जंगली जानवरों की प्यास बुझाने को अरावली में बनाए जाएंगे तालाब

जंगली जानवरों की प्यास बुझाने को अरावली में बनाए जाएंगे तालाब
Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 08:12 PM (IST) Author: Jagran

सतीश राघव, सोहना

वन विभाग व विभाग की वन्य जीव शाखा ने अरावली के जंगल में विचरण करने वाले वन्य प्राणियों की सुध ली है। अरावली पहाड़ियों में 12 स्थानों पर तालाब बनाए जाएंगे। जिनमें साल भर पानी लबालब भरा रहेगा। लगभग 60 लाख रुपये खर्च वाली इस योजना के सिरे चढ़ने के बाद वन्य जीवों को पानी की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा। वन्य प्राणियों के साथ गांव पंचायत खूंट पुरी के एक सौ एकड़ वन क्षेत्र में रह रही सैंकड़ों नील गायों को भी पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना से अरावली पहाड़ियों की तलहटी में बसे ग्रामीणों को जंगली जानवरों के भय से छुटकारा मिलने की संभावना है। जंगली जानवरों से खौफजदा ग्रामीण कई बार कर चुके जानलेवा हमला

अरावली की पहाड़ी में पीने के पानी की कमी के चलते खासकर गर्मी के मौसम में तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं। 2019 में सोहना के पास तेंदुआ पानी की तलाश में आया था और बंदर का शिकार करने के दौरान हाईटेंशन बिजली की लाइन में उलझ कर जान गंवा बैठा था। चार साल पहले मंडावर गांव में जानलेवा हमला करने के बाद तेंदुआ को ग्रामीणों ने लाठी डंडों से मार गिराया था। तीन साल पहले एक तेंदुआ सोहना की दुर्गा कॉलोनी में घुस आया था और उसने हमला कर दो लोगों को जख्मी कर दिया था। करीब 6 माह पहले गांव मंडावर क्षेत्र में एक लकड़बग्घा लोहे की तार में फंसने से जख्मी हो गया था। अरावली पहाड़ी में पाए जाने वाले जंगली जानवर

सोहना क्षेत्र के वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर राजेश चहल बताते है कि सोहना की अरावली पहाड़ियों में तेंदुआ, गीदड़, लकड़बग्घा, नील गाय, अजगर ,सांप, लोमड़ी, लंगूर, काला मोर, तीतर, कोबरा, नेवला, सहित कई जीव-जन्तु पाए जाते हैं। कहां बनाए जाएंगे तालाब

12 तालाब बनाने के लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है। रोजका गुर्जर क्षेत्र में करीब चार तालाब बनाने की योजना है। इसके अलावा अरावली पहाड़ी एरिया के सांप की नंगली, गैरतपुरबास, मंडावर भोंडसी, सोहना, खूंटपुरी, का मैदानी क्षेत्र शामिल है। मैदानी क्षेत्र गांव पंचायत खूंटपुरी में करीब 100 एकड़ का वन क्षेत्र है, जहां नीलगाय झुंडों में रहती हैं। वन्य प्राणी विग के साथ मिलकर एक योजना तैयार की है, जिससे अरावली पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में नील गायों व अन्य जानवरों को पीने के पानी के लिए तालाब बनाए जाने हैं। इस योजना की मंजूरी के लिए राज्य स्तरीय संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है। हरी झंडी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।

जय कुमार, जिला वन अधिकारी

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