चार साल में लिंगानुपात में हुआ उल्लेखनीय सुधार

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: उपायुक्त अमित खत्री ने बृहस्पतिवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें अवगत कराया गया कि जिले में 2015 से यह अभियान चलाया जा रहा है। तब से लेकर इस मामले में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। जनवरी 2019 में जिले में एक हजार लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या 947 दर्ज की गई है, जबकि 2014 में 843 थी।

उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा ने उपायुक्त को बताया कि जिले में पीएनडीटी एक्ट को कड़ाई से लागू किया जा रहा है। भ्रूण के ¨लग की जांच करने वालों को पकड़ने के लिए टीमें गठित की हुई हैं। उपायुक्त ने कहा कि भ्रूण के ¨लग की जांच करने वालों को पकड़वाने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्हें जिला प्रशासन की तरफ से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिला के ¨लगानुपात में सुधार के लिए जो भी कदम उठाने की आवश्यकता होगी, वह प्रशासन जरूर उठाएगा। इस कार्य में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का भी सहयोग लिया जाएगा।

डॉ. राजौरा ने बताया कि जिला में 221 अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनकी चे¨कग समय-समय पर की जाती है। इनमें छह अल्ट्रासाउंड केंद्र सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में लगे हैं। उन्होंने बताया कि भ्रूण की ¨लग जांच करने वालों पर छापेमारी के लिए पिछले चार साल में जिला में 35 रेड डाली गईं। इसके परिणामस्वरूप 23 मामले पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत व 12 एमटीपी एक्ट के तहत दर्ज करवाए गए हैं।

इस बैठक में जिला में पीसी-पीएनडीटी एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गठित जिला एडवाइजरी कमेटी के सदस्य सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा, जिला परियोजना अधिकारी सुनैना, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवल किशोर, ड्रग कंट्रोलर अमनदीप चौहान एवं जिला न्यायवादी भी उपस्थित रहे।

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