फतेहाबाद में बरसात ने सितंबर महीने में 10 साल का रिकार्ड तोड़ा, 105 एमएम बरसा पानी, नरमा की फसल को नुकसान

जागरण संवाददाता फतेहाबाद जिले में मानसून देरी से आया लेकिन अब जाने का नाम नहीं ले रह

JagranWed, 22 Sep 2021 11:16 PM (IST)
फतेहाबाद में बरसात ने सितंबर महीने में 10 साल का रिकार्ड तोड़ा, 105 एमएम बरसा पानी, नरमा की फसल को नुकसान

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

जिले में मानसून देरी से आया, लेकिन अब जाने का नाम नहीं ले रहा है। जुलाई में 11 साल का रिकार्ड टूटा तो सितंबर महीने में 10 साल का रिकार्ड टूट गया है। फतेहाबाद में इससे पहले 10 साल पहले इतनी तेज बरसात हुई थी जो इस बार 105 एमएम बरसात दर्ज की गई है। बुधवार सुबह 7 बजे से लेकर 11 बजे तक लगातार बरसात होती रही। जिससे जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही नरमा की फसल तबाह हो गई। किसान पिछले छह महीने से नरमा की अच्छी फसल होने की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। जिले में सभी खंडों में मूसलाधार बरसात होने के कारण नरमा की फसल चौपट हो गई है। हर खेत में एक से डेढ़ फुट तक पानी भरा पड़ा है। वहीं बरसात के बाद आई तेज हवां के कारण नरमा व धान की फसल भी जमीन पर बिछ गई है।

बुधवार सुबह 7 बजे शुरू हुई बरसात ने रिकार्ड तोड़ दिए। फतेहाबाद खंड में रिकार्ड 105 एमएम दर्ज की गई है। इसके अलावा रतिया में रिकार्ड तोड़ 83 एमएम बरसात दर्ज की गई है। रतिया में यह पहली बार हुआ है जब इस सीजन सबसे अधिक बरसात हुई है। फतेहाबाद में जुलाई महीने में 145 एमएम बरसात दर्ज की गई थी जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। खेतों में चारों तरफ पानी ही पानी

सितंबर महीने में ही भट्टूकलां व भूना में तेज बरसात होने के कारण पहले ही फसलें खराब हो गई थी। बुधवार को नरमा बेल्ट में बरसात होने के कारण यह फसल भी खराब हो गई है। गांव धांगड़ के किसान लक्ष्मण दास, महेंद्र सिंह, भूप सिंह व विजय व रामनिवास ने बताया कि इतनी बरसात सितंबर महीने में नहीं देखी। अब तो नरमा की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। इसके अलावा सब्जी व धान की फसल भी जमीन पर बिछ गई है। घरों व सरकारी कार्यालयों में भरा पानी

बरसात इतनी अधिक थी कि शहर में अरोड़वंश धर्मशाला रोड, जवाहर चौक, भट्टूरोड व माडल टाउन में एक फुट तक पानी भर गया। जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बीघड़ रोड पर लोक निर्माण विभाग व वन विभाग का कार्यालय भी है। यहां पर भी पानी भर गया। ऐसे में अधिकारियों को कार्यालय में जाने में भी परेशानी हुई। सबसे बड़ी बात कि लघु सचिवालय के प्रथम तल में भी पानी चला गया। शहर में पांच घंटे के बाद पानी निकासी हो सकी। गांव कारियां में गिरी आसमानी बिजली

गांव कारियां में बह एक मकान पर बिजली गिर गई। संयोग से परिवार बाल-बाल बच गया। हालांकि महिला की बाजू पर हलकी चोटें लगी हैं। सुबह साढ़े 7 बजे बलविद्र कंबोज के घर पर बिजली गिरी। उसकी पत्नी ममता रानी ने बताया कि वह बरामदे में खड़ी थी, इसी दौरान तेज गति और आवाज के साथ उसके पास ही बिजली गिरी। परिवार और वह बाल-बाल बच गए। हालांकि उसके बाजू पर चोट लगी है। शहर के नागपाल चौक पर लगा ट्रांसफार्मर नीचे गिरा

बिजली निगम ने कुछ समय पूर्व ही ट्रांसफार्मर लगाया था। सड़क पर पानी भर जाने के कारण खंभों के पास पड़ी जगह में पानी चला गया। जिससे खंभे बिखर गये और ट्रांसफार्मर नीचे आ गिरा। बिजली निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण बड़ा हादसा हो सकता था। जिस समय ट्रांसफार्मर गिरा उस समय बरसात हो रही थी ऐसे में गली में कोई नहीं था। जिससे बड़ा हादसा होने से डर गया। बरसात के कारण शहर में करीब पांच घंटे तक बिजली गुल रही। टोहाना, भूना, रतिया, जाखल व भट्टूकलां में भी जमकर बरसे बदरा

सितंबर महीने में पहली बार ऐसा था जब जिले में झमाझम बरसात हुई। टोहाना में भी अच्छी बरसात हुई। जगह-जगह पानी भर गया। सुबह से बरसात होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वही रतिया, भूना, जाखल व भट्टूकलां में भी तेज बरसात हुई। दोपहर के बाद मौसम साफ हो गया। अब जाने आगे कैसा रहेगा मौसम

आने वाले दिनों में भी राहत कम ही मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने का अनुमान लगाया है। वीरवार को भी जिले में बरसात होगी। उसके बाद दो दिन मौसम ठीक रहेगा और 26 व 27 को फिर हल्की से मध्यम बरसात होगी। ऐसे में किसान पानी निकासी का प्रबंधन अवश्य कर ले। दिनभर बरसात होने के कारण तापमान में गिरावट आई है। बुधवार को अधिकतम तामपान 28 व न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अब जाने किस क्षेत्र में हुई बरसात

फतेहाबाद 105

रतिया 83

टोहाना 26

भट्टूकलां 39

भूना 21

कुलां 23

जाखल 14

नोट: यह बरसात एमएम में है। जिले में 27 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। अनेक जगह तेज बरसात हुई है। वहीं वीरवार को भी बरसात होने की उम्मीद है। किसान पानी निकासी का प्रबंध कर ले। जिले में अनेक जगह फसल खराब होने की सूचना आई है। किसान खराब फसल का फार्म जमा करवाये ताकि उनके यहां जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई हो सके।

डा. राजेश सिहाग, उपकृषि निदेशक फतेहाबाद।

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