किसानों पर फिर आफत, आज और कल बरसात के साथ ओलावृष्टि की संभावना

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद:

मौसम विभाग का अलर्ट इस बार सटीक साबित हो रहा है। 12 व 13 दिसंबर को मौसम बदलने की संभावना मौसम विभाग जता रहा है। लेकिन 11 दिसंबर दोपहर बाद मौसम एकाएक बदल गया है। आसमान में काले बादल छाने के साथ ही तेज हवाएं भी चलनी शुरू हो गई। यहीं कारण है कि ठंड भी एकाएक बढ़ गई है। अगले दो दिन किसानों के लिए आफत से कम नहीं है। मौसम विभाग तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना जता रहा है। अगर ऐसा हो गया तो किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। 30 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसल का अंकुरण भी नहीं हो पाया है। अगर बरसात के कारण खराब फसल होती है तो अब समय भी नहीं रहेगा किसान इसकी दोबारा बिजाई कर दे। बुधवार दोपहर बाद तेज हवा चलने के कारण तापमान में भी एकाएक गिरावट आ गई है। दोपहर बाद कुछ बूंदाबांदी हुई थी लेकिन इतनी नहीं थी कि कोई इसका प्रभाव पड़े।

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अगले दो दिन आफत भरे हो सकते है

मौसम विभाग ने बुधवार को फिर अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 12 व 13 दिसंबर को तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि होगी और बरसात भी होगी। वहीं 40 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से हवा भी चल सकती है। अगर तेज हवा चलती है तो गन्ने की फसल भी जमीन पर बिछ जाएगी। वहीं सरसों व गेहूं की फसल भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में कुछ किसानों ने तो गेहूं की बिजाई ही रोक दी है। किसानों का कहना है कि नवंबर महीने में बरसात होने के कारण उनकी फसल पहले ही खराब हो गई है। अगर फिर ऐसा हो गया तो वो आर्थिक संकट से कैसे उभर सकते है।

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नवंबर महीने में जिले में यहां हुआ था नुकसान

नवंबर महीने के अंतिम सप्ताह में आई बरसात व ओलावृष्टि का असर 30 गांवों पर पड़ा था। यहीं कारण था कि आज तक ये किसान दोबारा अपनी गेहूं की बिजाई नहीं कर सके। जिन किसानों ने बिजाई कर दी है उन पर फिर संकट मंडराने लग गया है। अगर अब ओलावृष्टि होती है तो गेहूं, सरसों, गन्ना व सब्जियों की फसलें नष्ट हो जाएगी।

------------------------- यह बोले किसान

किसान रमेश कुमार, दिनेश, सुखराज, कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन चार दिन पहले ही गेहूं की बिजाई की है। अगर बरसात हो गई तो यह फसल फिर से नष्ट हो जाएगी। नवंबर महीने भी बरसात के कारण गेहूं की बिजाई प्रभावित हुई थी। इसलिए मौसम साफ रहना चाहिए। वहीं ओलावृष्टि हुई तो गेहूं, चना, गन्ना व सरसों की फसलें नष्ट हो जाएगी। दिसंबर महीने में अब भी गेहूं की बिजाई नहीं हुई है। बरसात के कारण खराब होती है तो उन्हें जौ की बिजाई करनी पड़ेगी। आंकड़ों का गणित से जानिए स्थिति

जिले में गेहूं का रकबा: 1 लाख 92 हजार हेक्टेयर

अब तक गेहूं की बिजाई : 1 लाख 90 हजार हेक्टेयर

27 नवंबर को हुई बरसात से खराब हुई फसल : 60 हजार हेक्टेयर भूमि

जिले में सरसो का रकबा : 20 हजार हेक्टेयर

बरसात हुई तो : 30 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल हो सकती है खराब

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हवा के कारण अधिकतम व न्यूनतम तापमान गिरा

बुधवार को आसमान में बादल छाने व तेज हवा चलने के कारण तापमान में भी एकाएक गिरावट आ गई। अधिकतम तापमान पहली बार 20 डिग्री से नीचे आ गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अगर जिले में दो दिनों तक बरसात होती है तो यह तापमान और गिरेगा। वहीं मौसम विभाग 15 दिसंबर से धुंध छाने की संभावना भी जता रहा है। धुंध छाने के साथ ही वाहन चालकों को परेशानी होगी।

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पिछले दिनों ऐसे बदला रहा तापमान

तिथि अधिकतम न्यूनतम

1 दिसंबर 21 8

2 दिसंबर 21 7

3 दिसंबर 22 8

4 दिसंबर 22 8

5 दिसंबर 21 7

6 दिसंबर 20 7

7 दिसंबर 21 6

8 दिसंबर 22 9

9 दिसंबर 23 8

10 दिसंबर 22 9

11 दिसंबर 19 7

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अगले दो दिनों तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। 12 व 13 को तेज हवाओं के साथ कुछ हिस्सों में तेज बरसात के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। ऐसे में किसान गेहूं की बिजाई ना करे। बरसात के बाद धुंध भी आनी शुरू जाएगी। ऐसे में तापमान में और गिरावट आएगी।

एमएल खिचड़

वरिष्ठ वैज्ञानिक हिसार।

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