सड़कों पर पुराने वाहनों को नहीं चलने दिया जाएगा : संजीव बल्हारा

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए 10 साल से अधिक पुराने डीजल व 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक लगा दी गई है। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस के साथ ही क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने अभियान शुरू कर दिया है। वैसे वाहनों को जब्त करने की विशेष जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की है।

JagranSun, 26 Sep 2021 05:13 PM (IST)
सड़कों पर पुराने वाहनों को नहीं चलने दिया जाएगा : संजीव बल्हारा

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए 10 साल से अधिक पुराने डीजल व 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक लगा दी गई है। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस के साथ ही क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने अभियान शुरू कर दिया है। वैसे वाहनों को जब्त करने की विशेष जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की है। कुछ साल पहले भी अभियान शुरू किया गया था लेकिन धीरे-धीरे ठप हो गया था। इससे लोगों को लगने लगा था कि मेंटिनेंस के आधार जो वाहन बेहतर हैं, उन्हें जब्त नहीं किया जाएगा। आखिर क्या है आदेश, क्या मेंटिनेंस के आधार पर वाहनों को जब्त किया जाएगा या फिर आरसी के आधार पर, हाईवे पर लेन में नहीं चलने वाले वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, ओवरलोड वाहनों के ऊपर किस तरह सख्ती की जा रही है, सहित कई सवालों को लेकर दैनिक जागरण के आदित्य राज ने सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक, मुख्यालय) संजीव बल्हारा से विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत है मुख्य अंश : पुराने वाहनों पर रोक लगाने को लेकर क्या आदेश हैं?

- मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि 10 साल से अधिक पुराने डीजल एवं 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को किसी भी हाल में चलने नहीं दिया जाएगा। इस बारे में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। आदेश में मेंटिनेंस का कहीं कोई जिक्र नहीं है। रजिस्ट्रेशन के दिन से माना जाएगा कि वह कितनी पुराना है। लोग अपनी गाड़ी की आरसी देख लें। उन्हें पता चल जाएगा कि उनकी गाड़ी कितनी पुरानी है। इस पर रोक लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। फील्ड में तैनात अधिकारी व कर्मचारी पुराने वाहनों के ऊपर नजर रख रहे हैं। जैसे ही उन्हें लगता है कि वाहन पुराने हैं, वैसे ही रोककर चालक से पूछताछ की जाती है। सभी चौराहों पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है।

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अब तक अभियान को कितनी सफलता मिल चुकी है? - दरअसल, जैसे ही अभियान शुरू किया जाता है, वैसे ही लोग पुराने वाहन चलाना बंद कर देते हैं। इसके बाद भी इस बार अभियान के दौरान अब तक 40 से अधिक पुराने वाहन जब्त किए जा चुके हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि इस बार चौराहों पर अधिक नजर रखने के साथ ही गलियों में भी नजर रखी जा रही है। कहीं भी पुराने वाहन दिखाई देते हैं, जब्त किए जा रहे हैं। ऐसे में लोग यह समझें कि चौराहे पर ही पकड़े जाएगे। कहीं भी उनके वाहन जब्त किए जा सकते हैं क्योंकि पुलिस हर इलाके में सक्रिय है। नए वाहनों के भी रखरखाव के ऊपर लोग ध्यान दें। रखरखाव सही नहीं होने से भी प्रदूषण फैलता है। प्रदूषण फैलना सभी के लिए खतरनाक है।

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ओवरलोड वाहनों के ऊपर लगाम लगाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं? -ओवरलोड वाहनों के ऊपर लगाम लगाने के लिए केवल चालान किए जा रहे हैं। वाहन ओवरसाइज है तो उसे कटवाने का आदेश दिया जा रहा है। इसका असर दिखने लगा है। ओवरलोड वाहनों की वजह से भी हादसे होते हैं। कई बार ओवरलोड वाहन चलते-चलते पलट जाते हैं। इसे देखते हुए फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों व अधिकारियों को निर्देश हैं कि जहां भी ओवरलोड वाहन दिखाई दे, कार्रवाई करें। लोगों से भी अपील है कि वे सूचना दें। सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। वैसे इस बारे में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से विशेष रूप से कार्रवाई की जाती है। हादसों पर लगाम लगाने के लिए हाईवे पर लेफ्ट लेन में ही भारी वाहनों को चलाने को कहा गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों वाहनों का चालान किया जा रहा है। जिन स्थानों पर अधिक हादसे होते हैं, वहां पर ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है।

पुराने वाहनों पर रोक लगाने के लिए आप लोगों से क्या अपील करना चाहेंगे

- जिदगी अनमोल है। इसके ऊपर सभी को लोगों को गंभीरता से ध्यान देना होगा। पुराने वाहनों में बार-बार गड़बड़ी की शिकायत आती है। इससे हादसे भी होते हैं। प्रदूषण काफी फैलता है। प्रदूषण फैलने से कई तरह की परेशानी पैदा होती है। इसे देखते हुए लोगों से अपील है कि वे पुराने वाहन न चलाएं। जहां तक हादसों का सवाल है तो वाहन तेज रफ्तार में न चलाएं। न ही बच्चों के हाथों में कार या बाइक दें। सड़कों पर वाहन चलाते समय में ओवरटेक करने का प्रयास न करें। काफी हादसे इसी वजह से होते हैं। परिचय

नाम : संजीव बल्हारा

जन्मतिथि : 24 फरवरी 1970

शिक्षा : स्नातक

सेवा : 1994 में सहायक उप निरीक्षक (असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर) के पद पर भर्ती हुए। इसके बाद सब इंस्पेक्टर, फिर इंस्पेक्टर पदोन्नत हुए। गुरुग्राम सहित कई जिलों में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात रहे। वर्ष 2014 के दौरान एचपीएस कैडर मिला। इसके बाद हरियाणा पावर यूटिलिटीज में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी, विजिलेंस) रहे। इसके अलावा फिरोजपुर झिरका एवं नारनौल में भी पुलिस उपाधीक्षक के पद भी कार्य किया। वर्तमान में गुरुग्राम में सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक, मुख्यालय) के पद पर कार्यरत हैं।

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