पिछली बार गुरुग्राम होटल में रुके कांग्रेसी विधायक तो गिरी थी MP सरकार, इस बार खतरे में राजस्‍थान सरकार

पिछली बार गुरुग्राम होटल में रुके कांग्रेसी विधायक तो गिरी थी MP सरकार, इस बार खतरे में राजस्‍थान सरकार

तावडू-नौरंगपुर रोड पर स्थित आइटीसी ग्रेंड भारत होटल में दो दिन से राजस्थान के करीब पांच-सात विधायक ठहरे होने की चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि होटल में करीब 86 कमरे हैं।

Prateek KumarSun, 12 Jul 2020 08:47 PM (IST)

तावडू, जागरण संवाददाता। राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच रविवार को भी आइटीसी ग्रेंड भारत होटल सियासत का केंद्र बिंदु बना रहा। होटल में ठहरे राजस्थान के कांग्रेसी विधायकों की एक झलक पाने को पूरे दिन मीडिया ने सुबह से ही डेरा जमाए रखा। वहीं, पुलिस व खुफिया विभाग भी अलर्ट मोड में रहा।

राजस्थान में सियासी घमासान

तावडू-नौरंगपुर रोड पर स्थित आइटीसी ग्रेंड भारत होटल में दो दिन से राजस्थान के करीब पांच-सात विधायक ठहरे होने की चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि होटल में करीब 86 कमरे हैं व इनमें से आठ कमरे इन विधायकों के लिए बुक हैं व इनमें तीन कमरे अभी खाली पड़े हैं। राजस्थान में मचे सियासी घमासान के बीच सीएम गहलोत का आरोप है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व हॉर्स ट्रेडिंग के मार्फत उनकी सरकार को गिराने का काफी लंबे वक्त से षड्यंत्र रच रहा है।

पांच से सात विधायकों के ठहरने की मिल रही सूचना

चर्चा है कि राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट समर्थित कांग्रेसी व कुछ निर्दलीय विधायक गहलोत सरकार से असंतुष्ट हैं व इनमें से पांच-सात के करीब विधायक शुक्रवार रात से तावडू़ के आइटीसी ग्रेंड भारत होटल में ठहरे हैं।

बंद हैं सभी विधायकों के फोन

इन विधायकों को पायलट खेमा का बताया जा रहा है व इन विधायकों के फोन बंद हैं। अभी तक ये भी सामने आया है कि सचिन पायलट की विधायकों से यहां मुलाकात नहीं हो पाई है। जब से ये विधायक आइटीसी के इस होटल में ठहरे हुए हैं तब से देश की मीडिया ने भी यहां डेरा जमाया हुआ है। खुफिया विभाग के अधिकारी अपने आकाओं को पल-पल की रिपोर्ट प्रेषित कर रहे हैं। वहीं, होटल प्रबंधन ने पूरी तरह से मीडिया से दूरी बना रखी।

लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश

केंद्र की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबी हुई है तथा लोकतंत्र को कुचलने पर आमादा है। भाजपा नेतृत्व उनकी पार्टी के विधायकों के साथ खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इस सिस्टम को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। या तो भाजपा नेतृत्व इस सिस्टम से बाज आ जाए अन्यथा कांग्रेस वर्करों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

आफताब अहमद, विधायक (कांग्रेस) नूंह।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.