दिल्ली में लाकडाउन से घटने लगा जिले में औद्योगिक उत्पादन

दिल्ली में लाकडाउन से घटने लगा जिले में औद्योगिक उत्पादन

कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्ली में लागू लाकडाउन गुरुग्राम की औद्योगिक इकाइयों पर भारी पड़ने लगा है। दो दिनों के भीतर गारमेंट सेक्टर के उत्पादन में 30 फीसद से अधिक की कमी आ गई है।

JagranWed, 21 Apr 2021 06:54 PM (IST)

आदित्य राज, गुरुग्राम

कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्ली में लागू लाकडाउन गुरुग्राम की औद्योगिक इकाइयों पर भारी पड़ने लगा है। दो दिनों के भीतर गारमेंट सेक्टर के उत्पादन में 30 फीसद से अधिक की कमी आ गई है। इसके पीछे मुख्य कारण मैनपावर की भारी कमी है। आटोमोबाइल सेक्टर की उन कंपनियों का उत्पादन गिरने लगा है जो कंपनियां दिल्ली के ओखला व अन्य इलाकों से रा-मेटेरियल मंगाती हैं। यदि लाकडाउन लंबा खिंचा तो वैसे स्थिति में आटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियों के उत्पादन पर भी असर दिखने लगेगा क्योंकि कंपनियों के पास अधिक से अधिक 10 से 15 दिन का ही स्टाक होता है।

दरअसल, गुरुग्राम के उद्योग विहार इलाके में ही नहीं बल्कि सेक्टर-37 से लेकर आइएमटी मानेसर की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले काफी श्रमिक दिल्ली के कापसहेड़ा, रजोकरी एवं सालापुर इलाके में रहते हैं। खासकर उद्योग विहार इलाके में काम करने वाले अधिकतर श्रमिक दिल्ली के इलाके में रहते हैं। लाकडाउन की वजह से अधिकतर श्रमिक नहीं आ पा रहे हैं। जो आ रहे हैं वे पुलिस से किसी तरह बचकर। लाकडाउन लागू होने की आशंका से गुरुग्राम इलाके में रहने वाले हजारों श्रमिक गृह प्रदेश चले गए। दोनों कारणों से औद्योगिक इकाइयों में मैनपावर की भारी कमी हो गई है।

उद्यमियों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर एक यूनिट है। कहीं भी बंद करने का असर पर पूरे इलाके के ऊपर पड़ता है। दिल्ली में लाकडाउन है लेकिन असर पूरे एनसीआर में है। अधिकतर औद्योगिक इकाइयों के संचालक से लेकर वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली इलाके में रहते हैं। वे अपनी इकाइयों में नहीं आ पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों पर भरोसा करता है। यदि एक सप्ताह पहले राष्ट्र के नाम उनका संबोधन होता तो श्रमिकों में लाकडाउन लागू किए जाने का डर नहीं पैदा होता। संबोधन के बाद से श्रमिकों को भरोसा बढ़ा है। अब उम्मीद है कि श्रमिकों की घर वापसी पर विराम लगेगा। दिल्ली में लाकडाउन लगाए जाने की घोषणा के साथ ही श्रमिकों की घर वापसी शुरू हो गई। देखते ही देखते गांव डूंडाहेड़ा इलाके से काफी श्रमिक अपने गांव चले गए। दिल्ली के अधिकतर श्रमिक काम करने आ नहीं पा रहे हैं। ऐसे में कैसे काम चलेगा। यदि लाकडाउन लंबा खींचा तो उद्योग विहार की हालत गत वर्ष जैसी हो जाएगी।

-प्रवीण यादव, अध्यक्ष, गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन कोविड 19 के निर्देशों का जो पालन नहीं करते हैं, उनके खिलाफ सख्ती करने की आवश्यकता है न कि लाकडाउन लगाने की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा है कि लाकडाउन को अंतिम विकल्प मानें। दिल्ली में लाकडाउन लगाने का असर यह है कि गुरुग्राम में गारमेंट सेक्टर का उत्पादन 30 फीसद से अधिक गिर गया। अन्य सेक्टर भी प्रभावित हैं।

- हरभजन सिंह, चेयरमैन, फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्रीज, हरियाणा

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