top menutop menutop menu

फॉलोअप: सुमेरा हत्याकांड की जांच एसीपी को सौंपी

संवाद सहयोगी, सोहना: गांव निमोठ निवासी सुमेरा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निमौठ चौकी पुलिस पर मामले को दबाने के आरोप लगाए गए। जिसे देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील ने इस केस की जांच एसीपी क्राइम मुकेश कुमार को दी है। चौकी व थाना पुलिस के बजाय जांच एसीपी की अगुवाई में क्राइम ब्रांच की टीम करेगी।

मंगलवार को एसीपी मुकेश गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने उनके सामने भी आरोप लगाया कि सुमेरा की हत्या गांव के ही दो युवकों ने अपहरण करने के बाद की। सुमेरा की पत्नी रामवती ने पहले ही शिकायत में अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगा गांव के दो युवकों पर शक जाहिर किया था। लेकिन पुलिस गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर मामले की तह तक नहीं गई।

बता दें कि सुमेरा को गांव के ही एक परिवार के लोगों ने अपने घर पर काम करने को कहा तो सुमेरा ने मना कर दिया था। जिसके बाद दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। पांच नवंबर से सुमेरा लापता थे। जबकि उनका शव नूंह पुलिस को लावारिस अवस्था में मिला था। नूंह पुलिस ने अज्ञात दिखा दाह संस्कार भी करा दिया था। दैनिक जागरण में जब तीन दिन पहले युवक के लापता होने और हत्या की आशंका की खबर छापी तो नूंह पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया। सोहना थाना पुलिस ने सुमेरा के कपड़ों के आधार पर पहचान कर पहले से ही शक के घेरे में चल रहे दो युवकों को हिरासत में ले लिया था। मंगलवार को भी दोनों से पूछताछ की गई। एक युवक ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। लेकिन रामवती के पक्ष में आए ग्रामीणों ने यह नहीं माना कि अकेले व्यक्ति ने हत्या की। उनका कहना है कि वारदात को अंजाम देने में कई लोग शामिल हैं। लोगों ने स्थानीय पुलिस के रवैये पर भी नाराजगी जताई, जिसके बाद मामले की जांच एसीपी क्राइम को दी गई। मंगलवार को गांव पहुंचे एसीपी ने रामवती व ग्रामीणों ने कहा इस मामले में जो भी दोषी होगा उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच होगी।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.