 30 वेंटिलेटर खराब, गर्भवती महिला ने वेंटिलेटर खराब होने के चलते तोड़ा दम

हिसार में सरकारी अस्‍पतालों में वेंटिलेटर के अभाव में लोगों की जान जा रही है

एक गर्भवती महिला ने सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर खराब होने के चलते एक बच्चे को जन्म देने के दौरान दम तोड़ दिया। मामले में सिविल अस्पताल से डा. रमेश पूनिया ने महिला को वेंटिलेटर उपलब्ध करवाने की हरसंभव कोशिश की मगर तब तक महिला की मौत हो गई

Manoj KumarSat, 15 May 2021 04:08 PM (IST)

हिसार, जेएनएन। हिसार के अग्रोहा मेडिकल में करीब 30 वेंटिलेटर खराब पड़े है, वेंटिलेटर की कमी के कारण संक्रमित दम तोड़ रहे है। एक गर्भवती महिला ने सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर खराब होने के चलते एक बच्चे को जन्म देने के दौरान दम तोड़ दिया। मामले में सिविल अस्पताल से डा. रमेश पूनिया ने महिला को वेंटिलेटर उपलब्ध करवाने की हरसंभव कोशिश की। लेकिन वेंटिलेटर खराब होने कारण महिला ने दम तोड़ दिया। मामले को लेकर डा. रमेश पूनिया ने फेसबुक पर पोस्ट डाल कर सिस्टम पर सवाल उठाए है, साथ ही अग्रोहा मेडिकल की डायरेक्टर से और आईएमए प्रधान से बात कर जो वेंटिलेटर निजी अस्पतालों में उपयोग में नहीं आ रहे, उन्हें कोरोना मरीजों के लिए अग्रोहा मेडिकल को उपलब्ध करवाने की मांग की। जिसके बाद आईएमए प्रधान जेपीएस नलवा निजी अस्पतालों को निर्देश दिए है कि अगर उनके पास वेंटिलेटर उपलब्ध है जो उपयोग में नहीं आ रहे तो उन्हें अग्रोहा मेडिकल भेज दिया जाए।

मामले में डा. पूनिया ने यह पोस्ट डाली -

दोस्तों कोरोना महामारी बड़ा भयंकर रूप ले चुकी है हर दूसरे व्यक्ति को वेंटिलेटर चाहिए। 25 साल से लेकर बुजुर्ग तक को वेंटिलेटर चाहिए। क्योंकि अब यह महामारी 80 फीसद से लेकर 98 फीसद फेफड़ों को खराब कर रही है और ऐसे हर रोगी को वेंटीलेटर की सपोर्ट चाहिए। हर मरीज को हम अग्रोहा मेडिकल कॉलेज की तरफ भेजने की कोशिश करते हैं लेकिन वहां भी 70 के करीब वेंटीलेटर में से 30 के करीब बिजली की अव्यवस्था के कारण खराब हो चुके हैं।

डा. पूनिया ने पोस्ट डाल कर सिस्टम पर सवाल उठाया -

दोस्तों सोनू नाम की महिला जो गांव गिकाढ़ा भिवानी से संबंध रखती थी और शादी उसकी मालवास भिवानी में हुई थी। लगभग 8 महीने की गर्भवती थी। 10 तारीख को उसे कोरोना हो गया। दादरी सिविल हॉस्पिटल ने उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में उनके रिश्तेदारों का फोन मेरे पास आया। जब वह अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रात को पहुंचे तब डाक्टर गीतिका दुग्गल ने बताया कि उनके पास जगह नहीं है और इसकी डिलिवरी जल्दी करवानी पड़ेगी, जो हिसार में डाक्टर है उन्हें भी हमने ट्रेंड किया हुआ है उसके बाद क्योंकि हिसार हॉस्पिटल में जगह नहीं थी। तो माननीय स्वास्थ्य मंत्री के पीए दलबीर लायचा से गुहार लगाई कि आप इसकी डिलिवरी करवाएं, उन्होंने हिसार सीएमओ को फोन करके बोला इस महिला की प्रीमैच्योरडिलीवरी करवाइये। लेकिन उन्होंने उसे जनरल हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करा दिया।

इस दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता रहा और फिर उनको वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी और जब वेंटिलेटर पर लगाया तो वह वेंटिलेटर भी खराब हो गया। उसके बाद आनन-फानन में उस महिला को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां रात को उसकी प्रीमैच्योर डिलीवरी करवाई गई। इस दौरान उस महिला की मौत हो गई और उसकी बच्ची सकुशल है। दोस्तों मुझे बहुत पश्चाताप है क्योंकि मैं लगातार उस परिवार के संपर्क में था और मैं बच्ची की मां को बचा नहीं पाया।

दोस्तों इन सब मौतों के लिए हमारी राजनीतिक व्यवस्था जिम्मेवार है क्योंकि सब कमान सत्तासीन नेताओं के हाथ में होती है। इसीलिए तो जो वेंटिलेटर पीएम केयर्स फंड से आए थे वो आज तक नहीं चले। दोस्तों 20 मई को आदरणीय प्रधानमंत्री हमारी उपायुक्त महोदया से सीधे संवाद करेंगे। उम्मीद करता हूं कि यह भी पूछ लेंगे कि जो मैंने वेंलिलेटर भिजवाए थे वह ठीक चल रहे हैं या नहीं। दोस्तों बाकी तो आने वाला समय ही बताएगा क्या होता है मेरे खिलाफ एक और इंक्वायरी शुरू होती है या ये वेंटिलेटर चलते हैं।

 

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