नहीं हुई गेहूं की खरीद, किसानों ने लगाया जाम

नहीं हुई गेहूं की खरीद, किसानों ने लगाया जाम

जिले की अनाज मंडियों में 14 दिनों के बाद एक दिन के लिए अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद हुई। इस दौरान अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने मांग कि सरकार गेहूं खरीद के लिए उचित व्यवस्था बनाए। अभी तक भी अनेक किसान हैं जिन्होंने गेहूं नहीं बेची। कम से कम चार से पांच दिन मंडियों में गेहूं खरीदी जाए तभी सभी किसानों की गेहूं बिकेगी। किसानों को गेहूं बेचने के लिए टोकन लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

JagranFri, 14 May 2021 07:52 AM (IST)

जागरण टीम, फतेहाबाद :

जिले की अनाज मंडियों में 14 दिनों के बाद एक दिन के लिए अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद हुई। इस दौरान अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने मांग कि सरकार गेहूं खरीद के लिए उचित व्यवस्था बनाए। अभी तक भी अनेक किसान हैं जिन्होंने गेहूं नहीं बेची। कम से कम चार से पांच दिन मंडियों में गेहूं खरीदी जाए, तभी सभी किसानों की गेहूं बिकेगी। किसानों को गेहूं बेचने के लिए टोकन लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं भूना किसानों ने गेहूं की खरीद न होने पर चंडीगढ़-सिरसा रोड पर जाम लगाते हुए रोष जताया। किसानों ने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसियों ने सही से गेहूं की खरीद नहीं की। इससे उनकी गेहूं नहीं बिकी। उन्होंने कहा कि अधिकारी मनमानी कर रहे है। किसान रमेश, आजाद सिंह व प्रेम कुमार ने लगाया कि भूना में गेहूं की सही से खरीद नहीं बनाई। एक तो सरकार गेहूं की खरीद 30 अप्रैल के बाद बंद कर दी। अब एक दिन की खरीद शुरू की तो उसमें भी सही से व्यवस्था नहीं बनाई। वे बड़ी मुश्किल से गेहूं लेकर आए, लेकिन गेहूं की खरीद न होने पर उन्हें प्रदर्शन करने पर मजबूर किया गया। उन्होंने उपायुक्त से मांग कि गेहूं की खरीद न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद पुलिस थाना के एसएचओ कपिल सिहाग व मार्केट कमेटी के सचिव ईश्वर सिंह ढाका मौके पर आकर किसानों को आश्वासन दिया कि जिन किसानों की वीडियोग्राफी हो गई। उनकी खरीद हर हाल में होगी। इसके बाद करीब 40 मिनट बाद किसानों ने जाम खोला।

--------------------------

टोकन लेने के लिए लगी भीड़ :

अनाज मंडियों में गेहूं बेचने के लिए किसानों को टोकन लेने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। जिले की अधिकांश अनाज मंडियों में टोकन लेने के लिए भीड़ लगी रही। किसान टोकन के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों से आग्रह करते रहे। लेकिन अधिकारियों ने सही से टोकन तक जारी नहीं किए। भट्टकलां मंडी में गेहूं लेकर आए गांव मेहुवाला के किसान सुशील कुमार ने आरोप लगाया कि वह अपने ट्रैक्टर में करीब 15 क्विटल गेहूं लेकर आया था। लेकिन उसका सिर्फ 5 क्विटल गेहूं का ही गेट पास काटा गया। इसके बाद सचिव को शिकायत दी तो पूरी गेहूं का गेट पास काटा गया।

----------------------------

जिले में दो लाख से अधिक क्विटल गेहूं अभी तक नहीं बिकी :

प्रदेश सरकार ने एक दिवसीय गेहूं खरीद का कार्य करते हुए महज 90 हजार क्विटल ही गेहूं की खरीद की। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि 2 लाख क्विटल से अधिक गेहूं अभी मंडी में और आनी है। लेकिन सरकारी खरीद न होने के चलते मंडी में बेचने के लिए नहीं ला पा रहे है। जबकि प्राइवेट गेहूं का भाव 1700 से 1800 रुपये तक है। ऐसे में किसान हताश है। कम से कम सरकार लॉकडाउन में किसानों की फसल खरीदने के लिए उचित व्यवस्था बनाए।

-----------------------

किसानों को सही से जारी हुआ गेट पास : सचिव

किसानों को गेट पास को लेकर किसी प्रकार की शिकायत नहीं आने दी। एक किसान को परेशानी आई तो उसकी समस्या का समाधान करवा दिया गया। जो किसान जितनी गेहूं लेकर आया था। उसकी गेहूं की सही से खरीद करवा दी।

- दिलावर सिंह, मार्केट कमेटी सचिव, भट्टूकलां।

-------------------------

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.