ऐसे ही उड़ती रहेगी धूल तो वायु प्रदूषण से कैसे मिलेगी मुक्ति!

ऐसे ही उड़ती रहेगी धूल तो वायु प्रदूषण से कैसे मिलेगी मुक्ति!
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 02:56 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : जैसे-जैसे मौसम का मिजाज सर्द होता जा रहा है वैसे-वैसे आबोहवा की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है। पर्यावरणविद से लेकर आमजन तक हवा की गुणवत्ता के खराब होने में उड़ती धूल को बड़ा कारण माना जा रहा है। शहर में कहीं अंडरपास का तो कहीं फ्लाईओवर का तो कहीं सड़कों को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इन सभी स्थानों से धूल का गुबार हवा में हर समय उड़ते सामान्य बात हो गई है। इसे रोकने को लेकर कहीं कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। वैसे कहने को तो प्रशासनिक स्तर पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का जिले में पूरी सतर्कता के साथ पालन कराया जा रहा है मगर जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ भी नहीं है।

द्वारका एक्सप्रेस-वे के पास से गुजरने वालों का कहना है कि वहां बड़ा ही बुरा हाल है। यहां 24 घंटे धूल उड़ती रहती है। यदि कोई कार के अंदर है तो ठीक है। वह धूल से बच सकता है। लेकिन पैदल, ऑटो और दोपहिया वाहनों से चलने वालों को भारी दिक्कत हो रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे से होकर गुजर रहे उद्यमी संजीव ने बताया कि बड़ा ही बुरा हाल है। यहां निर्माण कार्य चल रहा है फिर भी न तो पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही वायु प्रदूषण को रोकने की कोई व्यवस्था है। पर्यावरणविद विवेक कंबोज का कहना है कि यदि धूल को नियंत्रित कर लिया जाए तो वायु प्रदूषण से शहर को बड़ी राहत मिल जाएगी। इनका कहना है कि फसलों के अवशेष को जलाने के साथ-साथ डीजल आटो पर भी रोक लगानी जरूरी है।

शहर के महावीर चौक, अतुल कटारिया चौक, सोहना रोड, सेक्टर-40 रोड सहित अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। इन सभी स्थानों हमेशा धूल उड़ती रहती है। इन स्थानों से गुजरने वालों का कहना है कि हमेशा धूल उड़ती रहती है किसी प्रकार का कोई ठोस इंतजाम प्रशासनिक स्तर पर नहीं किया गया है। जिससे वातावरण लगातार दूषित होता जा रहा है।

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