सिचाई विभाग की जमीन से कब्जा छुड़वाकर लगाए हजारों पौधे

वन क्षेत्र घटने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। इस बढ़े हुए प्रदूषण अनेक प्रकार की बीमारी के प्रकोप लगातार बना हुआ है। वैसे उत्तर भारत में खेती मानसून पर निर्भर है। मानसून पर्यावरण पर। इसे में पौधों की महता को समझते हुए सिचाई विभाग फतेहाबाद में कार्यरत अधीक्षण अभियंता जिले में अब तक 15 हजार से अधिक पौधे लगा चुके हैं।

JagranMon, 21 Jun 2021 07:00 AM (IST)
सिचाई विभाग की जमीन से कब्जा छुड़वाकर लगाए हजारों पौधे

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

वन क्षेत्र घटने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है। इस बढ़े हुए प्रदूषण अनेक प्रकार की बीमारी के प्रकोप लगातार बना हुआ है। वैसे उत्तर भारत में खेती मानसून पर निर्भर है। मानसून पर्यावरण पर। इसे में पौधों की महता को समझते हुए सिचाई विभाग फतेहाबाद में कार्यरत अधीक्षण अभियंता जिले में अब तक 15 हजार से अधिक पौधे लगा चुके हैं। कई जगह तो पौधे उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा हटवा कर लगाए हैं। करीब पांच साल पहले टोहाना में कार्यकारी अभियंता रहो हुए उन्होंने गांव दमकौरा में सिचाई विभाग की करीब 22 एकड़ जमीन से कब्जा हटवाया। उसके बाद वहां पर पौधे लगवाए। अब उस जमीन पर 8 एकड़ में भव्य खेल स्टेडियम बनाया जा चुका है।

हिसार जिले के गांव गांव सदलपुर के रहने वाले ओपी बिश्नोई अब भाखड़ा जल सेवाएं परिमंडल फतेहाबाद के अधीक्षण अभियंता पद पर कार्यरत हैं। उन्हें पौधे लगाने की प्रेरणा जोधपुर जिले के एकलखोरी गांव के रहने वाले ट्री- मैन राणा राम बिश्नोई से मिली। इसके बाद उन्होंने सिचाई विभाग की करीब 28 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण से बचाने के लिए पौधे लगवाने शुरू किए। आज उनमें से 15 हजार पौधे पेड़ बन गए हैं। उनके पौधे लगाने का अभियान अब भी जारी है। उनके इस पर्यावरण संरक्षण देने वाले अभियान कई प्रकार से फायदा हुआ। अब सिचाई विभाग की नहर के पास लगती जमीनों में पक्षियों व वन्य जीवों को खूब संरक्षण मिला।

--------------

एक-एक पौधे की गई गई मार्किंग :

ओपी बिश्नोई द्वारा लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए उचित व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए पौधों की इंट्री बकायदा रजिस्टर बनाकर की गई। जो पौधे लगाए गए वे हर हाल में पेड़ बने। इसके लिए नियमित रूप से निगरानी की। ऐसे में पौधे आसानी से पेड़ बन गए। ओपी बिश्नोई ने रविवार को बड़ोपल में स्थित सिचाई विभाग के विश्राम गृह में पौधारोपण अभियान चलाते हुए पौधे लगाए। वैसे जिले सिचाई विभाग का ऐसी कोई जगह नहीं, जहां पर फलदार पौधे न लगे हो। छायादार पौधे तो है ही, अब फलदार पौधों को प्राथमिकता से लगाए जाते है। इससे आमजन को भी निशुल्क में पौधों से फल मिलता है।

---------------------

घर पर तैयार की हुई है नर्सरी :

भट्टू रोड पर स्थित अधीक्षण अभियंता के सरकारी आवास में छोटी सी बगिया के साथ नर्सरी तैयार की हुई है। जिसमें 20 से अधिक प्रकार के पौधे खुद तैयार करते है। बाद में इनको जरूरत के अनुसार लगा देते है। इस नर्सरी में वे नीम व जामुन, बकैन, आंवला, अर्जुन सहित अनेक पौधों की गुठलियों विशेष पालीथीन में लगाकर उनकी पौध तैयार करते हैं। ओपी बिश्नोई बताते हैं कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षो से वे हर शुभ कार्यों में पौधारोपण करते है। किसी की सालगिरह हो या जन्मदिन। तो पौधारोपण किया जाता है। विभाग में कर्मचारी की सेवानिवृत्त कार्यक्रम से पहले विभाग में पौधा लगाया जाता है। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

-------------------------

सिचाई विभाग की इन जगहों पर लगाए पौधे :

ओपी बिश्नोई ने अब तक करीब 15 हजार से अधिक पौधे लगाए है जो दरियापुर, भूथनकलां, बड़ोपल, चिम्मो, बुवान चनकोठी, टोहाना, बलियाला, नांगला, चांदपुरा, दमकौरा, नहर कालोनी टोहाना, अलालवास, गोरखपुर सहित सिचाई विभाग की कालोनी व जगह पर पौधे लगाए है।

------------------------------ धरती पर जीवन संभव पौधों की वजह से है। ऐसे में हमें पर्यावरण संरक्षण करना ही होगा। यदि हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो घटते वन क्षेत्र को फिर से बढ़ा सकते है। सिचाई विभाग में पौधारोपण करने से सिचाई विभाग की जमीन सुरक्षित हो गई। अब कही पर जमीन पर कब्जा नहीं है। वहीं पौधों से पर्यावरण संरक्षण खूब हो रहा है। इस सब कार्य में मेरे विभाग के सभी कर्मचारियों ने बखूबी योगदान दिया। अब वहां पर पक्षियों के चहचहाने की आवाज मन को प्रफुल्लित कर देती है।

-ओपी बिश्नोई, अधीक्षण अभियंता,भाखड़ा जल सेवाएं परिमंडल

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.