नमो दैव्य महा दैव्ये : ढाई साल के बेटे की चिता छोड़ कोरोनायोद्धा के रूप में लड़ रहीं डा. नूतन यादव

नमो दैव्य महा दैव्ये : ढाई साल के बेटे की चिता छोड़ कोरोनायोद्धा के रूप में लड़ रहीं डा. नूतन यादव

कुछ लोग अपने काम व समाज के प्रति इतने समर्पित होते हैं कि इसके आगे उनको कुछ भी नहीं दिखता है। मुसीबत में लोगों की सेवा को ही वे परमोधर्म मानते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं सेक्टर 21 में रहने वाली डा. नूतन यादव।

JagranMon, 19 Apr 2021 06:51 PM (IST)

महावीर यादव, बादशाहपुर

कुछ लोग अपने काम व समाज के प्रति इतने समर्पित होते हैं कि इसके आगे उनको कुछ भी नहीं दिखता है। मुसीबत में लोगों की सेवा को ही वे परमोधर्म मानते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं सेक्टर 21 में रहने वाली डा. नूतन यादव। नूतन यादव पलड़ा गांव के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (पीएचसी) में बतौर चिकित्सा अधिकारी तैनात हैं।

कोरोनायोद्धा के रूप में कार्य करते हुए नूतन यादव न रविवार को छुट्टी करती हैं न किसी सरकारी अवकाश के दिन। वे 300 से भी ज्यादा कोविड जांच शिविर लगा चुकी हैं।

कोरोना काल के दौरान जून 2020 में स्वास्थ्य विभाग में डाक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की। हरियाणा सिविल मेडिकल सेवा की परीक्षा पास कर उन्हें सेवा करने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्र की पीएचसी पलड़ा में उनको पहली नियुक्ति मिली। उसी समय से वे पलड़ा पीएचसी में तैनात हैं। नियुक्ति के समय उनका बेटा दो साल छह माह का था।

उन्होंने बेटे की चिता छोड़ लोगों की सेवा करने का बीड़ा उठाया। कई-कई दिन उनको बेटे से भी अलग रहना पड़ता है। उनके ससुर भी दिल के मरीज हैं। कोरोना काल में नियुक्ति के बाद उन्होंने कोरोना जांच के लिए लगातार शिविर लगाने से शुरू किए। वे अब तक 300 से ज्यादा कोरोना जांच के कैंप लगा चुकी हैं।

नूतन यादव अब कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान में लगी हैं। इस अभियान के तहत अभी तक 200 के करीब टीकाकरण शिविर का आयोजन कर चुकी हैं। रोजाना अलग-अलग साइटों पर चार से पांच टीकाकरण शिविर का आयोजन कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग व विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाने का है। टीकाकरण शिविर में जब लोगों की संख्या बढ़ जाती है तो वे खुद भी लोगों को टीका लगाने बैठ जाती हैं। अपने स्टाफ का भी भरपूर सहयोग करती हैं। सर्वश्रेष्ठ कार्य करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीरेंद्र यादव व नेशनल यूथ एसोसिएशन, अर्थ सेवियर फाउंडेशन और कैनविन फाउंडेशन जैसी संस्था नूतन यादव को सम्मानित कर चुके हैं।

नूतन यादव कहती हैं कि कोरोना काल में लोगों की जितनी सेवा की जाए वह कम है। काम के दौरान वह डबल मास्क का प्रयोग करती हैं। बार-बार हाथ धोना व सैनिटाइज करना उनकी प्राथमिकता रहती है। ड्यूटी से घर जाने पर सबसे पहले वह नहाती हैं और ड्यूटी के दौरान पहने कपड़ों को अलग कर पूरी सावधानी बरतती हैं। सभी लोग मास्क का प्रयोग करें और थोड़ी-थोड़ी देर में साबुन से अच्छी तरह रगड़ कर हाथ धोते रहें।

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