बिजली निगम को तीन बार दी फर्जी बैंक गारंटी, निगम अधिकारी मौन

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बादशाहपुर शहरी फीडर को दुरुस्त करने के लिए दो साल पहले कंपनी को 14.86 करोड़ रुपये का टेंडर दिया। टेंडर लेने पर बिजली निगम ने कंपनी से 10 फीसद राशि की बैंक गारंटी मांगी।

JagranThu, 17 Jun 2021 08:39 PM (IST)
बिजली निगम को तीन बार दी फर्जी बैंक गारंटी, निगम अधिकारी मौन

महावीर यादव, बादशाहपुर (गुरुग्राम)

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बादशाहपुर शहरी फीडर को दुरुस्त करने के लिए दो साल पहले कंपनी को 14.86 करोड़ रुपये का टेंडर दिया। टेंडर लेने पर बिजली निगम ने कंपनी से 10 फीसद राशि की बैंक गारंटी मांगी। कंपनी ने तीन बार बैंक गारंटी दी। तीनों बार बैंक गारंटी फर्जी निकली। बिजली निगम को बार-बार धोखा देने के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी इस कंपनी के प्रति चुप्पी साधे हुए हैं। फर्जी बैंक गारंटी देने के बाद भी बिजली निगम के अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराया।

बिजली निगम ने बादशाहपुर उपमंडल के शहरी फीडर को 7 अक्टूबर 2019 को यूपी के मिर्जापुर की डायमंड इंफ्राटेक कंपनी को 14.86 करोड़ रुपये में ठेका दिया। बिजली निगम ने वर्क आर्डर भी जारी कर दिया। काम शुरू करने से पहले बिजली निगम ने कंपनी से 1.46 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी मांगी। कंपनी ने मिर्जापुर के ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स शाखा की बैंक गारंटी के दस्तावेज जमा कराए। बिजली निगम सोहना डिवीजन के कार्यकारी अभियंता ने जब इस बैंक गारंटी की जांच कराई तो संबंधित शाखा ने इस तरह की कोई भी बैंक गारंटी देने की बात से मना कर दिया। कार्यकारी अभियंता ने इस फर्जी बैंक गारंटी की जानकारी कंपनी को आठ जून 2020 को देकर दूसरी बैंक गारंटी जमा कराने को कहा।

डायमंड इंफ्राटेक कंपनी ने पंजाब नेशनल बैंक की कर्नाटक के बेलगांव शाखा से बैंक गारंटी के कागजात बिजली निगम को दिए। बिजली निगम ने जब इसकी जांच कराई तो यह बैंक गारंटी भी फर्जी पाई गई। सोहना डिवीजन के कार्यकारी अभियंता ने फिर से डायमंड इंफ्राटेक कंपनी से बैंक गारंटी जमा करने की गुहार लगाई। तीसरी बार डायमंड इंफ्राटेक कंपनी ने कोलकाता स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा की बैंक गारंटी के दस्तावेज जमा कराए। बिजली निगम सर्किल टू के अधीक्षण अभियंता व सोहना डिवीजन के कार्यकारी अभियंता ने सोहना के उपमंडल अभियंता को इस बैंक गारंटी की जांच के लिए कोलकाता स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा में भेजा। बैंक ने बिजली निगम के अधिकारियों को लिखित में दिया कि उनके यहां से इस तरह की कोई बैंक गारंटी नहीं दी गई है।

तीन बार फर्जी बैंक गारंटी देने वाले कंपनी का बिजली निगम ने 24 दिसंबर 2020 को वर्क आर्डर तो निरस्त कर दिया। पर निगम के साथ लगातार धोखाधड़ी करने पर कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज नहीं कराया गया। बिजली निगम कंपनी प्रबंधन के प्रति इतना सहयोग पूर्ण रवैया क्यों अपना रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।

डायमंड इंफ्राटेक कंपनी का वर्क आर्डर निरस्त करने के साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है। आगे से उसको कोई टेंडर नहीं दिया जाएगा। इस मामले की विभागीय जांच भी की जा रही है। जो भी अधिकारी इसके लिए दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

केसी अग्रवाल, मुख्य अभियंता, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (दिल्ली जोन)

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.