नगर निगम सदन की बैठक 15 दिसंबर को होगी

नगर निगम सदन की सामान्य बैठक 15 दिसंबर को होगी। इसके लिए सभी वार्ड पार्षदों से छह दिसंबर तक एजेंडा मांगे गए हैं। वार्डों में विकास कार्यों और समस्याओं को लेकर निगम पार्षद लेखा-जोखा तैयार कर रहे हैं।

JagranThu, 02 Dec 2021 03:56 PM (IST)
नगर निगम सदन की बैठक 15 दिसंबर को होगी

जागरण संवादददाता, गुरुग्राम: नगर निगम सदन की सामान्य बैठक 15 दिसंबर को होगी। इसके लिए सभी वार्ड पार्षदों से छह दिसंबर तक एजेंडा मांगे गए हैं। वार्डों में विकास कार्यों और समस्याओं को लेकर निगम पार्षद लेखा-जोखा तैयार कर रहे हैं। बता दें कि निगम सदन की पिछली बैठक 11 अक्टूबर को हुई थी। नियमानुसार हर महीने बैठक होना अनिवार्य है। लगभग दो महीने बाद अब बैठक होने जा रही है। इस बैठक में शहर में सफाई व्यवस्था गड़बड़ाने, बदहाल ग्रीन बेल्ट, सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं पर चर्चा हो सकती है। पार्कों के अधूरे पड़े कार्यों से संबंधित एजेंडा भी बैठक में रखा जाएगा।

सीएंडडी वेस्ट बना आफत, नहीं हुआ समाधान

सीएंडडी वेस्ट यानी मलबा निपटान के नाम पर निजी एजेंसियों को करोड़ों रुपये का भुगतान करने का मामला भी पार्षद सदन की बठक में उठाएंगे। पार्षदों का कहना है कि 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के बिल मलबा निपटान के नाम पर बना दिए गए। शहर की हवा खराब करने में मलबा और धूल सबसे बड़ा कारण है। निजी एजेंसी प्रगति को ही 43 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान निगम के खजाने से किया गया है। लेकिन शहर में जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हुए हैं। बसई में लगे आइएल एंड एफएस कंपनी के मलबा निस्तारण प्लांट पर भी मलबा निपटान से संबंधित कार्य की स्थिति संतोषजनक नहीं है। मानेसर निगम क्षेत्र में हटाए अवैध विज्ञापन

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: मानेसर निगम क्षेत्र के नए सेक्टरों में कई जगहों पर अवैध विज्ञापन लगे हुए हैं। अवैध विज्ञापनों को हटाने के लिए मानेसर निगम की विज्ञापन शाखा ने बृहस्पतिवार को अभियान चलाया। सेक्टर 83 के नजदीक वाटिका क्षेत्र और रामपुरा रोड पर अवैध विज्ञापनों को फाड़ा गया। एक्सईएन प्रवीण दलाल ने बताया कि टीम ने बिल्डरों द्वारा फ्लैट, प्लाट बेचने आदि से संबंधित टेंट लगाए गए थे, जिनको हटाया गया है। रियल एस्टेट से संबंधित विज्ञापन भी कई साइटों पर पाए गए। टीम ने अवैध विज्ञापनों को हटाकर इनकी अनुमति लेने के लिए कहा है। बता दें कि निगम क्षेत्र में कहीं भी विज्ञापन लगाने के लिए निर्धारित फीस जमा करवाकर स्वीकृति लेनी होती है। अवैध विज्ञापनों के कारण निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

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