45 लाख देने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ भोंडसी गांव के तालाब पर

45 लाख देने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ भोंडसी गांव के तालाब पर

शहर में कंक्रीट के खड़े होते जंगलों के कारण पानी की खपत भी बढ़ रही है। भूमिगत जल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। जल की एक एक बूंद को सहेजने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की अनेकों योजनाएं तो बनती है।

JagranSun, 28 Mar 2021 08:32 PM (IST)

महावीर यादव, बादशाहपुर

शहर में कंक्रीट के खड़े होते जंगलों के कारण पानी की खपत भी बढ़ रही है। भूमिगत जल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। जल की एक एक बूंद को सहेजने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की अनेकों योजनाएं तो बनती है। पर शायद प्रशासनिक अधिकारी उन योजनाओं पर काम करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने जलाशयों व तालाबों का जीर्णोद्धार करने की योजना बनाई गई। शायद इस योजना के तहत फाइलों में ही तालाबों का कायाकल्प हो रहा है। भोंडसी गांव की पंचायत ने प्राचीन तालाब के कायाकल्प के लिए पंचायत खाते से 45 लाख रुपये की राशि भी प्रशासन को उपलब्ध करा दी। उसके बाद भी इस तालाब पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।

भोंडसी ग्राम पंचायत का अस्तित्व खत्म कर करीब दो महीने पहले नगर निगम का हिस्सा बना लिया गया। भोंडसी पंचायत जिला की सबसे धनवान पंचायतों में शामिल थी। इस पंचायत के खाते में करीब 70 करोड़ रुपये जमा थे। पहाड़ की तलहटी में बसे इस गांव में कई प्राचीन तालाब जलाशय हैं। पहाड़ का बरसाती पानी इन तालाबों में एकत्रित हो जाता था। धीरे धीरे बरसात कम होने और भूमिगत जल का स्तर नीचे जाने से इन तालाबों का पानी भी सूखने लगा। कई तालाब खत्म भी हो गए। पानी की कमी की वजह से शहर में भी पिछले दो दशक में सैकड़ों तालाबों का अस्तित्व खत्म हो गया।

गुरुग्राम-सोहना रोड के साथ बने प्राचीन तालाब का कायाकल्प करने का जिम्मा गुरुजल सोसायटी ने लिया। गुरुजल सोसायटी ने एक अक्टूबर को पत्र क्रमांक 363 के माध्यम से तालाब के कायाकल्प के लिए 45 लाख रुपये की राशि देने का आग्रह किया। पत्र मिलने के बाद पंचायत ने भी तुरंत एक्शन लिया। तीन अक्टूबर को पंचायत में प्रस्ताव पास कर 45 लाख रुपये की राशि गुरुजल सोसायटी को देने का निर्णय लिया। ग्राम पंचायत ने 45 लाख रुपये की राशि पंचायती राज विभाग को दे दी। छह महीने बाद भी गुरुजल सोसायटी ने इस तालाब के कायाकल्प के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। भोंडसी गांव के लोगों में इस बात को लेकर रोष है।

15 मार्च को जिला उपायुक्त डा. यश गर्ग की अध्यक्षता में हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में 60 तालाबों के कायाकल्प का निर्णय लिया गया। बैठक में दावा किया गया कि पंचायतों के सहयोग और सीएसआर फंड से 11 गांव में तालाबों का जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। जिसमें कासन, वजीरपुर, धर्मपुर, बुढेडा, दौलताबाद, हरियाहेडा, दौला, पलासोली, बिलासपुर, ताजनगर और भोंडसी के तालाब शामिल हैं। भोंडसी गांव के ग्रामीण इस बात पर अचरज में है कि उनके गांव में तो तालाब के कायाकल्प के लिए किसी अधिकारी ने झांक कर भी नहीं देखा तो फिर कायाकल्प किस तरह से हो रहा है। पंचायत में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के कार्यालय को तालाब के कायाकल्प के लिए 45 लाख रुपये की राशि छह महीने पहले दी थी।तालाब पर आज तक भी किसी तरह का कोई काम शुरू नहीं हुआ है। उसमें गांव का गंदा पानी भरा हुआ है। जिसमें से बदबू आती है। समाचार पत्रों में छपी खबरों के माध्यम से पता लगा कि भोंडसी गांव के तालाब का कायाकल्प का काम जोरों पर है।

रामकिशन, पूर्व पंच, ग्राम पंचायत, भोंडसी गुरुजल सोसायटी का आग्रह पंचायत के पास तालाब के कायाकल्प करने के लिए राशि देने का आया था। उनके पत्र के आधार पर पंचायत ने 45 लाख रुपये खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सोहना को चेक के माध्यम से दे दिए गए थे। उसके बाद पंचायत खत्म कर गांव को नगर निगम में शामिल कर लिया गया। अब मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

दुर्गा देवी, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत, भोंडसी

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