राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार की नीतियों का किया विरोध

राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार की नीतियों का किया विरोध
Publish Date:Sat, 26 Sep 2020 07:40 AM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, टोहाना:

राइस मिलर्स एसोसिएशन की एक बैठक प्रधान मोंटू अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें उपस्थित राइस मिलर्स ने सरकार द्वारा बनाई गई पॉलिसी को गलत बताया। प्रधान मोंटू अरोड़ा ने कहा कि सरकार से कई बार लिखित व मौखिक बात करने के बाद भी पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी के लागू होने से समस्त हरियाणा में राइस मिल का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज खाद्य दवाइयों से जो फसल पैदा होती है, उसमें मात्र ही 60 किलो चावल निकलते है। जबकि सरकार 67 किलो चावल मांगती है। उन्होंने बताया कि डैमेज व डिस्कलर की मात्रा भी खाद की वजह से बढ़ गई है। जबकि महंगाई व करोना कॉल की वजह से लेबर के खर्चे भी बढ़ गए हैं परंतु सरकार ने मिल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं की। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से चलती आ रही मांग धान व चावल का ट्रांसपोर्टेशन चार्ज अभी तक राइस मिलर्स को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार राइस मिलर्स की मांगों को नहीं मानती, तब तक कोई भी राइस मिलर ना तो धान मिलिग के लिए अपनी रजिस्ट्रेशन करवाएगा ना ही कोई पीआर धान खरीदेगा।

इस अवसर पर उपस्थित मिलर्स ने इस बात पर पाबंद रहने का आश्वासन दिया। बैठक में ईश सरना, दीपक अरोड़ा, प्रवीण कुमार, प्रकाश सैनी, वरुण गुप्ता, जितेंद्र भाटिया, तरसेम बंसल, गौरव भाटिया, जसी आदि राइस मिलर्ज उपस्थित थे।

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