लाइफस्टाइल : पारंपरिक व आधुनिक फर्नीचर के संयोजन से सज रहे घर

लाइफस्टाइल : पारंपरिक व आधुनिक फर्नीचर के संयोजन से सज रहे घर
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 05:26 PM (IST) Author: Jagran

प्रियंका दुबे मेहता, गुरुग्राम

कोरोना की वजह से रुकी जिदगी को फिर से गतिमान करने के लिए लोग अपने आपको फेस्टिविटीज में डुबो देना चाहते हैं। इसलिए प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद लोग अब इससे निकलने के लिए त्योहारों की तैयारियों में जुट गए हैं। इस समय इंटीरियर में यही देखने को मिल रहा है। लोग अपने घरों के लुक में बदलाव के लिए साज सज्जा के नए-नए तरीके तलाश रहे हैं। इस समय मिक्स एंड मैच फर्निचर से घरों को फ्यूजन लुक दिया जा रहा है।

रीफर्बिश और रीयूज

इंटीरियर डिजाइनर रोजा का कहना है कि वक्त ने जिस तरह से लोगों को पारंपरिक चीजों की याद दिला दी है उसमें लोग अब अपनी यादों की गलियों को अपने घरों में स्थान देना चाहते हैं। ऐसे में पुरानी ओरिजनल कुर्सियों और रस्सी से बनी चीजों को डेकोरेशन में शामिल कर रहे हैं। पुरानी तांत से बुनी कुर्सियां, दादा जी की आरामकुर्सी, पुराने स्टाइल के झूले और टायर पर रस्सी लपेटकर बनाए गए हैंगिग साज-सज्जा को बेहतरीन अंदाज दे रहे हैं।

फ्यूजन का रंग

इंटीरियर डिजाइनर राज सुरी का कहना है कि इस समय फ्यूजन घरों की शान बन रहा है। ऐसे में आधुनिक स्टोर से लाए आलीशान और आरामदायक सोफों के साथ दशकों पुरानी टेबल चेयर की आथेंटीसिटी से घरों में खूबसूरत बदलाव किया जा रहा है। लिविग रूम के बीचोंबीच आधुनिक सोफे और साइड में पड़ी आराम कुर्सी, ट्रेंडी लुक को पूरा कर रही है।

न्यूनता ही अधिकता की धारणा

इंटीरियर जगत में इस समय लेस इज मोर (न्यूनता ही अधिकता) की धारणा ट्रेंड बनकर छाई हुई है। इंटीरियर डेकोरेटर पूनम सोढ़ी के मुताबिक इस बार घरों में अतिरिक्त एक्सेसरीज को नहीं रखने की सलाह दी जा रही है। इसका कारण यह है कि घरों में खाली जगह छोड़ना इन दिनों चलन में है। इसे लोग सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़कर देख रहे हैं। इन दिनों लोग अलग तरीके के इंटीरियर की मांग कर रहे हैं। ऐसे में इस बार रीयूज और रीफर्बिशिग को आधार बनाकर मिक्स एंड मैच डेकोरेशन की जा रही है। इसमें पारंपरिक फर्नीचर का आधुनिक फर्नीचर के साथ क्लब करके घरों को कूल और सौम्य लुक दिया जा रहा है।

- पूनम सोढ़ी, इंटीरियर डिजाइनर बदले माहौल में जहां हर जगह नकारात्मकता छाई हुई है, वहां घरों में सकारात्मक ऊर्जा के लिए अतिरिक्त और बिना काम के फर्नीचर और सजावटी सामानों को हटाया जाना चाहिए। इस बारे में लोग सलाह ले रहे हैं और उन्हें यही बताया जा रहा है कि कम से कम वस्तुओं से घरों को सजाया जाए ताकि घरों में खाली जगह और सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह का स्थान मिल सके।

- ऋषभ केआर ग्रोवर, वास्तु विशेषज्ञ

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.