डीसी और एसपी मुफ्त में पी रहे पानी

विनोद कुमार, फतेहाबाद

करीब 16 साल पहले लघु सचिवालय भवन का निर्माण हुआ। निर्माण होने के साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग ने स्पेशल लाइन बिछाकर पानी व सीवरेज का कनेक्शन कर दिया। लेकिन यह किसके नाम किया आज तक विभाग के अधिकारियों को नहीं पता। इस भवन में डीसी, एसपी सहित अनेक विभागों के अधिकारी बैठते है। यहां के अधिकारी पानी भी पीते है लेकिन बिल आज तक नहीं भरा हैं। इसके अलावा शहर में अनेक ऐसे सरकारी भवन है जिन्होंने आज तक पानी का बिल नहीं भरा है। अगर शहर में कोई दो महीने में पानी व सीवरेज का बिल न भरे तो उनका कनेक्शन काटने का नोटिस थमा दिया जाता है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो गया है। जब हर कोई पानी का बिल दे रहा है सरकारी भवनों के अधिकारियों से क्यों नहीं लिया जा रहा है। ऐसा भी नहीं कि कोई विशेष छूट है। शहर में ऐसे कई सरकारी भवन भी जो समय समय पर पानी व सीवरेज का बिल भर रहे है।

फतेहाबाद जिले की स्थापना 15 जुलाई 1997 में हुई थी। लेकिन शहर का विकास 2003 में हुआ। लघु सचिवालय का निर्माण कर दिया। इसके अंदर सभी अधिकारियों का कार्यालय बना दिया गया। लेकिन उस समय जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मुफ्त में पेयजल व सीवरेज लाइन का कनेक्शन कर दिया। 16 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक अधिकारियों ने कोई सूध नहीं ली है। इन विभागों की तरफ पड़ा है इतना बिल

स्थान का नाम बिल बकाया

बीएसएनएल 1 लाख 85 हजार

शिव हंस मॉल 1 लाख 40 हजार

सीनियर मॉडल स्कूल 56000

राजकीय प्राथमिक पाठशाला 28000

राजकीय ग‌र्ल्स स्कूल 25000

राजकीय प्राथमिक स्कूल 55000 इन सरकारी विभागों की फाइल नहीं जनस्वास्थ्य विभाग के पास

-लघु सचिवालय भवन एक

-लघु सचिवालय भवन दो

-पंचायत घर।

-मार्केट कमेटी।

-नागरिक अस्पताल।

-नगरपरिषद कार्यालय। केवल रोडवेज विभाग भर रहा समय पर बिल

सरकारी कार्यालयों का जिक्र करे तो केवल रोडवेज विभाग के अधिकारी समय के अनुसार बिल भर रहे है। इसके अलावा कोई बिल नहीं भरा है। हालांकि अधिकारियों के आवासीय कॉलोनी का रिकॉर्ड जनस्वास्थ्य के पास है। उनका बिल भी भेजा रहा है। कुछ अधिकारियों को छोड़कर वो भी समय पर सीवरेज व पानी का बिल नहीं भर रहे हैं। अगर शहरवासी दो महीने बिल न भरे तो थमा दिया जाता है नोटिस

जनस्वास्थ्य विभाग क अधिकारियों की दोहरी नीति सामने आई है। सरकारी भवनों में रहने वाले अधिकारियों को अधिक पानी के अलावा उनसे रुपये भी नहीं लिए जा रहे है। वहीं शहरवासी अगर दो महीने में पानी व सीवरेज का बिल न भरे तो उनका कनेक्शन काटने का नोटिस भेज दिया जाता है। जिससे शहरवासी भी परेशान है। अगर जल्द ही जनस्वास्थ्य विभाग ने इन कनेक्शनों को वैध नहीं किया तो लोगों में रोष भी बढ़ सकता है। अवैध कनेक्शन वैध करने का अभियान भी कागजों में

पिछले दो सालों ने जनस्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में अवैध कनेक्शनों को वैध करने का दावा कर रहा है। इसके लिए 200 सक्षम युवा भी लगा रखा है। लेकिन शहर में इन अधिकारियों के ये अवैध कनेक्शन क्यों नजर नहीं आए। विभाग के पास एक भी फाइल नहीं है जो इन विभाग को कनेक्शन जारी कर रहा है। शहर में भी अभियान चलाया था तो सरकारी भवन क्यों नजर नही आए। कई सरकारी विभाग है जिनसे कोई पानी का बिल नहीं लिया जा रहा है। अब नए सिरे से काम किया जाएगा। इनकी फाइल भी बनाई जाएगी। जो पानी का बिल नहीं भर रहा है उन्हें नोटिस भी दिया जाएगा।

ओमप्रकाश, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद। मेरे संज्ञान में ऐसा मामला नहीं आया है। आपके माध्यम से पता चला है। इस बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।

डा. धीरेंद्र खड़गटा, उपायुक्त फतेहाबाद

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