किसान पराली प्रबंधन करके पर्यावरण संरक्षण के सहयोग बनें : एसडीएम

किसान पराली प्रबंधन करके पर्यावरण संरक्षण के सहयोग बनें : एसडीएम
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 07:09 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, टोहाना :

एसडीएम नवीन कुमार ने गांव सलेमपुरी के किसान रमन गिल के खेतों में जाकर पराली प्रबंधन कार्य का निरीक्षण किया। एसडीएम ने किसान की प्रशंसा करते हुए कहा कि किसान पराली को जलाने की बजाए सका प्रबंधन करके न केवल पर्यावरण सरंक्षण में सहयोगी बनें, बल्कि इसे अपने लाभ का भी जरिया बनाएं।

उन्होंने कहा कि प्रदूषित वातावरण का मानव के साथ-साथ हर जीव-जंतु के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वातावरण का होना बहुत ही जरूरी है। पर्यावरण की स्वच्छता को बनाए रखने में सभी का सहयोग जरूरी है। इस बार प्रदेश सरकार जीरो बर्निग संकल्प के साथ इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्ण अंकुश के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुश्तैद है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर गठित टीम मौके पर जाकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेगी। कोई भी पराली जलाता है, तो उसका चालान कर जुर्माना किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसान स्वयं जागरूक बनकर पराली को जलाने की बजाए इसके उचित निपटान की दिशा में आगे बढें़। किसान रमन गिल ने कहा कि वे काफी समय से पराली को आग नहीं लगाते और दूसरे किसानों को भी पराली न जलाने बारे जागरूक करते हैं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां उनकी भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होती है, वहीं पर्यावरण प्रदूषित होता है।

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