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साइंटिस्ट डॉ. श्रीप्रकाश सिंह ने ही लिखा था सुसाइड नोट

आदित्य राज, गुरुग्राम

सन फार्मा कंपनी में रिसर्च साइंटिस्ट सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे डॉ. श्रीप्रकाश सिंह के परिवार के खत्म होने की जांच एक साल बाद भी पूरी नहीं हुई। उन्होंने जो सुसाइड नोट लिखा था उसकी जांच में भी एक साल का समय लगा दिया गया। पिछले सप्ताह हैंडराइटिग की जांच रिपोर्ट आई है। उसके मुताबिक साइंटिस्ट ने ही सुसाइड नोट लिखा था। इस बात की पुष्टि सेक्टर-50 थाना प्रभारी शाहिद अहमद ने की है। उनका कहना है कि जल्द ही पूरी जांच रिपोर्ट तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के गांव रघुनाथपुरा निवासी 55 वर्षीय डॉ. श्रीप्रकाश सिंह सेक्टर-49 की उप्पल साउथ एंड सोसायटी में परिवार सहित रह रहे थे। पिछले साल 30 जून की रात उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. सोनू सिंह, बेटी अदिति एवं बेटे आदित्य की हथौड़े व चाकू से हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच सेक्टर-50 थाना पुलिस कर रही है। मौके से सुसाइड नोट मिला था। उसमें साइंटिस्ट ने लिखा था कि वह परिवार को नहीं चला पा रहे थे। अब उनके लैपटॉप की जांच रिपोर्ट सामने आनी है। चार प्ले स्कूल चलाती थीं पत्नी

आर्थिक तंगी के चलते परिवार को खत्म करने की बात किसी के गले इसलिए नहीं उतर रही थी कि क्योंकि डॉ. श्रीप्रकाश सिंह की पत्नी डॉ. सोनू सिंह गुरुग्राम एवं पलवल में कुल चार प्ले स्कूल का संचालन कर रही थीं। उनमें 25 से अधिक कर्मचारी काम करते थे। यही नहीं वह सोसायटी के हर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाती थीं। शुरुआती जांच में ही एक बात निकलकर सामने आई थी कि साइंटिस्ट दो महीने से ड्यूटी नहीं जा रहे थे। दो महीने ही ड्यूटी नहीं जाने से वह आर्थिक संकट से जूझ रहे थे, यह बात आज भी किसी के गले नहीं उतर रही है। पूरी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर मुख्य वजह क्या थी।

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