नगर निगम ने 13 दिन पहले ठीक कराए थे 42 सीसीटीवी कैमरे, 10 दिन बाद ही बंद हो गए आधे

जेएनएन, हिसार। शहर में 13 स्थानों पर लगवाए 42 सीसीटीवी कैमरे ठीक होने के 10 दिन बाद फिर से बंद होने लगे हैं। आज की तारीख में आधे कैमरे ही चल रहे हैं। इन कैमरों को साढ़े लाख रुपये खर्च कर नगर निगम ने ठीक करवाया था। इन कैमरों को यूपीएस से जोड़ा गया था। इन कैमरों के बंद होने का कारण सिग्नल टूटना बताया जा रहा है।

22 महीने पहले मार्च 2017 में सांसद निधि से 15 लाख रुपये खर्च कर इन कैमरों को लगाया गया था। इन कैमरों को वर्चुअल नेटवर्क से जोड़ा गया था। शहर में अधिक कंट्रक्शन होने के बाद अब इन कैमरों को आपस में सिग्नल नहीं मिल पा रहे हैं। पुलिस विभाग ने कैमरों के बंद होने की सूचना ठेकेदार नीरज को दे दी है। ठेकेदार ने बंद कैमरों की अलग से एलसीडी लगाकर रिकॉर्डिंग शुरू करवा दी है और कैमरों के वायरलेस को ऊंचे स्थान पर लगवाने को टावर कंपनियों से अनुमति मांगी है।

ये कैमरे 12 महीने से बंद पड़े थे। इन कैमरों को स्ट्रीट लाइट के साथ जोड़ा गया था। इस कारण दिन के समय कैमरे बंद रहते थे और रात में स्ट्रीट लाइट ऑन होने के बाद शुरू होते थे। अधिकतर समय कैमरे बंद रहने से ये कैमरे खराब हो गए। इसके बाद नगर निगम ने इन कैमरों को यूपीएस से जुड़वाया था जिस एजेंसी ने इन कैमरों को लगाया था, उसी एजेंसी को ही इसका ठेका दिया गया।

200 मीटर दूर खड़े वाहन की नंबर प्लेट देख सकते हैं कैमरे

शहर में सुरक्षा की दृष्टि से 15 लाख की लागत से एचडी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की खासियत ये है कि 200 मीटर दूर खड़े वाहन की नंबर प्लेट भी कंट्रोल रूम में देखी जा सकती हैं। कैमरों का कंट्रोल रूम एसपी आफिस में है। इसके अलावा वायर कट जाने के बाद भी इन कैमरों में 36 घंटे तक रिकॉर्डिंग हो सकती है।

इन स्थानों पर लगे हैं 42 एचडी कैमरे

. सिरसा चुंगी

. बरवाला चुंगी

. तलाकी गेट

. कैंप चौक

. डाबड़ा चौक

. जिंदल चौक

. महाराणा प्रताप चौक

. मिलगेट चौक

. एचएयू के गेट नंबर दो

. साउथ बाइपास चौक

. कैमरी रोड चौक

. तोशाम रोड चौक

. सब्जीमंडी चौक

--नगर निगम के जेई रामदिया शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से नगर निगम को कैमरे बंद होने की कोई सूचना नहीं दी गई है। कैमरों को ठीक करने के लिए ठेकेदार को कहा जाएगा। ठेकेदार नीरज कुमार ने बताया कि उन्‍हें कंट्रोल रूम से कैमरों के बंद होने की सूचना मिली थी। उन्‍होंने इसकी जांच की तो पता चला कि सिग्नल टूटने के कारण कुछ कैमरें बंद थे। उन्‍होंने इनकी रिकॉर्डिंग फिलहाल शुरू कर दी है। कैमरों के वायरलेस को टावर पर लगाने के लिए अनुमित मांगी है।

 

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