अब रजिस्ट्री के साथ ही दर्ज होगा इंतकाल, पहले एक महीने के लिए करना पड़ता था इंतजार,

जागरण संवाददाता फतेहाबाद लोगों को इंतकाल के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़े और सि

JagranWed, 22 Sep 2021 07:00 PM (IST)
अब रजिस्ट्री के साथ ही दर्ज होगा इंतकाल, पहले एक महीने के लिए करना पड़ता था इंतजार,

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

लोगों को इंतकाल के लिए बार-बार चक्कर न काटने पड़े और सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया कि भूमि की रजिस्ट्री के साथ उसका इंतकाल कर दिया जाए। प्रदेश सरकार के इस निर्णय अनुसार अब भूमि, प्लाट या मकान की रजिस्ट्री के साथ ही उसका इंतकाल दर्ज कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को इस बारे दिशा निर्देश जारी किए है।

गौरतलब है कि पहले मकान, भूमि और प्लाट की रजिस्ट्री होने पर इंतकाल होने में 45 दिन का समय लग जाता था। कई लोग रजिस्ट्री के बाद इंतकाल भी नहीं करा पाते थे। ऐसे में कुछ लोग रजिस्ट्री कराने के बाद भी जमीन को दूसरे लोगों को बेच देते थे। अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल होने पर पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही फ्राड से भी बच सकेंगे।

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तहसीलदार को जारी किए आदेश

प्रदेश सरकार के आदेश के बाद उपायुक्त महावीर कौशिक ने जिला के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को आदेश जारी किए है कि सरकार और राजस्व विभाग के आदेशों के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री के दिन ही इंतकाल किया जाना अनिवार्य है। इसलिए इसके लिए अतिरिक्त पटवारी, कंप्यूटर आपरेटर की ड्यूटी लगाकर इस बारे में काम शुरू किया जाए। जिला की सभी तहसीलों व उप तहसीलों में यह काम शुरू कर दिया गया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मकान, प्लाट व भूमि की रजिस्ट्री करवाने के साथ ही संबंधित तहसील व सब तहसील में काउंटर से ही दर्ज हुए इंतकाल की प्रति प्राप्त कर सकता है।

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अब जाने क्या होगा फायदा

-रजिस्ट्री के बाद काउंटर से मिलेगा इंतकाल

-अब इंतकाल मिलने के बाद कोई भी संपत्ति बेच सकता है

-ऐसे में रजिस्ट्री होने के बाद लोन भी आसानी से मिल जाएगा

-एक दिन पहले रजिस्ट्री हुई और दूसरे दिन इंतकाल भी बैंक में जमा हो जाएगा

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नए सिस्टम से भी लोगों को फायदा होगा। जमीन से संबंधित जितनी भी रजिस्ट्री होती है उसका इंतकाल पहले 45 दिनों के अंदर मिलता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। रजिस्ट्री करवाने के तुरंत बाद ही काउंटर से इंतकाल मिलेगा। ई-दिशा केंद्र से ही इंतकाल प्राप्त किया जा सकता है। पहले पटवारी या फिर तहसीलदार के यहां पर चक्कर काटने पड़ते थे।

प्रमोद चहल, राजस्व अधिकारी फतेहाबाद।

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