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सदर बाजार में 100 दुकानों को किया गया सील

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: शहर के सदर बाजार में बृहस्पतिवार सुबह-सुबह नगर निगम द्वारा 100 दुकानों को सील कर दिया गया। सीलिग की यह कार्रवाई उन दुकानों पर की गई, जिनके दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर अतिक्रमण किया जा रहा था। इसके अलावा कई दुकानदारों द्वारा पटरी पर रेहड़ी लगवाकर अतिक्रमण कराया जा रहा था। सुबह 5:30 बजे नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. गौरव अंतिल के नेतृत्व में नगर निगम की इन्फोर्समेंट टीम पुलिस बल के साथ सदर बाजार में पहुंची। टीम ने पहले से चिह्नित की गई उन 100 दुकानों को सील कर दिया, जिनके बाहर अतिक्रमण रहता है। इन दुकानों को दो हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करवाने के बाद ही सीलमुक्त किया जाएगा। दुकानदारों को अतिक्रमण न करने के प्रति जागरूक करने के लिए यह सीलिग अस्थाई तौर पर ही की गई है।

कोरोना संक्रमण के कारण सरकार द्वारा बाजारों में शारीरिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी गई है, लेकिन दुकानों के बाहर अतिक्रमण होने के चलते बाजार में आने-जाने वालों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, दुकानों को सील करने के विरोध में दुकानदार करीब ढाई घंटे तक बाजार में धरने पर बैठे रहे। कारोबारी सुमित नारंग, मनीष जैन, मोहित जैन, सुरेंद्र गुप्ता और विपुल मंगला ने बताया कि निगम द्वारा इस तरह की कार्रवाई करना जायज नहीं है। कारोबारियों ने विधायक सुधीर सिगला से फोन पर बातचीत की। दुकानों की सील खुलवाने का आश्वासन मिलने के बाद कारोबारी धरने से उठ गए। कराई थी मुनादी, सील तोड़ी तो होगी कार्रवाई

संयुक्त आयुक्त डॉ. गौरव अंतिल के मुताबिक नगर निगम द्वारा लगातार तीन दिन तक मुनादी के माध्यम से अतिक्रमण नहीं करने के बारे में दुकानदारों से आह्वान किया गया था। इसके बाद बाजार की वीडियोग्राफी करवाकर उन दुकानों की पहचान की गई, जो बार-बार हिदायतें देने के बावजूद भी अतिक्रमण कर रहे थे या अपनी दुकानों के बाहर रेहड़ी-पटरी आदि लगवा रहे थे। ऐसी दुकानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया गया। निगम द्वारा दुकानों को सील करने के साथ ही उन पर नोटिस भी चस्पा किए गए। नोटिस के माध्यम से कहा गया है कि 11 जुलाई, 13 जुलाई और 14 जुलाई को मुनादी के माध्यम से दुकानदारों से अतिक्रमण नहीं करने का आह्वान किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वीडियोग्राफी के दौरान दुकानों के सामने अस्थाई अतिक्रमण पाया गया है। जो दुकानदार बिना नगर निगम की इजाजत के सील को तोड़ेंगे, उनके खिलाफ सहायक अभियंता (प्रवर्तन) द्वारा मुकदमा दायर करवाया जाएगा।

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