प्रत्याशी चुनाव खर्च का विवरण जल्द से जल्द जमा करवाएं : विनायक

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : चुनाव व्यय पर्यवेक्षक कैलाश विनायक कारखिले की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों व चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों-प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए चुनाव पर्यवेक्षक ने कहा कि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 78 के तहत विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी के लिए यह अनिवार्य है कि वह चुनाव में किए गए खर्च का विवरण जमा करवाए। इसके लिए चुनाव परिणाम के पश्चात 30 दिन का समय निर्धारित है। इसलिए सभी प्रत्याशियों व उनके अभिकर्ता चुनावी खर्च का संपूर्ण विवरण चुनाव परिणाम के पश्चात 30 दिन के भीतर की समयावधि में जल्द से जल्द जमा करवाए। ऐसा न करने पर प्रत्याशी को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 78 के तहत विस चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी व उनके अभिकर्ता चुनावी खर्च का विवरण जिसमें प्रत्याशी या चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर किए गए सभी वाउचर्स, खर्च रजिस्टर आदि शामिल हैं, जिला खर्च निगरानी सेल के नोडल ऑफिसर कम डीईटीसी (सेल्स टैक्स) के पास निर्धारित समयावधि में जमा करवा दें। उन्होंने बताया कि नियमानुसार निर्धारित समयावधि व भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप में खर्च विवरण न जमा करवाने पर जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा 10ए के तहत प्रत्याशी को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रत्याशी को चुनाव खर्च विवरण को तैयार करने में किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो वे सहायक खर्च पर्यवेक्षक से मदद ले सकते हैं। बैठक में फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निग अधिकारी एवं उपमंडलाधीश सुरजीत नैन, नायब तहसीलदार चंद्रभान सहित विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी व उनके अभिकर्ता व चुनाव कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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