आरोपी से मोबाइल मिलना साबित हुआ, लेकिन झपटमारी साबित नहीं हुई

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : छीनाझपटी के मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके सौंधी की अदालत ने पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी को मोबाइल बरामद मामले में दोषी करार देते हुए अंडरगोन (न्यायिक हिरासत की अवधि को ही पर्याप्त सजा मान लेना) कर दिया है। दोषी से 2 हजार रुपये जुर्माना लेने के भी आदेश दिए गए हैं।

सरकारी अधिवक्ता अनुराग हुड्डा ने बताया सागरपुर नई दिल्ली की ऊषा पंवार ने गत वर्ष 25 मार्च को डीएलएफ सेक्टर 29 पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने बच्चों के साथ क्षेत्र के ¨कगडम ऑफ ड्रिम्स में आई हुई थीं। जब वह गेट नंबर एक पर अपने ड्राइवर की प्रतीक्षा कर रही थीं तभी एक युवक मुंह पर कपड़ा बांधे हुए बाइक पर सवार होकर आया और उनका बैग छीनकर फरार हो गया। बैग में एटीएम कार्ड, सोने की अंगूठी, मोबाइल व 36 हजार रुपये की धनराशि थी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर गुरुग्राम गांव निवासी के सुरेंद्र उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और उसके कब्जे से मोबाइल बरामद हुआ था। मामला अदालत में चला। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए, उनसे आरोपी पर झपटमारी के आरोप तो सिद्ध नहीं हो सके, लेकिन मोबाइल बरामदगी मामले में अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई समयावधि को पर्याप्त मानते हुए अंडरगोन व 2 हजार रुपये जुर्माने के आदेश दिए हैं।

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