ऐसे कैसे होगा पौधारोपण का टारगेट पूरा, सरकारी कार्यालयों में खराब हुई हजारों ट्री गार्ड

प्रशासन का दावा है कि आगामी एक महीने तक जिले में 17 लाख पौधे लगाएं जाएंगे। इसका अभियान की शुरुआत जिले की स्थापना दिवस यानी 15 जुलाई से हो गई है।

JagranTue, 27 Jul 2021 06:30 AM (IST)
ऐसे कैसे होगा पौधारोपण का टारगेट पूरा, सरकारी कार्यालयों में खराब हुई हजारों ट्री गार्ड

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

प्रशासन का दावा है कि आगामी एक महीने तक जिले में 17 लाख पौधे लगाएं जाएंगे। इसका अभियान की शुरुआत जिले की स्थापना दिवस यानी 15 जुलाई से हो गई है। रविवार को वन महोत्सव मनाते हुए सवा लाख लाख पौधे लगाने का भी प्रशासन ने दावा किया। लेकिन हकीकत इससे उल्टी है। वन विभाग ने जिन विभागों को गत वर्ष पौधे लगाने की जिम्मेदारी थी। उनमें हजारों की संख्या में पौधे तो खराब हुए ही, वहीं लाखों की ट्री गार्ड का मटियामेट कर दिया। पुलिस विभाग ने तो ट्री गार्ड का प्रयोग खुद की सुरक्षा के लिए किया न की पेड़ की सुरक्षा के लिए।

गांव मताना रोड पर बने महिला पुलिस थाने के एक गेट के अंदर 5 से अधिक ट्री गार्ड लगाई हुई है। वहीं थाना के प्रांगण में सैंकड़ों ट्री गार्ड वैसे ही फेंक दिए। इसी तरह वन विभाग के प्रांगण में भी ट्री गार्ड खराब हो रहे है।

वैसे भी वन विभाग आमजन की भागीदारी के बगैर सीधे सरकारी महकमों के माध्यम से जिले में 17 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। ये पौधे शिक्षा, जिला विकास एवं पंचायती राज, पुलिस, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक, सिचाई व खेल सहित अन्य विभागों के माध्यम से लगाए जाने हैं। पिछले दो साल से सरकार के निर्देशानुसार अधिकारी आमजन को पौधे न देकर सीधे कार्यालयों में बैठकर पौधे लगा रहे है। पौधे की नेम प्लेट पर हजारों खर्च, पौधे नहीं बने पेड़

महिला थाना, पंचायत भवन व लघु सचिवालय में स्थित कन्हैया पार्क में राजनेताओं व अधिकारियों के नाम की अनेक प्लेट लगी हुई है। जिसमें अंकित है कि ये पौधा अमुक हस्ती ने लगाया। लेकिन नीचे पौधा ही नहीं है। यानी जिनकी नेम प्लेट है। उन्होंने एक बार महज फोटो सेशन के लिए ही पौधे लगाए। बाद में देखभाल न होने से लगाया गया पौधा नष्ट हो गया। विभाग के अधिकारियों को करनी है पौधे लगाते हुए की फोटो अपलोड :

वन विभाग द्वारा पौधे लगाने का दूसरे विभागों को टारगेट देने के बाद हालत लगातार बदतर हो गई। एक विभाग के अधिकारी ने बताया कि अब प्रतिदिन पौधे लगाने का फोटो आनलाइन अपलोड करना है। ये सरकार के निर्देश है। इसलिए वे जिले के गांवों में जाकर पौधे लगा रहे हैं। हालांकि उनका भी मानना है कि बाद में पौधे की देखभाल सही से न होने से नष्ट हो जाएगा।

इनको नहीं मिले पौधे, महंगे रेट पर खरीदकर लगाए

टोहाना के प्रमुख समाजसेवी एवं भारत विकास परिषद के प्रमुख पदाधिकारी कुश भार्गव ने बताया कि उनकी संस्था हर साल पौधारोपण अभियान चलाती है। इस बारे टोहाना की नर्सरी में पौधे लेने गए तो मना कर दिया गया। वे इसके लिए रुपये देने को भी तैयार थे, लेकिन अधिकारियों ने किसी भी सूरत में पौधे नहीं दिए। इसके बाद उन्होंने बाहर से प्राइवेट नर्सरी से पौधे खरीद कर लगाए। इसी तरह रताटिब्बा के पिका सिंह बताया कि वे अपने गांव में पौधारोपण करना चाहते थे। इसके लिए वन विभाग से आग्रह किया, लेकिन न तो वन विभाग ने खुद पौधे लगाए न ही उन्हें पौधे लगाने के लिए दिए। डीएफओ ने नहीं दिया जवाब :

जगह-जगह खराब हो ट्री गार्ड के बारे में वन विभाग के डीएफओ राजेश कुमार से बात करनी चाहिए तो उनको फोन लगातार बिजी आया।

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